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भूमिगत हुआ गुटका कारोबारी
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भरुआसुमेरपुर। सीजीएसटी का छापा पड़ने के बाद गुटका कारोबारी भाई के साथ भूमिगत हो गया है। मंगलवार को देर रात सीजीएसटी टीम के वापस जाने के बाद बुधवार से दोनों किसी को नजर नहीं आए। इनके आवास के बाहर सन्नाटा पसरा है।
सुबह शाम नौकरों के आने जाने के लिए ही आवास का गेट खुलता है और फिर बंद हो जाता है। दूसरी मंजिल की बालकनी में गुप्ता बंधुओं की महिलाएं व बच्चे जरूर चहल कदमी करते लोगों को नजर आ जाते हैं, लेकिन दोनों भाइयों के दर्शन दो दिन से किसी को नहीं हो रहे हैं। चर्चा है कि मुकदमे के भय से दोनों भाई फिलहाल भूमिगत हो गए। सीजीएसटी टीम ने छापेमारी के दौरान गुप्ता बंधुओं के बेडरूम के गद्दों से 6 करोड़ 31 लाख नकदी बरामद की थी। इसका लेखा-जोखा सीजीएससी के सामने प्रस्तुत करना इनके लिए मुसीबत बना हुआ है।
केंद्र्रीय वस्तु एवं सेवा कर विभाग का छापा पड़ने के बाद दयाल गुटखा का उत्पादन पूरी तरह से ठप हो गया है। इससे एजेंट एवं व्यापारी दूसरे ब्रांडों की तरफ रुख करने लगे हैं। बुंदेलखंड में सुपारी युक्त तंबाकू वाला गुटखा खाने का बहुत ही ज्यादा चलन है। ग्रामीण क्षेत्रों में पुरुषों के साथ 70 से 80 फ़ीसदी महिलाएं इसका सेवन करती हैं। बाजार में तमाम तरह के ब्रांड मौजूद हैं, लेकिन दयाल गुटखा की मांग अन्य ब्रांडों की तुलना में कुछ ज्यादा थी।
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सुबह शाम नौकरों के आने जाने के लिए ही आवास का गेट खुलता है और फिर बंद हो जाता है। दूसरी मंजिल की बालकनी में गुप्ता बंधुओं की महिलाएं व बच्चे जरूर चहल कदमी करते लोगों को नजर आ जाते हैं, लेकिन दोनों भाइयों के दर्शन दो दिन से किसी को नहीं हो रहे हैं। चर्चा है कि मुकदमे के भय से दोनों भाई फिलहाल भूमिगत हो गए। सीजीएसटी टीम ने छापेमारी के दौरान गुप्ता बंधुओं के बेडरूम के गद्दों से 6 करोड़ 31 लाख नकदी बरामद की थी। इसका लेखा-जोखा सीजीएससी के सामने प्रस्तुत करना इनके लिए मुसीबत बना हुआ है।
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केंद्र्रीय वस्तु एवं सेवा कर विभाग का छापा पड़ने के बाद दयाल गुटखा का उत्पादन पूरी तरह से ठप हो गया है। इससे एजेंट एवं व्यापारी दूसरे ब्रांडों की तरफ रुख करने लगे हैं। बुंदेलखंड में सुपारी युक्त तंबाकू वाला गुटखा खाने का बहुत ही ज्यादा चलन है। ग्रामीण क्षेत्रों में पुरुषों के साथ 70 से 80 फ़ीसदी महिलाएं इसका सेवन करती हैं। बाजार में तमाम तरह के ब्रांड मौजूद हैं, लेकिन दयाल गुटखा की मांग अन्य ब्रांडों की तुलना में कुछ ज्यादा थी।
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