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छात्रों के विरोध के आगे झूका यूनिवर्सिटी प्रशासन
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विश्वविद्यालय मेस की समस्या को लेकर कुलपति प्रो वीके सिंह से वार्ता करते छात्र ।
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गोरखपुर विश्वविद्यालय : अब सालाना मेस शुल्क 36 हजार की जगह 22 हजार रुपये
गोरखपुर। हॉस्टल मेस शुल्क के विरोध में चल रहे छात्रावासियों के धरना-प्रदर्शन के आगे आखिरकार यूनिवर्सिटी प्रशासन को झुकना ही पड़ा। मंगलवार को कुलपति ने छात्रों को रियायत देते हुए मेस शुल्क को 14 हजार रुपये घटाने की घोषणा की। अब एक वर्ष का शुल्क 36 हजार रुपये की जगह 22 हजार रुपये ही देना होगा। वहीं विद्यार्थियों को एक और सहूलियत देते हुए मेस शुल्क दो चरणों में जमा कराने की सुविधा भी दी गई है। इसके बाद छात्रावासियों ने धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कुछ दिन पहले अपने पुरूष हॉस्टलों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए मेस में भोजन अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए मेस शुल्क के रूप में 36 हजार रुपये निर्धारित किया गया। इसके बाद विद्यार्थियों ने विरोध शुरू कर दिया था। पिछले 24 घंटे से छात्रावासी यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक भवन पर धरना प्रदर्शन कर रहे थे। मंगलवार को प्रदर्शन कर रहे छात्रावासियों का एक प्रतिनिधि मंडल कुलपति से मिला और उन्हें अपनी मांगों से अवगत कराया। कई चरणों में हुई वार्ता के बाद कुलपति प्रो. वीके सिंह ने उनकी मांगों को स्वीकार कर लिया है। इसके अंतर्गत विद्यार्थियों को दो किस्त में रुपये जमा कराने होंगे। पहली किस्त जुलाई में 17 हजार रुपये और दूसरी किस्त पांच हजार रुपये दिसंबर में जमा करनी होगी। इसके बाद प्रदर्शन करने वाले छात्रावासियों ने धरना खत्म किया। प्रदर्शन करने वालों में छात्रनेता मयंक कुमार राय, शिव शंकर गौड़, अनिल दुबे, आलोक सिंह, योगेश प्रताप सिंह, अरूण यादव, अनुप मिश्रा, नितेश मिश्रा, अखिलेश पांडेय आदि शामिल रहे।
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गोरखपुर। हॉस्टल मेस शुल्क के विरोध में चल रहे छात्रावासियों के धरना-प्रदर्शन के आगे आखिरकार यूनिवर्सिटी प्रशासन को झुकना ही पड़ा। मंगलवार को कुलपति ने छात्रों को रियायत देते हुए मेस शुल्क को 14 हजार रुपये घटाने की घोषणा की। अब एक वर्ष का शुल्क 36 हजार रुपये की जगह 22 हजार रुपये ही देना होगा। वहीं विद्यार्थियों को एक और सहूलियत देते हुए मेस शुल्क दो चरणों में जमा कराने की सुविधा भी दी गई है। इसके बाद छात्रावासियों ने धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कुछ दिन पहले अपने पुरूष हॉस्टलों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए मेस में भोजन अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए मेस शुल्क के रूप में 36 हजार रुपये निर्धारित किया गया। इसके बाद विद्यार्थियों ने विरोध शुरू कर दिया था। पिछले 24 घंटे से छात्रावासी यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक भवन पर धरना प्रदर्शन कर रहे थे। मंगलवार को प्रदर्शन कर रहे छात्रावासियों का एक प्रतिनिधि मंडल कुलपति से मिला और उन्हें अपनी मांगों से अवगत कराया। कई चरणों में हुई वार्ता के बाद कुलपति प्रो. वीके सिंह ने उनकी मांगों को स्वीकार कर लिया है। इसके अंतर्गत विद्यार्थियों को दो किस्त में रुपये जमा कराने होंगे। पहली किस्त जुलाई में 17 हजार रुपये और दूसरी किस्त पांच हजार रुपये दिसंबर में जमा करनी होगी। इसके बाद प्रदर्शन करने वाले छात्रावासियों ने धरना खत्म किया। प्रदर्शन करने वालों में छात्रनेता मयंक कुमार राय, शिव शंकर गौड़, अनिल दुबे, आलोक सिंह, योगेश प्रताप सिंह, अरूण यादव, अनुप मिश्रा, नितेश मिश्रा, अखिलेश पांडेय आदि शामिल रहे।
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