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लोहिया एन्क्लेव: आवंटी अड़े, पहले कब्जा दो, फिर कराएंगे रजिस्ट्री
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लोहिया एन्क्लेव: आवंटी अड़े, पहले कब्जा दो, फिर कराएंगे रजिस्ट्री
गोरखपुर। लोहिया एन्क्लेव (फेज एक) के आवंटी एक बार फिर अड़ गए हैं। उन्होंने अब बिना लिखित पजेशन की कॉपी के रजिस्ट्री कराने से इनकार कर दिया है। वहीं गोरखपुर विकास प्राधिकरण(जीडीए) के अफसरों ने आश्वस्त किया है कि दिसंबर के पहले पखवारे तक एन्वॉयरमेंटल क्लीयरेंस मिल जाने की उम्मीद है। इसके बाद सभी आवंटियों को रजिस्ट्री के साथ ही पजेशन भी दे दिया जाएगा। रामगढ़ताल वेट लैंड मामले में नौ दिसंबर को एनजीटी में सुनवाई है। प्राधिकरण को उम्मीद है कि सुनवाई में लोहिया एन्क्लेव में कब्जा देने की उनकी सिफारिश पर ट्रिब्यूनल से राहत मिल जाएगी।
बुधवार को आवंटियों के साथ जीडीए अफसरों की प्राधिकरण सभागार में दो घंटे से अधिक देर तक बैठक चली। इस दौरान आवंटियों की सभी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि कुछ आवंटियों ने प्रमुख सचिव आवास विकास दीपक कुमार से शिकायत की थी जिसके बाद जीडीए अफसरों ने यह बैठक बुलाई थी। बैठक में कब्जा दिलाने के अलावा आवंटियों ने एरिया कम होने का भी दावा किया जबकि जीडीए की दलील थी कि कमेटी द्वारा हुई नापी में क्षेत्रफल पूरा पाया गया है। सहमति नहीं बनने पर प्राधिकरण ने 19 नवंबर को फिर पांच फ्लैट की नापी के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी। इसी तरह फ्री होल्ड चार्ज में भी मानक के अनुरूप ही कार्रवाई का आश्वासन दिया। बैठक में जीडीए उपाध्यक्ष ए. दिनेश कुमार, सचिव राम सिंह गौतम, मुख्य अभियंता संजय सिंह समेत कई अफसर और करीब दो दर्जन आवंटी मौजूद रहे।
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गोरखपुर। लोहिया एन्क्लेव (फेज एक) के आवंटी एक बार फिर अड़ गए हैं। उन्होंने अब बिना लिखित पजेशन की कॉपी के रजिस्ट्री कराने से इनकार कर दिया है। वहीं गोरखपुर विकास प्राधिकरण(जीडीए) के अफसरों ने आश्वस्त किया है कि दिसंबर के पहले पखवारे तक एन्वॉयरमेंटल क्लीयरेंस मिल जाने की उम्मीद है। इसके बाद सभी आवंटियों को रजिस्ट्री के साथ ही पजेशन भी दे दिया जाएगा। रामगढ़ताल वेट लैंड मामले में नौ दिसंबर को एनजीटी में सुनवाई है। प्राधिकरण को उम्मीद है कि सुनवाई में लोहिया एन्क्लेव में कब्जा देने की उनकी सिफारिश पर ट्रिब्यूनल से राहत मिल जाएगी।
बुधवार को आवंटियों के साथ जीडीए अफसरों की प्राधिकरण सभागार में दो घंटे से अधिक देर तक बैठक चली। इस दौरान आवंटियों की सभी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि कुछ आवंटियों ने प्रमुख सचिव आवास विकास दीपक कुमार से शिकायत की थी जिसके बाद जीडीए अफसरों ने यह बैठक बुलाई थी। बैठक में कब्जा दिलाने के अलावा आवंटियों ने एरिया कम होने का भी दावा किया जबकि जीडीए की दलील थी कि कमेटी द्वारा हुई नापी में क्षेत्रफल पूरा पाया गया है। सहमति नहीं बनने पर प्राधिकरण ने 19 नवंबर को फिर पांच फ्लैट की नापी के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी। इसी तरह फ्री होल्ड चार्ज में भी मानक के अनुरूप ही कार्रवाई का आश्वासन दिया। बैठक में जीडीए उपाध्यक्ष ए. दिनेश कुमार, सचिव राम सिंह गौतम, मुख्य अभियंता संजय सिंह समेत कई अफसर और करीब दो दर्जन आवंटी मौजूद रहे।
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