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Hamirpur News: नुकसान सौ फीसदी, क्षतिपूर्ति नाकाफी
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हमीरपुर। किसानों को फसलों के सौ फीसदी नुकसान की मिल रही क्षतिपूर्ति नाकाफी है। कुछ किसानों को तो मात्र 700 रुपये ही क्षतिपूर्ति मिल सकी है। कुछ किसानों के खातों में अभी तक क्षतिपूर्ति की राशि नहीं आई है। किसानों का कहना है कि फसल बीमा के नाम पर उनके साथ छलावा किया जा रहा है।
जिले के 62,769 किसानों ने वर्ष 2022-23 में अपनी खरीफ फसलों का बीमा कराया था। इसमें 52,300 ऋणी व 10,469 गैर ऋणी किसान शामिल हैं। शासन ने 33 फीसदी नुकसान होने पर क्षतिपूर्ति दिए जाने का प्रावधान निश्चित किया है। पिछले साल आई बाढ़ व बारिश में खरीफ फसलों का नुकसान हुआ था। इस पर 5489 किसानों ने क्षतिपूर्ति के लिए बीमा कंपनी में दावा किया था। 25,710 किसानों की फसलों का नुकसान सर्वे में पाया गया था। बीमा कंपनी ने कुल 28,935 किसानों की फसलों के नुकसान की रिपोर्ट शासन को भेजी थी। इन्हें 16 करोड़ 95 लाख का मुआवजा मिलना था। यह राशि अब किसानों के बैंक खातों में भेजी जा रही है।
बीमा कंपनी यूनीवर्सल सोम्पो के जिला समन्वयक सौरभ तिवारी ने बताया कि पैसा हेड आफिस मुंबई से सीधे किसानों के खातों में डाला जा रहा है। वहां से पूरा पैसा भेजने के बाद सूची मिलने पर ही जानकारी हो सकेगी कि किस किसान को कितनी क्षतिपूर्ति दी गई है। सभी किसानों के खाते में एक-दो दिन में राशि आ जाएगी।
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सुमेरपुर क्षेत्र के पत्योरा गांव निवासी गोमती देवी ने बताया कि उनके नाम आधा हेक्टेयर जमीन है। खरीफ सीजन में तिल की फसल बोई थी। इसमें मात्र एक किलो उत्पादन हुआ है। 700 रुपये क्षतिपूर्ति मिली है। फूला देवी ने बताया कि उन पर दो हेक्टेयर जमीन है। तिल की फसल बोई थी। फसल पूरी तरह नष्ट हो गई थी। नुकसान का दावा किया था। साढ़े छह हजार की क्षतिपूर्ति मिली है। यह नाकाफी है।
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जिले के 62,769 किसानों ने वर्ष 2022-23 में अपनी खरीफ फसलों का बीमा कराया था। इसमें 52,300 ऋणी व 10,469 गैर ऋणी किसान शामिल हैं। शासन ने 33 फीसदी नुकसान होने पर क्षतिपूर्ति दिए जाने का प्रावधान निश्चित किया है। पिछले साल आई बाढ़ व बारिश में खरीफ फसलों का नुकसान हुआ था। इस पर 5489 किसानों ने क्षतिपूर्ति के लिए बीमा कंपनी में दावा किया था। 25,710 किसानों की फसलों का नुकसान सर्वे में पाया गया था। बीमा कंपनी ने कुल 28,935 किसानों की फसलों के नुकसान की रिपोर्ट शासन को भेजी थी। इन्हें 16 करोड़ 95 लाख का मुआवजा मिलना था। यह राशि अब किसानों के बैंक खातों में भेजी जा रही है।
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बीमा कंपनी यूनीवर्सल सोम्पो के जिला समन्वयक सौरभ तिवारी ने बताया कि पैसा हेड आफिस मुंबई से सीधे किसानों के खातों में डाला जा रहा है। वहां से पूरा पैसा भेजने के बाद सूची मिलने पर ही जानकारी हो सकेगी कि किस किसान को कितनी क्षतिपूर्ति दी गई है। सभी किसानों के खाते में एक-दो दिन में राशि आ जाएगी।
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सुमेरपुर क्षेत्र के पत्योरा गांव निवासी गोमती देवी ने बताया कि उनके नाम आधा हेक्टेयर जमीन है। खरीफ सीजन में तिल की फसल बोई थी। इसमें मात्र एक किलो उत्पादन हुआ है। 700 रुपये क्षतिपूर्ति मिली है। फूला देवी ने बताया कि उन पर दो हेक्टेयर जमीन है। तिल की फसल बोई थी। फसल पूरी तरह नष्ट हो गई थी। नुकसान का दावा किया था। साढ़े छह हजार की क्षतिपूर्ति मिली है। यह नाकाफी है।