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सुबह से ही शुरू हो जाता था शराब का दौर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 28 Nov 2015 01:55 AM IST
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गोरखपुर। पिपराइच के जंगल छत्रधारी गांव में प्रधान प्रत्याशी के घर सुबह से शुरू हुआ शराब का दौर देर रात तक चलता था। अपने समर्थकों के साथ ही मतदाताओं के नशे के शौक को पूरा करने का इंतजाम करीब 10 दिन से किया गया था। किसी को कोई दिक्कत न हो, इसके लिए शराब का गैलन और गिलास घर के बाहर रख दिया जाता था। शराब की मात्रा पर भी मनाही नहीं थी।
यही वजह से कि सुबह से ही बहुतेरे समर्थक छककर शराब पी रहे थे। शहर के एक निजी अस्पताल में जहरीली शराब से बीमार हुए लोगों ने होश में आने के बाद आपबीती बया की।
हीरालाल ने बताया कि बुधवार की शाम प्रचार करने गए थे। रात आठ बजे लौटने के बाद महफिल सज गई थी। शराब का गैलन और गिलास रखा हुआ था।
दो गिलास शराब पीने के बाद अचानक तबीयत बिगड़ने लगी। उल्टी होने लगी। घर चला गया। बिना खाना खाएं ही सो गया। सुबह दिमाग काम नहीं कर रहा था। रात में क्या हुआ यह तक याद नहीं था। तबीयत ज्यादा खराब होने पर घरवालों ने मेडिकल में भर्ती कराया जहां से निजी अस्पताल भेज दिया गया।
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श्रवण ने बताया कि मैं सुबह प्रचार करने के लिए प्रत्याशी के घर पहुंचा तो वहां शराब पहले से मिल रही थी। मैने भी दो गिलास पी ली। पीते ही तबीयत बिगड़ गई और घर आ गया। श्रवण ने बताया कि शराब का स्वाद एकदम असली जैसा था। राम निवास ने बताया कि दुकान से नमकीन लेने जा रहा था।
इस दौरान गांव के लोग शराब पी रहे थे, उन्होंने मुझे भी जबरदस्ती शराब पीला दिया। शराब पीते ही बेहोशी छाने लगी। साथ के लोगों ने घर पहुंचा दिया। सुबह तक होश नहीं था। दस बजे आंख खुली तो उल्टी होने लगी, फिर सो गया। देर शाम तक नशा नहीं उतरने पर साइकिल से ही मेडिकल कॉलेज चला आया
बहादुर ने बताया कि बुधवार शाम चार बजे चार गिलास शराब पी थी। उस वक्त तो कुछ नहीं हुआ लेकिन शाम होते-होते उल्टी शुरू हो गई और बेहोश छाने लगी। उसके बाद होश आया तो निजी अस्पताल में भर्ती था। पिंटू ने बताया कि बुधवार रात आठ बजे दो गिलास शराब पी थी
इसके बाद खाना खाने का मन नहीं किया। बृहस्पतिवार सुबह छह बजे उल्टी शुरू हो गई। इसके बाद दिमाग एकदम सुन्न हो गया।
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यही वजह से कि सुबह से ही बहुतेरे समर्थक छककर शराब पी रहे थे। शहर के एक निजी अस्पताल में जहरीली शराब से बीमार हुए लोगों ने होश में आने के बाद आपबीती बया की।
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हीरालाल ने बताया कि बुधवार की शाम प्रचार करने गए थे। रात आठ बजे लौटने के बाद महफिल सज गई थी। शराब का गैलन और गिलास रखा हुआ था।
दो गिलास शराब पीने के बाद अचानक तबीयत बिगड़ने लगी। उल्टी होने लगी। घर चला गया। बिना खाना खाएं ही सो गया। सुबह दिमाग काम नहीं कर रहा था। रात में क्या हुआ यह तक याद नहीं था। तबीयत ज्यादा खराब होने पर घरवालों ने मेडिकल में भर्ती कराया जहां से निजी अस्पताल भेज दिया गया।
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श्रवण ने बताया कि मैं सुबह प्रचार करने के लिए प्रत्याशी के घर पहुंचा तो वहां शराब पहले से मिल रही थी। मैने भी दो गिलास पी ली। पीते ही तबीयत बिगड़ गई और घर आ गया। श्रवण ने बताया कि शराब का स्वाद एकदम असली जैसा था। राम निवास ने बताया कि दुकान से नमकीन लेने जा रहा था।
इस दौरान गांव के लोग शराब पी रहे थे, उन्होंने मुझे भी जबरदस्ती शराब पीला दिया। शराब पीते ही बेहोशी छाने लगी। साथ के लोगों ने घर पहुंचा दिया। सुबह तक होश नहीं था। दस बजे आंख खुली तो उल्टी होने लगी, फिर सो गया। देर शाम तक नशा नहीं उतरने पर साइकिल से ही मेडिकल कॉलेज चला आया
बहादुर ने बताया कि बुधवार शाम चार बजे चार गिलास शराब पी थी। उस वक्त तो कुछ नहीं हुआ लेकिन शाम होते-होते उल्टी शुरू हो गई और बेहोश छाने लगी। उसके बाद होश आया तो निजी अस्पताल में भर्ती था। पिंटू ने बताया कि बुधवार रात आठ बजे दो गिलास शराब पी थी
इसके बाद खाना खाने का मन नहीं किया। बृहस्पतिवार सुबह छह बजे उल्टी शुरू हो गई। इसके बाद दिमाग एकदम सुन्न हो गया।