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जीडीए ने सील किया पर्ल हॉस्पिटल
गोरखप़ुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 19 Feb 2016 07:56 PM IST
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गोरखपुर। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने शुक्रवार को मोहद्दीपुर क्षेत्र के श्रीरामपुरम् में स्थित पर्ल हास्पिटल सील कर दिया। जीडीए अफसरों के मुताबिक आवासीय इलाके में हॉस्पिटल संचालित होने पर यह कार्रवाई की गई। इस अस्पताल के खिलाफ कालोनी के लोग 2012 से ही प्रशासन और जीडीए के अफसरों से शिकायत कर रहे थे। पूर्व कमिश्नर जेपी गुप्ता ने एक मार्च 2014 को ही इसे सील करने का आदेश दिया था, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कालोनी वालों ने जब इस आदेश का हवाला देते हुए कमिश्नर पी. गुरुप्रसाद से शिकायत की तो उन्होंने सख्ती की। इसके बाद हरकत में आए जीडीए ने हॉस्पिटल मालिक को नोटिस भेजा और फिर सील करने की कार्रवाई की। श्रीरामपुरम् के लोगों का कहना है कि मोहल्ले के बीच में हॉस्पिटल होने से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। हास्पिटल प्रशासन की तरफ से बायो मेडिकल वेस्ट (अस्पताल से निकलने वाला कूड़ा) के निस्तारण की कोई माकूल व्यवस्था नहीं की गई है। सड़कों और लोगों के घरों के सामने जगह-जगह हास्पिटल का कचड़ा फैला रहता था।
पहले तो उन्होंने हॉस्पिटल संचालक से शिकायत की, मगर जब उन्होंने नजरअंदाज कर दिया तो कॉलोनी के शीतल प्रसाद के नेतृत्व में उन्होंने सबसे पहले पांच मई 2012 को कमिश्नर, डीएम और जीडीए उपाध्यक्ष से शिकायत की। तत्कालीन कमिश्नर जेपी गुप्ता ने डीएम रवि कुमार एनजी से मामले की जांच कराकर रिपोर्ट मांगी। जांच में कई अनियमितताएं मिलने पर उन्होंने डीएम को और डीएम ने जीडीए उपाध्यक्ष को कार्रवाई के लिए लिखा मगर मामला दब गया।
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इधर, लगातार मिल रही शिकायतों पर कमिश्नर गुरुप्रसाद ने संजीदगी दिखाई और डीएम ओएन सिंह से फिर इस मामले में आख्या मांगी। इसके बाद जिला प्रशासन और जीडीए दोनों सक्रिय हुआ। नतीजतन पुलिस फोर्स की मौजूदगी में शुक्रवार की दोपहर 12 बजे जीडीए की टीम ने हॉस्पिटल के ग्राउंड फ्लोर के सभी चार कमरों और हॉस्पिटल के मेन गेट को सील कर दिया। कार्रवाई करने वाली टीम में प्राधिकरण के एई एसपी अरविंद, राकेश प्रताप, जेई भरत सिंह, लक्ष्मण सिंह, डीएन शुक्ला, रंजीत सिंह आदि शामिल रहे।
कब होगी अन्य हास्पिटलों पर कार्रवाई
गोरखपुर। आवासीय इलाके में हॉस्पिटल संचालित होने को वजह बताते हुए प्रशासन और जीडीए की तरफ से पर्ल हॉस्पिटल पर की गई इस कार्रवाई को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। दाउदपुर, बेतियाहाता, रुस्तमपुर, नहर रोड, असुरन समेत तमाम आवासीय क्षेत्रों में दर्जनों की संख्या में हॉस्पिटल चल रहे हैं। दाउदपुर और नहर रोड पर स्थित दो नर्सिंग होम के खिलाफ तो कॉलोनी के लोग डीएम और एसएसपी दफ्तर पर प्रदर्शन के अलावा जीडीए से भी कई बार शिकायत कर चुके हैं मगर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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कालोनी वालों ने जब इस आदेश का हवाला देते हुए कमिश्नर पी. गुरुप्रसाद से शिकायत की तो उन्होंने सख्ती की। इसके बाद हरकत में आए जीडीए ने हॉस्पिटल मालिक को नोटिस भेजा और फिर सील करने की कार्रवाई की। श्रीरामपुरम् के लोगों का कहना है कि मोहल्ले के बीच में हॉस्पिटल होने से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। हास्पिटल प्रशासन की तरफ से बायो मेडिकल वेस्ट (अस्पताल से निकलने वाला कूड़ा) के निस्तारण की कोई माकूल व्यवस्था नहीं की गई है। सड़कों और लोगों के घरों के सामने जगह-जगह हास्पिटल का कचड़ा फैला रहता था।
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पहले तो उन्होंने हॉस्पिटल संचालक से शिकायत की, मगर जब उन्होंने नजरअंदाज कर दिया तो कॉलोनी के शीतल प्रसाद के नेतृत्व में उन्होंने सबसे पहले पांच मई 2012 को कमिश्नर, डीएम और जीडीए उपाध्यक्ष से शिकायत की। तत्कालीन कमिश्नर जेपी गुप्ता ने डीएम रवि कुमार एनजी से मामले की जांच कराकर रिपोर्ट मांगी। जांच में कई अनियमितताएं मिलने पर उन्होंने डीएम को और डीएम ने जीडीए उपाध्यक्ष को कार्रवाई के लिए लिखा मगर मामला दब गया।
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इधर, लगातार मिल रही शिकायतों पर कमिश्नर गुरुप्रसाद ने संजीदगी दिखाई और डीएम ओएन सिंह से फिर इस मामले में आख्या मांगी। इसके बाद जिला प्रशासन और जीडीए दोनों सक्रिय हुआ। नतीजतन पुलिस फोर्स की मौजूदगी में शुक्रवार की दोपहर 12 बजे जीडीए की टीम ने हॉस्पिटल के ग्राउंड फ्लोर के सभी चार कमरों और हॉस्पिटल के मेन गेट को सील कर दिया। कार्रवाई करने वाली टीम में प्राधिकरण के एई एसपी अरविंद, राकेश प्रताप, जेई भरत सिंह, लक्ष्मण सिंह, डीएन शुक्ला, रंजीत सिंह आदि शामिल रहे।
कब होगी अन्य हास्पिटलों पर कार्रवाई
गोरखपुर। आवासीय इलाके में हॉस्पिटल संचालित होने को वजह बताते हुए प्रशासन और जीडीए की तरफ से पर्ल हॉस्पिटल पर की गई इस कार्रवाई को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। दाउदपुर, बेतियाहाता, रुस्तमपुर, नहर रोड, असुरन समेत तमाम आवासीय क्षेत्रों में दर्जनों की संख्या में हॉस्पिटल चल रहे हैं। दाउदपुर और नहर रोड पर स्थित दो नर्सिंग होम के खिलाफ तो कॉलोनी के लोग डीएम और एसएसपी दफ्तर पर प्रदर्शन के अलावा जीडीए से भी कई बार शिकायत कर चुके हैं मगर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।