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Hamirpur News: महिला की हत्या में चतुर सीजेएम कोर्ट में पेश
Thu, 12 Dec 2024 11:40 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Thu, 12 Dec 2024 11:40 AM IST
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हमीरपुर। जरिया थानांतर्गत चलती कार में महिला अमन की हत्या करने के मुख्य आरोपी चतुर सिंह को बी-वारंट पर कानपुर पुलिस ने जिले के सीजेएम कोर्ट में पेश किया।
यहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में फिर कानपुर जेल भेजा गया। मामले में अगली सुनवाई के लिए न्यायालय ने 21 दिसंबर को तिथि तय की है। बीते 21 सितंबर को आरोपी ने मृतका के भाई से 10 लाख रुपये में सुपारी ली थी। इसके बाद अपने साथियों संग मिलकर घटना को अंजाम दिया था।
कानपुर देहात के थाना अकबरपुर के खलीलपुर बाराजोर निवासी धर्मेंद्र ने अपनी बहन अमन व उसके पति सूरज की हत्या के लिए 10 लाख रुपये की सुपारी त्रिभुवन उर्फ चतुर सिंह व वीर सिंह को दी थी।
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चतुर सिंह बीते 21 सिंतबर की रात सूरज व उसके परिवार को चित्रकूट घुमाने के बहाने कार से ले गया था। इसके बाद अपने साथी वीर सिंह, कार चालक संजीव व जगमोहन उर्फ फूफा के साथ मिलकर अमन की हत्या कर दी। उसका गला कसकर जरिया थानाक्षेत्र के अंतर्गत राठ-गोहांड मार्ग पर शव छिपा दिया।
वहीं, आरोपियों ने सूरज व उसके बेटे रामजी को भी मारने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे। बचकर निकले सूरज ने केस दर्ज कराया था। मुकदमे पर पुलिस ने कार चालक संजीव को 22 सिंतबर को गिरफ्तार कर घटना में प्रयोग की गई कार व अमन का शव खोज निकाला था। अमन की हत्या करने वाले एक लाख के इनामी भाड़े के हत्यारे को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया था।
इनामी चतुर सिंह उर्फ चतुरभुज सिंह उर्फ त्रिभुवन सिंह उर्फ बाबा उर्फ कालिया को एसटीएफ ने कर्नलगंज पुलिस के साथ मिलकर लाल इमली के पीछे वाली गली से धर दबोचा था। उसे कानपुर जेल में निरुद्ध किया गया।
उसे अमन की हत्या के मामले में बी-वारंट के माध्यम से तलब किए जाने पर बुधवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। इसके बाद फिर कानपुर जेल भेजा गया। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 21 दिसंबर की तिथि तय की है।
हाजीपुर गांव का रहने वाला है चतुर
पुलिस के अनुसार चतुर सिंह मूल रूप से कानपुर देहात के सिकंदरा थानाक्षेत्र के हाजीपुर गांव का रहने वाला है। चतुर सिंह पर कानपुर नगर, देहात, हमीरपुर जिले में गैंगस्टर, हत्या, हत्या का प्रयास, अपहरण, आर्म्स एक्ट, लूट समेत कई गंभीर धाराओं के मामले दर्ज हैं। वहीं, महिला अमन के दूसरी शादी करने से आहत भाई ने बेइज्जती का बदला लेने के लिए बहन की सुपारी दी थी।
पड़ोस में किराएदार बनकर रहा... फिर रची साजिश
साजिश के तहत त्रिभुवन गुजैनी निवासी सूरज के पड़ोस में किराएदार बनकर रहने लगा था। परिवार का भरोसा जीतने के बाद 21 सितंबर को चतुर, सूरज उसकी पत्नी अमन, बेटे रामजी व बेटी परी को किराए की कार से चित्रकूट ले गया था।
कार में उसने साथियों की मदद से परिवार पर हमला बोला। सूरज ने चलती कार से कूदकर जान बचाई, जबकि अमन की हत्या कर शव हमीरपुर में झाड़ियों में फेंक दिया था। बेटे को अधमरा कर रास्ते में फेंका था और बेटी परी को भी रास्ते में छोड़कर भाग गए थे।
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यहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में फिर कानपुर जेल भेजा गया। मामले में अगली सुनवाई के लिए न्यायालय ने 21 दिसंबर को तिथि तय की है। बीते 21 सितंबर को आरोपी ने मृतका के भाई से 10 लाख रुपये में सुपारी ली थी। इसके बाद अपने साथियों संग मिलकर घटना को अंजाम दिया था।
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कानपुर देहात के थाना अकबरपुर के खलीलपुर बाराजोर निवासी धर्मेंद्र ने अपनी बहन अमन व उसके पति सूरज की हत्या के लिए 10 लाख रुपये की सुपारी त्रिभुवन उर्फ चतुर सिंह व वीर सिंह को दी थी।
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चतुर सिंह बीते 21 सिंतबर की रात सूरज व उसके परिवार को चित्रकूट घुमाने के बहाने कार से ले गया था। इसके बाद अपने साथी वीर सिंह, कार चालक संजीव व जगमोहन उर्फ फूफा के साथ मिलकर अमन की हत्या कर दी। उसका गला कसकर जरिया थानाक्षेत्र के अंतर्गत राठ-गोहांड मार्ग पर शव छिपा दिया।
वहीं, आरोपियों ने सूरज व उसके बेटे रामजी को भी मारने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे। बचकर निकले सूरज ने केस दर्ज कराया था। मुकदमे पर पुलिस ने कार चालक संजीव को 22 सिंतबर को गिरफ्तार कर घटना में प्रयोग की गई कार व अमन का शव खोज निकाला था। अमन की हत्या करने वाले एक लाख के इनामी भाड़े के हत्यारे को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया था।
इनामी चतुर सिंह उर्फ चतुरभुज सिंह उर्फ त्रिभुवन सिंह उर्फ बाबा उर्फ कालिया को एसटीएफ ने कर्नलगंज पुलिस के साथ मिलकर लाल इमली के पीछे वाली गली से धर दबोचा था। उसे कानपुर जेल में निरुद्ध किया गया।
उसे अमन की हत्या के मामले में बी-वारंट के माध्यम से तलब किए जाने पर बुधवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। इसके बाद फिर कानपुर जेल भेजा गया। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 21 दिसंबर की तिथि तय की है।
हाजीपुर गांव का रहने वाला है चतुर
पुलिस के अनुसार चतुर सिंह मूल रूप से कानपुर देहात के सिकंदरा थानाक्षेत्र के हाजीपुर गांव का रहने वाला है। चतुर सिंह पर कानपुर नगर, देहात, हमीरपुर जिले में गैंगस्टर, हत्या, हत्या का प्रयास, अपहरण, आर्म्स एक्ट, लूट समेत कई गंभीर धाराओं के मामले दर्ज हैं। वहीं, महिला अमन के दूसरी शादी करने से आहत भाई ने बेइज्जती का बदला लेने के लिए बहन की सुपारी दी थी।
पड़ोस में किराएदार बनकर रहा... फिर रची साजिश
साजिश के तहत त्रिभुवन गुजैनी निवासी सूरज के पड़ोस में किराएदार बनकर रहने लगा था। परिवार का भरोसा जीतने के बाद 21 सितंबर को चतुर, सूरज उसकी पत्नी अमन, बेटे रामजी व बेटी परी को किराए की कार से चित्रकूट ले गया था।
कार में उसने साथियों की मदद से परिवार पर हमला बोला। सूरज ने चलती कार से कूदकर जान बचाई, जबकि अमन की हत्या कर शव हमीरपुर में झाड़ियों में फेंक दिया था। बेटे को अधमरा कर रास्ते में फेंका था और बेटी परी को भी रास्ते में छोड़कर भाग गए थे।