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60 लाख गबन के आरोपी दो प्रधान और एक सचिव पर एफआईआर

Sun, 17 Nov 2019 02:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Sun, 17 Nov 2019 02:47 AM IST
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fir on three in 60 lacks Embezzlement
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सरकारी रोक के बावजूद ग्राम सभा सरहरी के खाते से 60 लाख और बिस्टौली गांव के खाते से 17 लाख रुपये निकाले जाने के मामले में एडीओ पंचायत राजकुमार गुप्ता की तहरीर पर पुलिस ने सरहरी के ग्राम प्रधान ओम शरण यादव, ग्राम पंचायत अधिकारी ईष्टदेव शुक्ला और बिस्टौली के प्रधान रामनगीना सिंह पर विश्वास के आपराधिक हनन की धारा में भी केस दर्ज किया है। यह कार्रवाई पुलिस ने चार दिन आनाकानी के बाद अफसरों की सख्ती पर की है।
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भरोहिया के बिस्टौली और सरहरी ग्राम सभा में वर्ष 2016-17 में परफारमेंस ग्रांट के रुपये निकाले गए थे। शिकायत के बाद जांच हुई तो गबन की पुष्टि हुई जिसके बाद डीपीआरओ हिमांशु शेखर ने केस दर्ज कराने का आदेश 26 अक्तूबर 2019 को दिया था, मगर इस मामले में केस दर्ज नहीं हो पा रहा था। मामले ने तूल पकड़ा तो बुधवार को एडीओ पंचायत ने तहरीर दी और फिर पुलिस ने मामले को टालने की कोशिश की। आखिरकार अफसरों के आदेश पर शुक्रवार की आधी रात केस दर्ज कर लिया गया।
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दोबारा निकाले गए मामले में केस क्यों नहीं?
जंगल कौड़िया। अफसरों ने सरहरी गांव से दोबारा निकाले गए 60 लाख रुपये के मामले में केस दर्ज नहीं कराया है। इस मामले को अब भी दबाने की कोशिश की जा रही है। डीपीआरओ के आदेश पर एडीओ पंचायत ने 2016-17 के मामले में केस दर्ज कराया है, जो पुराना मामला है। खबर है कि अक्तूबर में दोबारा रकम निकाली गई थी, जिसे दबाने की कोशिश चल रही है।
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ग्राम पंचायत सरहरी के खाते में राज्य वित्त, 14वें वित्त और परफारमेंस ग्रांट के एक करोड़ से ज्यादा रुपये आए थे। 2018 में करीब 60 लाख रुपये निकाले गए थे। इस मामले में ग्राम पंचायत विभाग ने एफआईआर का आदेश दिया है। इसका क्रियान्वयन अभी तक नहीं हो सका। अब इसी ग्राम पंचायत के खाते से 60.24 लाख रुपये और निकाले जाने का मामला सामने आया है।


सारी निकासी अक्तूबर 2019 में हुई है। इस दौरान शासन की ओर से ग्राम पंचायत के खातों के संचालन पर पूरी तरह से रोक थी। इसके बावजूद सरहरीग्राम पंचायत के खाते से 60,06,205 रुपये का बजट न सिर्फ दूसरे खाते में भेजा गया, बल्कि उसे एक महीने के भीतर 35 चेक के द्वारा निकाल लिया गया।

दो गांवों के प्रधान और सचिव की संलिप्तता से रुपये निकाले जाने के मामले में केस दर्ज कराया गया है। विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
- हिमांशु शेखर ठाकुर, डीपीआरओ
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