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गोरक्षनाथ मंदिर में कन्याओं का पूजन हुआ
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Fri, 15 Apr 2016 10:06 PM IST
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गोरखनाथ मंदिर में कन्याओं के पांव पखारते सांसद महंत आदित्य नाथ
- फोटो : amar ujala
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वासंतिक नवरात्र की नवमी तिथि में नव दुर्गा स्वरूप कन्याओं का पूजन, हवन तथा मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव का आयोजन गोरक्षनाथ मंदिर में किया गया।
गोरक्ष पीठाधीश्वर महंत आदित्यनाथ ने बताया कि वासंतिक नवरात्र के प्रतिपदा तिथि से प्रात: एवं सायं गोरक्षनाथ स्थित दुर्गा मंदिर में दुर्गा सप्तशती का पाठ प्रतिदिन ग्यारह ब्राह्मणों के द्वारा संपन्न किया गया। नवमी का हवन संपन्न होने के बाद नव दुर्गा स्वरूप कन्याओं का पूजन और भंडारा संपन्न हुआ।
नवमी तिथि में भगवान श्रीराम का जन्म होने के कारण भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव मनाया गया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम अपने आचरण से सामाजिक धार्मिक और राष्ट्रीय जीवन के लिए अपनी आचरण की मर्यादा से आदर्श प्रस्तुत किया।
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उसकी प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है। श्रीराम का चरित्र वस्तुत: भारत का वास्तविक चरित्र है। उनके बगैर भारत के किसी भी व्यवस्था की कल्पना नहीं की जा सकती। यही कारण है कि हजारों वर्षों बाद भगवान श्रीराम के प्रति भारत के जन जन में अपार आस्था और श्रद्धा का भाव दिखता है।
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गोरक्ष पीठाधीश्वर महंत आदित्यनाथ ने बताया कि वासंतिक नवरात्र के प्रतिपदा तिथि से प्रात: एवं सायं गोरक्षनाथ स्थित दुर्गा मंदिर में दुर्गा सप्तशती का पाठ प्रतिदिन ग्यारह ब्राह्मणों के द्वारा संपन्न किया गया। नवमी का हवन संपन्न होने के बाद नव दुर्गा स्वरूप कन्याओं का पूजन और भंडारा संपन्न हुआ।
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नवमी तिथि में भगवान श्रीराम का जन्म होने के कारण भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव मनाया गया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम अपने आचरण से सामाजिक धार्मिक और राष्ट्रीय जीवन के लिए अपनी आचरण की मर्यादा से आदर्श प्रस्तुत किया।
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उसकी प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है। श्रीराम का चरित्र वस्तुत: भारत का वास्तविक चरित्र है। उनके बगैर भारत के किसी भी व्यवस्था की कल्पना नहीं की जा सकती। यही कारण है कि हजारों वर्षों बाद भगवान श्रीराम के प्रति भारत के जन जन में अपार आस्था और श्रद्धा का भाव दिखता है।