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बिवांर कांड की सीबीसीआईडी ने जांच शुरू की
Updated Mon, 16 Jul 2018 11:16 PM IST
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हमीरपुर। तीन साल पूर्व हुए बिवांर कांड की सीबीसीआईडी ने जांच शुरू कर दी है। सीबीसीआईडी की ओर से नोटिस मिलने पर ग्रामीणों में हड़कंप मचा है।
25 जुलाई 2015 को सुबह एक किशोरी कोचिंग पढ़ने के लिए घर से सुबह करीब आठ बजे निकली थी। रास्ते में पहले से घात लगाए गांव के जितेंद्र व भूरा पुत्रगण रामकरन यादव ने रास्ते में उससे छेड़खानी की थी। विरोध करने पर उसे मारापीटा था।
जिससे दुखी होकर किशोरी ने घर में मिट्टी का तेल डालकर आत्महत्या कर ली थी। तब पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज किए जाने में हीलाहवाली की तो आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को थाना तिराहा में रखकर जाम लगा दिया था। इसके बाद ग्रामीणों ने थाना परिसर में घुसकर खड़े वाहनों में आग लगा दी थी।
तभी पुलिस की फायरिंग से मोहित पुत्र राकेश पांडेय की मौत हो गई थी। जबकि जयकरन व कल्लू खां के पेट में गोली लगने से घायल हुए थे। एक महीने लगातार गांव में ग्रामीणों का धरना प्रदर्शन हुआ था।
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पूरे घटनाक्रम में 35 लोगों को नामजद व 400 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। जिसमें कुछ युवकों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भी भेज चुकी है। ग्रामीणों ने मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की थी।
तीन साल का समय बीत जाने के बाद सोमवार को सीबीआईडी ने जांच शुरू कर दी है। 23 युवकों को बयान देने के लिए सीबीसीआईडी ने नोटिस भेजा है। युवकों को 17 जुलाई को कानपुर सीबीसीआईडी में बुलाया गया है। कस्बे के आनंद पाठक, जगदीश शुक्ला, छुटकू शुक्ला, किशोरीलाल व नफीस अहमद ने बताया कि थाने से उन लोगों को नोटिस मिला है।
23 लोगों को दी नोटिस, ग्रामीणों में मचा हड़कंप
अमर उजाला ब्यूरो
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25 जुलाई 2015 को सुबह एक किशोरी कोचिंग पढ़ने के लिए घर से सुबह करीब आठ बजे निकली थी। रास्ते में पहले से घात लगाए गांव के जितेंद्र व भूरा पुत्रगण रामकरन यादव ने रास्ते में उससे छेड़खानी की थी। विरोध करने पर उसे मारापीटा था।
जिससे दुखी होकर किशोरी ने घर में मिट्टी का तेल डालकर आत्महत्या कर ली थी। तब पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज किए जाने में हीलाहवाली की तो आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को थाना तिराहा में रखकर जाम लगा दिया था। इसके बाद ग्रामीणों ने थाना परिसर में घुसकर खड़े वाहनों में आग लगा दी थी।
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तभी पुलिस की फायरिंग से मोहित पुत्र राकेश पांडेय की मौत हो गई थी। जबकि जयकरन व कल्लू खां के पेट में गोली लगने से घायल हुए थे। एक महीने लगातार गांव में ग्रामीणों का धरना प्रदर्शन हुआ था।
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पूरे घटनाक्रम में 35 लोगों को नामजद व 400 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। जिसमें कुछ युवकों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भी भेज चुकी है। ग्रामीणों ने मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की थी।
तीन साल का समय बीत जाने के बाद सोमवार को सीबीआईडी ने जांच शुरू कर दी है। 23 युवकों को बयान देने के लिए सीबीसीआईडी ने नोटिस भेजा है। युवकों को 17 जुलाई को कानपुर सीबीसीआईडी में बुलाया गया है। कस्बे के आनंद पाठक, जगदीश शुक्ला, छुटकू शुक्ला, किशोरीलाल व नफीस अहमद ने बताया कि थाने से उन लोगों को नोटिस मिला है।
23 लोगों को दी नोटिस, ग्रामीणों में मचा हड़कंप
अमर उजाला ब्यूरो