{"_id":"595e81854f1c1b8a628b4589","slug":"201499365765-hamirpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन पशुशालाओं के छह कमरे जलकर राख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन पशुशालाओं के छह कमरे जलकर राख
Updated Thu, 06 Jul 2017 11:59 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर। जिला मुख्यालय के साथ लगते गांव मसियाणा के मटेहड़ू गांव में बीती राम तीन पशुशालाएं आग की भेंट चढ़ गई हैं। इससे करीब तीन लाख रुपये के नुकसान का अनुमान हैं। आग का कारण शॉर्टसर्किट बताया जा रहा है। दमकल कर्मियों ने दो वाहनों के साथ मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पाया। गनीमत रही कि पशुशालाओं से आग की लपटें उठती देख पशुओं को बाहर निकाल लिया गया। बुधवार रात करीब नौ बजे ब्रह्मी देवी पत्नी स्व. ब्रह्मदास निवासी मटेहड़ू, मधुसूदन पुत्र स्व. ब्रह्मदास और जगरनाथ पुत्र लक्ष्मण सिंह निवासी मटेहड़ू की पशुशाला से आग की लपटें उठने लगी। देखते ही देखते पशुशालाओं से आग की लपटें उठने लगी। परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना दमकल विभाग को दी। दमकल विभाग मौके पर पहुंचा, लेकिन आग की लपटें अधिक होने से दूसरे दमकल वाहन को भी मौके पर बुलाया। दोनों वाहनों से आग पर काबू नहीं पाया तो दोनों वाहनों से जिला मुख्यालय में स्थित वाटर फायर हाइड्रेंट से दोबारा दमकल वाहनों में पानी भरकर आग बुझाने के लिए ले जाना पड़ा। हालांकि आग लगने का कोई सुराग अब तक नहीं मिल पाया है। प्रारंभिक छानबीन में आगजनी का कारण शॉर्टसर्किट बताया जा रहा है। दमकल विभाग के इंचार्ज संत राम ठाकुर का कहना है कि आग में करीब तीन लाख के नुकसान का अनुमान है। दो दमकल वाहनों के माध्यम से आग पर काबू पाया गया है।
विज्ञापन
हमीरपुर। जिला मुख्यालय के साथ लगते गांव मसियाणा के मटेहड़ू गांव में बीती राम तीन पशुशालाएं आग की भेंट चढ़ गई हैं। इससे करीब तीन लाख रुपये के नुकसान का अनुमान हैं। आग का कारण शॉर्टसर्किट बताया जा रहा है। दमकल कर्मियों ने दो वाहनों के साथ मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पाया। गनीमत रही कि पशुशालाओं से आग की लपटें उठती देख पशुओं को बाहर निकाल लिया गया। बुधवार रात करीब नौ बजे ब्रह्मी देवी पत्नी स्व. ब्रह्मदास निवासी मटेहड़ू, मधुसूदन पुत्र स्व. ब्रह्मदास और जगरनाथ पुत्र लक्ष्मण सिंह निवासी मटेहड़ू की पशुशाला से आग की लपटें उठने लगी। देखते ही देखते पशुशालाओं से आग की लपटें उठने लगी। परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना दमकल विभाग को दी। दमकल विभाग मौके पर पहुंचा, लेकिन आग की लपटें अधिक होने से दूसरे दमकल वाहन को भी मौके पर बुलाया। दोनों वाहनों से आग पर काबू नहीं पाया तो दोनों वाहनों से जिला मुख्यालय में स्थित वाटर फायर हाइड्रेंट से दोबारा दमकल वाहनों में पानी भरकर आग बुझाने के लिए ले जाना पड़ा। हालांकि आग लगने का कोई सुराग अब तक नहीं मिल पाया है। प्रारंभिक छानबीन में आगजनी का कारण शॉर्टसर्किट बताया जा रहा है। दमकल विभाग के इंचार्ज संत राम ठाकुर का कहना है कि आग में करीब तीन लाख के नुकसान का अनुमान है। दो दमकल वाहनों के माध्यम से आग पर काबू पाया गया है।