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दो वर्ष से वांछित चल रहे आरोपी सचिव को पुलिस ने किया गिरफ्तार
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी नरेंद्र तिवारी।
- फोटो : HAMIRPUR
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कुरारा (हमीरपुर)। भैंसापाली गांव में स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण में 18.59 लाख का घोटाला कर चहेतों के नाम चेक काटकर भुगतान निकालने के मामले पुलिस ने आरोपी ग्राम पंचायत सचिव को गिरफ्तार किया है। इस पर सरकारी धन का गबन करने का मामला दो साल पूर्व दर्ज कराया गया था। संबंधित सचिव को करीब आठ माह पूर्व बर्खास्त भी किया जा चुका है।
ग्राम पंचायत सचिव नरेंद्र तिवारी की पहली तैनाती ब्लाक में वर्ष 2015-16 में हुई थी। तबसे यह कार्य कर रहे थे। तैनाती के दो वर्ष बाद ही इन्होंने अच्छी खासी संपत्ति अर्जित कर ली। स्वच्छ भारत मिशन के तहत भैंसापाली गांव के तहत ग्रामीणों को दिए जाने वाले शौचालयों की चेक अपने सहयोगियों के नाम पर काटकर भुगतान करवा लिया था। इसमें 18.59 लाख रुपये का गबन किया था। तत्कालीन प्रधान अनामिका शुक्ला ने सचिव के खिलाफ डीएम से शिकायत की थी। इस मामलेे की जांच डीपीआरओ ने की थी। जांच में पाया गया कि जिन लोगों के नाम पर चेक जारी की गईं वह भैंसापाली गांव के रहने वाले नहीं थे।
लाखों की इस हेराफेरी में सरकारी धन के दुरुपयोग पर डीपीआरओ ने पूर्व प्रधान के खिलाफ भी मामला दर्ज कराया था। थानाध्यक्ष आनंद कुमार सिंह ने बताया कि पूर्व प्रधान अदालत से स्टे ले चुकी है। वहीं ग्राम बिशोधा थाना रैपुरा जनपद चित्रकूट निवासी बर्खास्त सचिव के खिलाफ धोखाधड़ी कर सरकारी धन गबन करने के मामले में सोमवार की रात बाहर जाने की फिराक में खड़े होने की सूचना पर रोडवेज बस स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी सचिव को पुलिस ने जेल भेजा है।
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ग्राम पंचायत सचिव नरेंद्र तिवारी की पहली तैनाती ब्लाक में वर्ष 2015-16 में हुई थी। तबसे यह कार्य कर रहे थे। तैनाती के दो वर्ष बाद ही इन्होंने अच्छी खासी संपत्ति अर्जित कर ली। स्वच्छ भारत मिशन के तहत भैंसापाली गांव के तहत ग्रामीणों को दिए जाने वाले शौचालयों की चेक अपने सहयोगियों के नाम पर काटकर भुगतान करवा लिया था। इसमें 18.59 लाख रुपये का गबन किया था। तत्कालीन प्रधान अनामिका शुक्ला ने सचिव के खिलाफ डीएम से शिकायत की थी। इस मामलेे की जांच डीपीआरओ ने की थी। जांच में पाया गया कि जिन लोगों के नाम पर चेक जारी की गईं वह भैंसापाली गांव के रहने वाले नहीं थे।
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लाखों की इस हेराफेरी में सरकारी धन के दुरुपयोग पर डीपीआरओ ने पूर्व प्रधान के खिलाफ भी मामला दर्ज कराया था। थानाध्यक्ष आनंद कुमार सिंह ने बताया कि पूर्व प्रधान अदालत से स्टे ले चुकी है। वहीं ग्राम बिशोधा थाना रैपुरा जनपद चित्रकूट निवासी बर्खास्त सचिव के खिलाफ धोखाधड़ी कर सरकारी धन गबन करने के मामले में सोमवार की रात बाहर जाने की फिराक में खड़े होने की सूचना पर रोडवेज बस स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी सचिव को पुलिस ने जेल भेजा है।
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