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साइबर फ्रॉड के अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, मंदिर के खाते से गायब किए थे लाखों रुपए
Tue, 01 Jan 2019 08:07 PM IST
राजेश सैनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर/बस्ती
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर/बस्ती
Published by: राजेश सैनी
Updated Tue, 01 Jan 2019 08:07 PM IST
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उत्तर प्रदेश के बस्ती के सरस्वती वरिष्ठ विद्या मंदिर रामबाग के खाते से 50 लाख 80 हजार रुपये निकाल लेने के मामले का पुलिस ने मंगलवार को पर्दाफाश कर दिया। गिरोह के तीन गुर्गे दबोच लिए गए हैं। इनके कब्जे से तमाम फर्जी सिमकार्ड, आईडी, मोबाइल, एटीएम कार्ड, कार आदि बरामद किए गए। यूपी के अलावा दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र सहित अन्य प्रदेशों में भी इनके साथी सक्रिय हैं।
डीआईजी/एसपी दिलीप कुमार ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि तीनों आरोपी अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य हैं। ये बैंक से डाटा एकत्र कर खाता से लिंक मोबाइल को फर्जी आईडी से रिप्लेस कराकर सिम जारी कराते थे। फर्जी आईडी से बैंक में खाता खोलकर साइबर अपराध के जरिये अपने खातों में रकम ट्रांसफर करते थे।
नेटबैंकिग के माध्यम से धनराशि निकलवा लेते थे। इनमें मोहम्म्द गुलजार निवासी रायपुर थाना कैंट जिला अयोध्या, रंजीत कुमार गुप्ता निवासी आवास विकास कालोनी, कटरा, थाना कोतवाली बस्ती और दशरथ रामबिंद उर्फ दिनेश निवासी पहाड़ीपुर थाना मुहम्मदाबाद जनपद गाजीपुर शामिल हैं। इन लोगों ने मुंबई स्थित बैंक के खातों में रकम ट्रांसफर की थी।
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नेट बैंकिंग के लिए बैंक में फीड सिम का ही उपयोग किया गया था। इसके लिए सिम को निरस्त कर दूसरा सिम 10 दिसंबर को ही जारी करा लिया था। महाराष्ट्र, लखनऊ व राजस्थान के बैंक खाते में पूरी रकम ट्रांसफर की गई। मुंबई में बदायूं के रहने वाले माजिद नबी के औरैया पुलिस के हत्थे चढ़ने के बाद फ्रॉड की जानकारी हुई। एक खाते में बचे पांच लाख 77 हजार रुपये जब्त कराए गए है।
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डीआईजी/एसपी दिलीप कुमार ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि तीनों आरोपी अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य हैं। ये बैंक से डाटा एकत्र कर खाता से लिंक मोबाइल को फर्जी आईडी से रिप्लेस कराकर सिम जारी कराते थे। फर्जी आईडी से बैंक में खाता खोलकर साइबर अपराध के जरिये अपने खातों में रकम ट्रांसफर करते थे।
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नेटबैंकिग के माध्यम से धनराशि निकलवा लेते थे। इनमें मोहम्म्द गुलजार निवासी रायपुर थाना कैंट जिला अयोध्या, रंजीत कुमार गुप्ता निवासी आवास विकास कालोनी, कटरा, थाना कोतवाली बस्ती और दशरथ रामबिंद उर्फ दिनेश निवासी पहाड़ीपुर थाना मुहम्मदाबाद जनपद गाजीपुर शामिल हैं। इन लोगों ने मुंबई स्थित बैंक के खातों में रकम ट्रांसफर की थी।
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नेट बैंकिंग के लिए बैंक में फीड सिम का ही उपयोग किया गया था। इसके लिए सिम को निरस्त कर दूसरा सिम 10 दिसंबर को ही जारी करा लिया था। महाराष्ट्र, लखनऊ व राजस्थान के बैंक खाते में पूरी रकम ट्रांसफर की गई। मुंबई में बदायूं के रहने वाले माजिद नबी के औरैया पुलिस के हत्थे चढ़ने के बाद फ्रॉड की जानकारी हुई। एक खाते में बचे पांच लाख 77 हजार रुपये जब्त कराए गए है।
क्या है मामला
15 दिसंबर को सरस्वती विद्या मंदिर रामबाग विद्यालय के खाते से 50 लाख 80 हजार रुपये निकाल लिए गए। विद्यालय के प्रबंधक अभय पाल ने तहरीर दी कि बैंक ऑफ इंडिया बस्ती शाखा में उनका खाता है। पासबुक पर 15 दिसंबर को प्रिंट कराने पर पता चला कि आठ बार में 50 लाख 80 हजार रुपये निकाल लिए गए। बैंक अधिकारी से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि ये रुपये नेट बैंकिंग से दूसरे खाते में भेजे गए हैं।
स्वाट व कोतवाली को कामयाबी
कोतवाल महेन्द्र प्रताप चतुर्वेदी, स्वाट प्रभारी विक्रम सिंह के अलावा, छोटेलाल, सुरेन्द्र यादव, आदित्य पाण्डेय, अजय दूबे, सदानन्द यादव, अरुणेश यादव, अमित पाठक, मनोज पाण्डेय, हरेन्द्र यादव, राहुल सिंह आदि ने यह कामयाबी हासिल की।
स्वाट व कोतवाली को कामयाबी
कोतवाल महेन्द्र प्रताप चतुर्वेदी, स्वाट प्रभारी विक्रम सिंह के अलावा, छोटेलाल, सुरेन्द्र यादव, आदित्य पाण्डेय, अजय दूबे, सदानन्द यादव, अरुणेश यादव, अमित पाठक, मनोज पाण्डेय, हरेन्द्र यादव, राहुल सिंह आदि ने यह कामयाबी हासिल की।