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एसआईटी ने अजय गिरी को उठाया, बाबुओं को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ
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एसआईटी ने अजय गिरी को उठाया, बाबुओं को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ
गोरखपुर। फर्जी लाइसेंस पर असलहा खरीदने के सनसनीखेज मामले की जांच कर रही एसआईटी ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट के संविदा कर्मचारी अजय गिरी को उठा लिया। अजय गिरी से पूछताछ की जा रही है। माना जा रहा है कि अब अहम सुराग हाथ लगेंगे। संविदा कर्मचारी ही यूआईएन की देखरेख करता था। दूसरी तरफ एसआईटी ने कलेक्ट्रेट के बाबुओं (राम सिंह-अशोक गुप्ता) को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की।
फर्जी लाइसेंस की जांच पुलिस और प्रशासनिक महकमा अलग-अलग कर रहा है। डीएम के आदेश पर मजिस्ट्रेट जांच जारी है तो पुलिस दर्ज केस के हिसाब से जांच को आगे बढ़ा रही है। रवि गन हाउस के मालिक के बेटे रवि प्रकाश पांडेय की गिरफ्तारी के बाद कलेक्ट्रेट के प्राइवेट और सरकारी बाबुओं का नाम सामने आया था जिसके बाद से ही पुलिस इनसे पूछताछ कर पूरे खेल के खुलासे में लगी है। लेकिन, पुलिस के हाथ अभी भी कोई ऐसे दस्तावेज नहीं लग सके है जिससे किसी बहुत बड़े राज का पर्दाफाश हो सके। एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने कहा कि मामले की जांच जारी है। मजिस्ट्रेट जांच की प्रगति आख्या मांगी गई है, जल्द ही पूरे घटना का पर्दाफाश हो जाएगा। इस मामले में राम सिंह और अशोक गुप्ता से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन संपर्क नहीं हो सका। जब भी उनका पक्ष आएगा, उसे प्रकाशित किया जाएगा।
नेता जी के गिरेबां तक पहुंचे पुलिस का हाथ
- असलहा के मामले में एक नेता का नाम और भूमिका समाने आ गई है। पुलिस नाम तो नहीं बता रही है लेकिन नेता जी की सारी गतिविधियों पर पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है। उनके खिलाफ सबूत जुटाए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही पुलिस उन्हें दबोच सकती है।
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एनआईसी से मांगी गई आईडी इस्तेमाल की डिटेल
- एनआईसी पर असलहा लाइसेंस डाटा अपडेट करने वाले के बारे में पुलिस जांच कर रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जिस यूजर आईडी से असलहा लाइसेंस का रिकार्ड एनआईसी पर अपडेट हुआ है। उसी के जरिए फर्जी लाइसेंस का रिकार्ड भी तैयार किया गया है। विवेचक ने एनआईसी प्रभारी को पत्र लिखकर यूजर आईडी इस्तेमाल करने वाली की पूरी डिटेल मांगी है।
डीएम की ओर से चल रही मजिस्ट्रेटी जांच की प्रगति आख्या मांगी है। जांच के आधार पर सबूत जुटाए जाएंगे ताकि पुलिस आगे कार्रवाई करे और कोर्ट में जवाब देने की स्थिति में रहे।
डॉ. सुनील गुप्ता, एसएसपी गोरखपुर
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गोरखपुर। फर्जी लाइसेंस पर असलहा खरीदने के सनसनीखेज मामले की जांच कर रही एसआईटी ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट के संविदा कर्मचारी अजय गिरी को उठा लिया। अजय गिरी से पूछताछ की जा रही है। माना जा रहा है कि अब अहम सुराग हाथ लगेंगे। संविदा कर्मचारी ही यूआईएन की देखरेख करता था। दूसरी तरफ एसआईटी ने कलेक्ट्रेट के बाबुओं (राम सिंह-अशोक गुप्ता) को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की।
फर्जी लाइसेंस की जांच पुलिस और प्रशासनिक महकमा अलग-अलग कर रहा है। डीएम के आदेश पर मजिस्ट्रेट जांच जारी है तो पुलिस दर्ज केस के हिसाब से जांच को आगे बढ़ा रही है। रवि गन हाउस के मालिक के बेटे रवि प्रकाश पांडेय की गिरफ्तारी के बाद कलेक्ट्रेट के प्राइवेट और सरकारी बाबुओं का नाम सामने आया था जिसके बाद से ही पुलिस इनसे पूछताछ कर पूरे खेल के खुलासे में लगी है। लेकिन, पुलिस के हाथ अभी भी कोई ऐसे दस्तावेज नहीं लग सके है जिससे किसी बहुत बड़े राज का पर्दाफाश हो सके। एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने कहा कि मामले की जांच जारी है। मजिस्ट्रेट जांच की प्रगति आख्या मांगी गई है, जल्द ही पूरे घटना का पर्दाफाश हो जाएगा। इस मामले में राम सिंह और अशोक गुप्ता से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन संपर्क नहीं हो सका। जब भी उनका पक्ष आएगा, उसे प्रकाशित किया जाएगा।
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नेता जी के गिरेबां तक पहुंचे पुलिस का हाथ
- असलहा के मामले में एक नेता का नाम और भूमिका समाने आ गई है। पुलिस नाम तो नहीं बता रही है लेकिन नेता जी की सारी गतिविधियों पर पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है। उनके खिलाफ सबूत जुटाए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही पुलिस उन्हें दबोच सकती है।
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एनआईसी से मांगी गई आईडी इस्तेमाल की डिटेल
- एनआईसी पर असलहा लाइसेंस डाटा अपडेट करने वाले के बारे में पुलिस जांच कर रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जिस यूजर आईडी से असलहा लाइसेंस का रिकार्ड एनआईसी पर अपडेट हुआ है। उसी के जरिए फर्जी लाइसेंस का रिकार्ड भी तैयार किया गया है। विवेचक ने एनआईसी प्रभारी को पत्र लिखकर यूजर आईडी इस्तेमाल करने वाली की पूरी डिटेल मांगी है।
डीएम की ओर से चल रही मजिस्ट्रेटी जांच की प्रगति आख्या मांगी है। जांच के आधार पर सबूत जुटाए जाएंगे ताकि पुलिस आगे कार्रवाई करे और कोर्ट में जवाब देने की स्थिति में रहे।
डॉ. सुनील गुप्ता, एसएसपी गोरखपुर