{"_id":"43-107382","slug":"Hamirpur-107382-43","type":"story","status":"publish","title_hn":"चोरी के आरोपियों की जमानत खारिज ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चोरी के आरोपियों की जमानत खारिज
Hamirpur
Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
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हमीरपुर। मुख्यालय के सुभाष चौराहा पर अली ब्रदर्स ज्वैलर्स की दुकान में हुई चोरी के पकड़े गए 4 आरोपियों की जिला न्यायाधीश ने सुनवाई करने के बाद जमानत याचिकाएं खारिज कर दी। अदालत ने इन्हें अंतरजनपदीय गैंग माना है।
बीते 26 अक्तूबर को सुबह करीब 3.45 बजे मुख्यालय के मुख्य बाजार के चौराहा स्थित अली ब्रदर्स की सर्राफा दुकान के शटर व चैनल के ताले तोड़कर चोर जेवरों से भरी लॉकर को स्कॉर्पियों में लादकर ले गए। इस घटना को पुलिस ने चुनौती मानकर खुलासे को छह टीमें लगाई। लेकिन खुलासे में अहम रोल एसओजी व सदर कोतवाली की टीम ने अदा किया। पुलिस ने 3 नवंबर को दयाराम सिंह निवासी रामबिहार कालोनी पला रोड़ थाना सासनी गेट अलीगढ़, रामचरन सिंह निवासी टिकौनिया नगला थाना क्वारसी अलीगढ़, जसवंत सिंह निवासी करहला गौखा थाना गौण्डा अलीगढ़, सुंदरलाल निवासी गांव हकीमगढ़ी थाना हरदुआगंज अलीगढ़ को पकड़ने के बाद अदालत में पेश किया। जहां से कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया। आरोपियों ने जमानत के लिए जनपद न्यायाधीश की अदालत में याचिकाएं डालीं। लेकिन प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता दिनेश शर्मा ने बताया कि जनपद न्यायाधीश दिवाकर सिंह ने आरोपियों की याचिकाओं पर सुनवाई की। लेकिन अंतरजनपदीय गिरोह होने के चलते उन्होंने जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं।
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बीते 26 अक्तूबर को सुबह करीब 3.45 बजे मुख्यालय के मुख्य बाजार के चौराहा स्थित अली ब्रदर्स की सर्राफा दुकान के शटर व चैनल के ताले तोड़कर चोर जेवरों से भरी लॉकर को स्कॉर्पियों में लादकर ले गए। इस घटना को पुलिस ने चुनौती मानकर खुलासे को छह टीमें लगाई। लेकिन खुलासे में अहम रोल एसओजी व सदर कोतवाली की टीम ने अदा किया। पुलिस ने 3 नवंबर को दयाराम सिंह निवासी रामबिहार कालोनी पला रोड़ थाना सासनी गेट अलीगढ़, रामचरन सिंह निवासी टिकौनिया नगला थाना क्वारसी अलीगढ़, जसवंत सिंह निवासी करहला गौखा थाना गौण्डा अलीगढ़, सुंदरलाल निवासी गांव हकीमगढ़ी थाना हरदुआगंज अलीगढ़ को पकड़ने के बाद अदालत में पेश किया। जहां से कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया। आरोपियों ने जमानत के लिए जनपद न्यायाधीश की अदालत में याचिकाएं डालीं। लेकिन प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता दिनेश शर्मा ने बताया कि जनपद न्यायाधीश दिवाकर सिंह ने आरोपियों की याचिकाओं पर सुनवाई की। लेकिन अंतरजनपदीय गिरोह होने के चलते उन्होंने जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं।
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