{"_id":"5711168b4f1c1b330d4a6b26","slug":"trangender-day-celeberation-in-gorakhpur","type":"story","status":"publish","title_hn":"अधिकारों के लिए एकजुट हुए किन्नर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अधिकारों के लिए एकजुट हुए किन्नर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Fri, 15 Apr 2016 09:57 PM IST
विज्ञापन
होटल शिवाय में एकता सेवा संस्थान द्वारा किन्नर दिवस पर नाटक का मंचन किया गया।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीसरे ट्रांसजेंडर डे पर अधिकारों की मांग को लेकर शहर के किन्नरों ने एकजुटता दिखाई और प्रदेश किन्नर बोर्ड बनाने का फैसला किया। शहर के एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में किन्नरों ने 15 अप्रैल 2014 को जारी सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का फिर से स्वागत किया गया, जिसमें उन्हें ट्रांसजेंडर के रूप में मान्यता दी गई थी। साथ ही इस विषय पर दुख व्यक्त किया कि पिछले फैसले को दो वर्ष हो गए लेकिन अभी तक प्रदेश सरकार ने किन्नरों के विकास के लिए कुछ नहीं किया।
एकता सेवा संस्थान की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम मेें संस्थान के सचिव वीरेंद्र राज ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दक्षिण के कई प्रदेशों की सरकारों ने किन्नरों के विकास के लिए कई निर्णय लिए, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार ने उपेक्षा ही की। उन्होंने कहा कि किन्नर बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं।
जरूरत उनके प्रतिभा के इस्तेमाल की है। ऐसा करने पर ही वे समाज की मुख्य धारा में जुड़ सकेंगे। चेन्नई से आए गिरीश कुमार ने आयोजन का संचालन किया और किन्नर बोर्ड के गठन की रूपरेखा प्रस्तुत की।
विज्ञापन
इस अवसर पर मौजूद मेयर डॉ. सत्या पांडेय, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मधुसूदन त्रिपाठी, पूर्व जज शैलेंद्र त्रिपाठी ने किन्नरों की समस्या को ध्यान से सुना और उन्हें मदद का आश्वासन दिया। आयोजन की अध्यक्षता गुड़िया किन्नर ने की। इस अवसर पर शहर के सैकड़ों किन्नरों की मौजूदगी रही।
विज्ञापन
एकता सेवा संस्थान की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम मेें संस्थान के सचिव वीरेंद्र राज ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दक्षिण के कई प्रदेशों की सरकारों ने किन्नरों के विकास के लिए कई निर्णय लिए, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार ने उपेक्षा ही की। उन्होंने कहा कि किन्नर बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं।
विज्ञापन
जरूरत उनके प्रतिभा के इस्तेमाल की है। ऐसा करने पर ही वे समाज की मुख्य धारा में जुड़ सकेंगे। चेन्नई से आए गिरीश कुमार ने आयोजन का संचालन किया और किन्नर बोर्ड के गठन की रूपरेखा प्रस्तुत की।
विज्ञापन
इस अवसर पर मौजूद मेयर डॉ. सत्या पांडेय, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मधुसूदन त्रिपाठी, पूर्व जज शैलेंद्र त्रिपाठी ने किन्नरों की समस्या को ध्यान से सुना और उन्हें मदद का आश्वासन दिया। आयोजन की अध्यक्षता गुड़िया किन्नर ने की। इस अवसर पर शहर के सैकड़ों किन्नरों की मौजूदगी रही।