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युवक की हत्या में सामने आई पुलिस की लापरवाही
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Updated Tue, 26 Apr 2016 12:39 AM IST
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हत्या की जांच
- फोटो : demo pics
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सहजनवां के भरपुरवा गांव में रविवार को हुई युवक की हत्या के मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आई है। आईजी ने घटना का संज्ञान लेते हुए पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाया है। उन्होंने एसएसपी से पूरे मामले की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
भरपुरवा गांव के रहने वाला बहादुर बेलदार बीएसएफ में हवलदार है। भाई चंद्रिका से पुस्तैनी जमीन के बंटवारे को लेकर बहुत दिनों से विवाद चल रहा है। चार दिन पहले बहादुर छुट्टी पर घर आए थे। उनके परिवार के लोग अक्सर बीमार रहते हैं। उन्हें शक था कि किसी के तंत्र-मंत्र कराने की वजह से परिवार के लोगों पर कोई बुरी छाया पड़ गई है।
झाड़फूंक करने के लिए शनिवार को उन्होंने एक तांत्रिक को अपने घर बुलाया था। पहले से चले आ रहे विवाद और झाड़फूंक को लेकर बहादुर और चंद्रिका के बीच शनिवार की रात जमकर मारपीट हुई। इसमें दोनों पक्षों से कई लोग घायल हो गए। रात में ही चंद्रिका अपने छोटे बेटे दीपू के साथ थाने पहुंचकर घटना की सूचना दी लेकिन पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय उनको रविवार की सुबह थाने आने को कहा।
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चंद्रिका का बड़ा बेटा सोनू रविवार को सुबह हैंड पंप पर पानी भर रहा था। आरोप है कि इसी दौरान बहादुर ने बेटों व रिश्तेदार के साथ मिलकर उसे अपने घर में खींच कर ले गए ओर लाठी, डंडा और कुल्हाड़ी से उस पर वार कर घायल कर दिया, जिसमें उसकी मौत हो गई। एक दिन पहले हुए विवाद में सहजनवां पुलिस के कोई कार्रवाई न करने का मामला सामने आने पर आईजी एचआर शर्मा ने नाराजगी जताई है। उन्होंने एसएसपी से पुलिस की भूमिका की जांच कराकर जिम्मेदार पुलिसकर्मी पर कार्रवाई कर एक सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा है।
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भरपुरवा गांव के रहने वाला बहादुर बेलदार बीएसएफ में हवलदार है। भाई चंद्रिका से पुस्तैनी जमीन के बंटवारे को लेकर बहुत दिनों से विवाद चल रहा है। चार दिन पहले बहादुर छुट्टी पर घर आए थे। उनके परिवार के लोग अक्सर बीमार रहते हैं। उन्हें शक था कि किसी के तंत्र-मंत्र कराने की वजह से परिवार के लोगों पर कोई बुरी छाया पड़ गई है।
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झाड़फूंक करने के लिए शनिवार को उन्होंने एक तांत्रिक को अपने घर बुलाया था। पहले से चले आ रहे विवाद और झाड़फूंक को लेकर बहादुर और चंद्रिका के बीच शनिवार की रात जमकर मारपीट हुई। इसमें दोनों पक्षों से कई लोग घायल हो गए। रात में ही चंद्रिका अपने छोटे बेटे दीपू के साथ थाने पहुंचकर घटना की सूचना दी लेकिन पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय उनको रविवार की सुबह थाने आने को कहा।
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चंद्रिका का बड़ा बेटा सोनू रविवार को सुबह हैंड पंप पर पानी भर रहा था। आरोप है कि इसी दौरान बहादुर ने बेटों व रिश्तेदार के साथ मिलकर उसे अपने घर में खींच कर ले गए ओर लाठी, डंडा और कुल्हाड़ी से उस पर वार कर घायल कर दिया, जिसमें उसकी मौत हो गई। एक दिन पहले हुए विवाद में सहजनवां पुलिस के कोई कार्रवाई न करने का मामला सामने आने पर आईजी एचआर शर्मा ने नाराजगी जताई है। उन्होंने एसएसपी से पुलिस की भूमिका की जांच कराकर जिम्मेदार पुलिसकर्मी पर कार्रवाई कर एक सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा है।