{"_id":"62c32eff7e68507e446aa673","slug":"crime-hamirpur-news-knp7058559196","type":"story","status":"publish","title_hn":"लापता मजदूर का शव मिला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लापता मजदूर का शव मिला
विज्ञापन
मृतक सुरेश उर्फ चिंटू फाइल फोटो।
- फोटो : HAMIRPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भरुआसुमेरपुर। दो दिन से लापता अधेड़ मजदूर का शव पशु बाजार के चमड़ा मंडी में झाड़ियों में मिला। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
वार्ड नंबर पांच बसंत नगर निवासी सुरेश उर्फ चिंटू (46) शनिवार दोपहर से गायब था। सोमवार को दोपहर में उसका शव पशु बाजार के चमड़ा मंडी में झाड़ियों में मिला। मां रामदुलारी व परिजनों ने मौके पर पहुंच कर शव की शिनाख्त की। परिजनों का कहना है कि सुरेश नशे का आदी था। नशे के लालच में कोई उसे यहां तक लाया होगा। थानाध्यक्ष भरत कुमार ने बताया कि अभी परिजनों से कोई तहरीर नहीं मिली है। परिजन बता रहे है कि सुरेश नशे का आदी था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट होगी। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। वह अपने पीछे पुत्र सूरज, नीरज, विपिन, पुत्री कल्पना व मां रामदुलारी को रोता- बिलखता छोड़ गया है। पत्नी की आठ वर्ष पूर्व मौत हो चुकी है। पुत्र सूरज सूरत में काम करता है। मृतक के पुत्र नीरज ने बताया कि पिता मजदूरी करते थे। काम न मिलने पर कबाड़ बीन कर परिवार का भरण-पोषण करते थे।
विज्ञापन
वार्ड नंबर पांच बसंत नगर निवासी सुरेश उर्फ चिंटू (46) शनिवार दोपहर से गायब था। सोमवार को दोपहर में उसका शव पशु बाजार के चमड़ा मंडी में झाड़ियों में मिला। मां रामदुलारी व परिजनों ने मौके पर पहुंच कर शव की शिनाख्त की। परिजनों का कहना है कि सुरेश नशे का आदी था। नशे के लालच में कोई उसे यहां तक लाया होगा। थानाध्यक्ष भरत कुमार ने बताया कि अभी परिजनों से कोई तहरीर नहीं मिली है। परिजन बता रहे है कि सुरेश नशे का आदी था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट होगी। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। वह अपने पीछे पुत्र सूरज, नीरज, विपिन, पुत्री कल्पना व मां रामदुलारी को रोता- बिलखता छोड़ गया है। पत्नी की आठ वर्ष पूर्व मौत हो चुकी है। पुत्र सूरज सूरत में काम करता है। मृतक के पुत्र नीरज ने बताया कि पिता मजदूरी करते थे। काम न मिलने पर कबाड़ बीन कर परिवार का भरण-पोषण करते थे।
विज्ञापन