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कृषि निवेश घोटाले में एक और गिरफ्तार
ब्यूरो, अमर उजाला हमीरपुर
Updated Wed, 14 Dec 2016 11:49 PM IST
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पकड़ा गया आरोपी।
- फोटो : Amar ujala
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तहसील क्षेत्र में वितरित किए गए कृषि निवेश अनुदान में हुई धांधली की जांच में तेजी आई है। पुलिस ने लेखपालों के एक और गुर्गे को गिरफ्तार किया है। उस पर आरोप है कि अपने 38 चेकों से 6.84 लाख का घोटाला किया। ये चेक आरोपी ने दो लेखपालों की मिलीभगत से बनवाई थी। फिलहाल चारों आरोपी लेखपाल फरार चल रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। पुलिस इससे पूर्व भी लेखपालों के एक गुर्गे को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
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वर्ष 2015-16 में आई प्राकृतिक आपदा में क्षेत्र के किसानों को कृषि निवेश अनुदान के तहत राहत राशि का वितरण किया जाना था। लेकिन राहत वितरण राशि में तहसील क्षेत्र में भारी धांधली की गई है। आए दिन इसकी शिकायतें भी होती रहीं। लेकिन अधिकारी नजरअंदाज करते रहे। सूचना अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी से जब धांधली उजागर हुई, तो प्रशासन भी सकते में आ गया और छानबीन शुरू करा दी। इस पर धंाधली खुलनी शुरू हो गई।
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चार लेखपालों की जांच में 52 लाख से अधिक का घोटाला सामने आया। कस्बे में तैनात रहे लेखपाल योगेंद्र प्रसाद पर 34 चेकों के माध्यम से 6,06,708 रुपये का घोटाला तथा पुरैनी में तैनात लेखपाल रामसजीवन पर 232 चेकों के माध्यम से 41,27,903 रुपये, छिबौली में तैनात रहे लेखपाल जगतराम पर 35 चेकों के माध्यम से 3,67,894 रुपये की धांधली का आरोप लगा है। जबकि बौखर में तैनात रहे रामजीवन दुबे पर 12 चेकों के माध्यम से 1,64,571 रुपये की धनराशि गबन करने का आरोप है।
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जांच के बाद तहसीलदार मनोज कुमार ने 19 अक्तूबर को चारों लेखपालों के विरुद्ध फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी धन हड़पने का मामला जरिया थाने में दर्ज कराया था। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने लेखपाल के साथ रहने वाले कस्बा निवासी जयहिंद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। चारों लेखपालों को निलंबित भी किया जा चुका है।
मामले की जांच कर रहे सरीला चौकी प्रभारी आरडी यादव ने बताया कि बैंकों से एडवाइज देरी से मिलने से जांच प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि कालका प्रसाद उर्फ कल्लू निवासी बंडवा थाना मुस्करा हाल निवासी अतरौलिया राठ को गिरफ्तार किया गया है। उस पर आरोप है कि लेखपाल रामसजीवन के क्षेत्र की 18-18 हजार रुपये की 33 चेक व लेखपाल जगत के क्षेत्र की 18-18 हजार की पांच चेकों को अपने चहेतों को दिलाया और फिर धनराशि का बंदरबाट किया।
आरोपी कालका प्रसाद ने पुलिस को बताया कि यह चेक उसे लेखपालों ने ही दी थी। खातों में पैसा आने के बाद आधा पैसा लेखपाल को दिया था। जिसके बदले में उसे मेहनताना मिलता था। जांच अधिकारी ने बताया कि अब तक 6.83 लाख का घोटाला कालका प्रसाद द्वारा उजागर हुआ है। यह सभी चेक एसबीआई राठ व सरीला व एक अन्य से भुगतान कराई गई हैं। फिलहाल आरोपी लेखपाल फरार चल रहे हैं। जिनकी तलाश की जा रही है।