{"_id":"5cdda834bdec220783608630","slug":"31558030388-hamirpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पत्योरा (हमीरपुर)। क्षेत्र के गांवों में पेयजल का संकट गहराने लगा है। इसके लिए शासन व प्रशासन गंभीर है, लेकिन ग्राम स्तर पर कर्मचारी लापरवाही बरत रहे हैं। जिससे लोगों को पेयजल के लिए भारी किल्लत उठानी पड़ रही हैं।
पत्योरा निवासी अरविंद सिंह, भूरा सिंह आदि ने बताया दो वर्ष से मोहल्ले का हैंडपंप रिबोर के लिए पड़ा है। दूसरे मोहल्ले के हैंडपंपों से पानी लाना पड़ रहा है। बड़ाकछार निवासी अरविंद सिंह, अरुण कुमार ने बताया मोहल्ले में दो हैंडपंप हैं। लेकिन दोनों खराब हैं। एक का रिबोर होना है तो दूसरा तकनीकी खराबी के चलते चार माह से ठप है।
बरातशाला के पास लगा हैंडपंप भी एक वर्ष से ठप है। जिससे पानी का संकट बना रहता है। सुरौली बुजुर्ग ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रामफूल निषाद ने बताया कि करीब तीन हैंडपंप रिबोर के लिए पड़े हैं। मशीन न मिल पाने से काम रुका है। जल्द ही मशीन आने वाली है। जिससे सभी हैंडपंपों का रिबोर कराया जाएगा।
विज्ञापन
कहा कि करीब चार हैंडपंप का जलस्तर नीचे जाने व तकनीकी कमी से बंद हैं। डीपीआरओ दुर्गा प्रसाद तिवारी ने बताया जहां पेयजल समस्या की शिकायत मिलती है। वहां तत्काल पीने के पानी का निदान कराया जा रहा है। सभी सचिवों व ग्राम प्रधानों को निर्देशित किया है कि सभी हैंडपंपों को ठीक कराए जाएं।
विज्ञापन
पत्योरा निवासी अरविंद सिंह, भूरा सिंह आदि ने बताया दो वर्ष से मोहल्ले का हैंडपंप रिबोर के लिए पड़ा है। दूसरे मोहल्ले के हैंडपंपों से पानी लाना पड़ रहा है। बड़ाकछार निवासी अरविंद सिंह, अरुण कुमार ने बताया मोहल्ले में दो हैंडपंप हैं। लेकिन दोनों खराब हैं। एक का रिबोर होना है तो दूसरा तकनीकी खराबी के चलते चार माह से ठप है।
विज्ञापन
बरातशाला के पास लगा हैंडपंप भी एक वर्ष से ठप है। जिससे पानी का संकट बना रहता है। सुरौली बुजुर्ग ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रामफूल निषाद ने बताया कि करीब तीन हैंडपंप रिबोर के लिए पड़े हैं। मशीन न मिल पाने से काम रुका है। जल्द ही मशीन आने वाली है। जिससे सभी हैंडपंपों का रिबोर कराया जाएगा।
विज्ञापन
कहा कि करीब चार हैंडपंप का जलस्तर नीचे जाने व तकनीकी कमी से बंद हैं। डीपीआरओ दुर्गा प्रसाद तिवारी ने बताया जहां पेयजल समस्या की शिकायत मिलती है। वहां तत्काल पीने के पानी का निदान कराया जा रहा है। सभी सचिवों व ग्राम प्रधानों को निर्देशित किया है कि सभी हैंडपंपों को ठीक कराए जाएं।