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Hamirpur News: गूगल-पे से भुगतान लेने वालों पर नजर 206 व्यापारी चिह्नित
Sun, 27 Jul 2025 12:30 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Sun, 27 Jul 2025 12:30 AM IST
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हमीरपुर। गूगल-पे से भुगतान लेने वाले छोटे व बड़े सभी व्यापारियों से अब टैक्स लेने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए राज्यकर विभाग ने चिह्नांकन का काम भी शुरू कर दिया है। वहीं जिले में व्यापारियों की संख्या 206 बताई जा रही है। इनमें केवल 86 पंजीकृत है। इसे लेकर व्यापारियों में नाराजगी दिखी।
राज्य कर विभाग हमीरपुर के डिप्टी कमिश्नर कृष्ण प्रकाश ने बताया कि गूगल-पे से भुगतान लेने वाले जिन व्यापारियों का साल में 40 लाख रुपये का टर्न ओवर है, उनसे टैक्स लेने का निर्णय लिया है। कुछ पंजीकृत व्यापारी तो राज्य कर विभाग को टैक्स दे रहे हैं। जो लोग टैक्स नहीं दे रहे हैं उन्हें चिह्नित करना शुरू कर दिया गया है। इसमें बैंकों का सहयोग भी लिया जाएगा।
ज्यादातर खाद्य पदार्थों में सब्जी, दाल, चावल, गेहूं, दलहन में कोई टैक्स नहीं लिया जा रहा है। मंडी समिति से जो टैक्स पहले मिलता था उस टैक्स को शासन ने माफ कर दिया है। इसमें राजस्व में कमी आई है। राज्यकर विभाग में अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सुरेश चंद्र गुप्ता का कहना है कि सरकार व्यापारियों पर इतने टैक्स लगाती जा रही है, जिससे व्यापारी परेशान हैं। यदि व्यापारियों का पैसा सीज कर दिया जाएगा तो व्यापार कहा से होगा। इसी प्रकार व्यापारी नेता राकेश साहू, गणेश प्रसाद, हृदेश मिश्रा, नीरज कश्यप का कहना है कि टैक्स के नाम पर व्यापारियों का उत्पीड़न हो रहा है। जबकि सरकार को व्यापारी ही सबसे ज्यादा टैक्स देते हैं।
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राज्य कर विभाग हमीरपुर के डिप्टी कमिश्नर कृष्ण प्रकाश ने बताया कि गूगल-पे से भुगतान लेने वाले जिन व्यापारियों का साल में 40 लाख रुपये का टर्न ओवर है, उनसे टैक्स लेने का निर्णय लिया है। कुछ पंजीकृत व्यापारी तो राज्य कर विभाग को टैक्स दे रहे हैं। जो लोग टैक्स नहीं दे रहे हैं उन्हें चिह्नित करना शुरू कर दिया गया है। इसमें बैंकों का सहयोग भी लिया जाएगा।
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ज्यादातर खाद्य पदार्थों में सब्जी, दाल, चावल, गेहूं, दलहन में कोई टैक्स नहीं लिया जा रहा है। मंडी समिति से जो टैक्स पहले मिलता था उस टैक्स को शासन ने माफ कर दिया है। इसमें राजस्व में कमी आई है। राज्यकर विभाग में अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सुरेश चंद्र गुप्ता का कहना है कि सरकार व्यापारियों पर इतने टैक्स लगाती जा रही है, जिससे व्यापारी परेशान हैं। यदि व्यापारियों का पैसा सीज कर दिया जाएगा तो व्यापार कहा से होगा। इसी प्रकार व्यापारी नेता राकेश साहू, गणेश प्रसाद, हृदेश मिश्रा, नीरज कश्यप का कहना है कि टैक्स के नाम पर व्यापारियों का उत्पीड़न हो रहा है। जबकि सरकार को व्यापारी ही सबसे ज्यादा टैक्स देते हैं।
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