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Faridabad News: ईएसआईसी अस्पताल में मरीज की पर्ची फाड़ी, महिला ने जताया विरोध
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हेमलता
बल्लभगढ़। सेक्टर-8 स्थित ईएसआईसी अस्पताल में गलत डिस्पेंसरी की पर्ची बनाए जाने के बाद उसे फाड़ने का मामला सामने आया है। शनिवार को बल्लभगढ़ निवासी एक महिला अपने दो बच्चों का उपचार कराने अस्पताल पहुंची थी। महिला ने पहले सेक्टर-7 की डिस्पेंसरी में जाकर आईएमटी डिस्पेंसरी के बारे में जानकारी ली। वहां से उसे पहली मंजिल पर भेज दिया गया।
महिला के अनुसार, पहली मंजिल पर मौजूद क्लर्क ने उसका ईएसआई कार्ड जांचा और दोनों बच्चों के नाम पूछकर उनकी पर्चियां बना दीं। इसके बाद महिला दोनों बच्चों को डॉक्टर के पास लेकर गई। डॉक्टर ने जांच के बाद बच्चों के लिए दवाएं लिखीं। महिला जब दवा काउंटर पर पहुंची तो कर्मचारियों ने बताया कि यह पर्ची उनकी डिस्पेंसरी की नहीं है।
इसके बाद महिला क्लर्क के पास पर्चियां लेकर पहुंची। आरोप है कि क्लर्क ने महिला और अन्य कर्मचारियों के सामने दोनों पर्चियां फाड़ दीं। इस पर महिला ने डिस्पेंसरी में विरोध जताया और मामले की जानकारी अस्पताल के अधिकारियों को दी।
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मामले में आईएमटी डिस्पेंसरी की इंचार्ज डॉ. मनु ने सेक्टर-7 डिस्पेंसरी के एसएमओ को घटना से अवगत कराया। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित क्लर्क दो-तीन दिन पहले ही ड्यूटी पर आया है और उसे डिस्पेंसरी से संबंधित नियमों की पूरी जानकारी नहीं थी। उसे भविष्य में ऐसी गलती नहीं करने की हिदायत दी गई है।
अधिकारी ने बताया कि यदि किसी मरीज की पर्ची गलती से गलत डिस्पेंसरी की बन जाती है तो उसे कैंसिल किया जा सकता है, लेकिन पर्ची फाड़ने का अधिकार नहीं है।
अस्पताल में अलग-अलग स्थानों पर डिस्पेंसरी संचालित होने के कारण मरीजों को कई बार यह जानकारी नहीं होती कि किस डिस्पेंसरी में किस क्षेत्र के मरीजों की पर्ची बनती है। इससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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बल्लभगढ़। सेक्टर-8 स्थित ईएसआईसी अस्पताल में गलत डिस्पेंसरी की पर्ची बनाए जाने के बाद उसे फाड़ने का मामला सामने आया है। शनिवार को बल्लभगढ़ निवासी एक महिला अपने दो बच्चों का उपचार कराने अस्पताल पहुंची थी। महिला ने पहले सेक्टर-7 की डिस्पेंसरी में जाकर आईएमटी डिस्पेंसरी के बारे में जानकारी ली। वहां से उसे पहली मंजिल पर भेज दिया गया।
महिला के अनुसार, पहली मंजिल पर मौजूद क्लर्क ने उसका ईएसआई कार्ड जांचा और दोनों बच्चों के नाम पूछकर उनकी पर्चियां बना दीं। इसके बाद महिला दोनों बच्चों को डॉक्टर के पास लेकर गई। डॉक्टर ने जांच के बाद बच्चों के लिए दवाएं लिखीं। महिला जब दवा काउंटर पर पहुंची तो कर्मचारियों ने बताया कि यह पर्ची उनकी डिस्पेंसरी की नहीं है।
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इसके बाद महिला क्लर्क के पास पर्चियां लेकर पहुंची। आरोप है कि क्लर्क ने महिला और अन्य कर्मचारियों के सामने दोनों पर्चियां फाड़ दीं। इस पर महिला ने डिस्पेंसरी में विरोध जताया और मामले की जानकारी अस्पताल के अधिकारियों को दी।
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मामले में आईएमटी डिस्पेंसरी की इंचार्ज डॉ. मनु ने सेक्टर-7 डिस्पेंसरी के एसएमओ को घटना से अवगत कराया। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित क्लर्क दो-तीन दिन पहले ही ड्यूटी पर आया है और उसे डिस्पेंसरी से संबंधित नियमों की पूरी जानकारी नहीं थी। उसे भविष्य में ऐसी गलती नहीं करने की हिदायत दी गई है।
अधिकारी ने बताया कि यदि किसी मरीज की पर्ची गलती से गलत डिस्पेंसरी की बन जाती है तो उसे कैंसिल किया जा सकता है, लेकिन पर्ची फाड़ने का अधिकार नहीं है।
अस्पताल में अलग-अलग स्थानों पर डिस्पेंसरी संचालित होने के कारण मरीजों को कई बार यह जानकारी नहीं होती कि किस डिस्पेंसरी में किस क्षेत्र के मरीजों की पर्ची बनती है। इससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है।