{"_id":"5762cde54f1c1b966d11ba02","slug":"ruckus-in-khuthan-for-the-land-of-aiims-two-arrest","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुटहन में एम्स की प्रस्तावित जमीन को लेकर बवाल, दो गिरफ्तार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
खुटहन में एम्स की प्रस्तावित जमीन को लेकर बवाल, दो गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Thu, 16 Jun 2016 09:33 PM IST
विज्ञापन
खुटहन में एम्स की जमीन को लेकर बवाल होने के बाद पहुंची विधायक राजमति निषाद
- फोटो : mahesh kumar
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खुटहन में एम्स की प्रस्तावित जमीन को लेकर बृहस्पतिवार को बवाल हो गया। खेत जोताई करने पहुंचे गिरजा रमनदास के मैनेजर और ट्रैक्टर चालक को ग्रामीणों ने घेर लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मैनेजर, चालक को हिरासत में लेने के साथ ही ट्रैक्टर को कब्जे में ले लिया। ग्रामीणों के समर्थन में थाने पहुंचीं सपा विधायक ने अधिकारियों से बातचीत करके आरोपियों पर कार्रवाई करने को कहा। देर शाम वन रक्षक ने पकड़े गए लोगों पर केस दर्ज कराया।
भटहट प्रतिनिधि के अनुसार खुटहन में वन विभाग की जमीन पर एम्स प्रस्तावित है। इस जमीन पर कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले गिरजा रमन दास अपना हक जता रहे हैं। खुटहन गांव में उनका फार्म हाउस है। बृहस्पतिवार की सुबह नौ बजे फार्म हाउस के मैनेजर सत्यनारायण यादव, ड्राइवर छोटेलाल के साथ विवादित जमीन की जोताई करने पहुंच गए। इन लोगों ने करीब तीन एकड़ जमीन की जोताई कर भी दी।
उधर, एम्स की जमीन पर कब्जा करने की सूचना मिलने के बाद सैकड़ों की संख्या में खुटहन गांव के लोग मौके पर पहुंच गए। ट्रैक्टर रोकने के साथ ही उन्होंने छोटेलाल और सत्यनारायण को घेर लिया। सूचना मिलने पर पिपराइच की सपा की विधायक राजमति निषाद, अपने बेटे अमरेंद्र के साथ पहुंच गईं। कुछ ही देर में एसओ गुलरिहा सुनील सिंह भी फोर्स के साथ पहुंच गए। पुलिस फार्म हाउस के मैनेजर और ड्राइवर हिरासत में लेकर थाने आ गई। उधर, ग्रामीणों के साथ थाने पहुंचीं विधायक राजमति ने मुख्य वन संरक्षक अधिकारी से बात करके आरोपियों पर कार्रवाई करने को कहा। देर शाम थाने पहुंचे वन रक्षक ओमप्रकाश ने तहरीर दी। एसओ गुलरिहा सुनील सिंह ने बताया कि सत्यनारायण और छोटेलाल पर भारतीय वन अधिनियम के तहत केस दर्ज कर ट्रैक्टर को सीज कर दिया गया है।
विज्ञापन
बगीचे से कटहल, आम और केला तोड़ ले गए लोग
आक्रोशित ग्रामीणों ने घटना के बाद गिरजा रमन दास के फार्म हाउस को घेर लिया। जनता की जमीन पर जबरन कब्जा करने का आरोप लगाते हुए फार्म हाउस के बगीचे से वे केला, कटहल और आम तोड़कर उठा ले गए।
यह है यह है मामला
शहर के रईस स्वर्गीय पुरुषोत्तम दास का परिवार सन 1970 से इस जमीन पर खेती कर रहा है। पुरुषोतम दास का यहां एक फार्म हाउस भी है। उनकी मौत के बाद उनके बेटे वृज रमन दास यहां काबिज थे। उनकी मौत के बाद उनके बेटे गिरजा रमन दास इस जमीन पर खेती करते हैं। पिपराइच क्षेत्र के पूर्व विधायक स्वर्गीय जमुना निषाद ने सन् 1992 में इसे सीलिंग की जमीन बताते हुए जनता के बीच बांटने की मांग उठाई थी। हाईकोर्ट में इसे लेकर मुकदमा भी विचाराधीन है। वन विभाग भी इस जमीन को अपना बताता है।
विज्ञापन
भटहट प्रतिनिधि के अनुसार खुटहन में वन विभाग की जमीन पर एम्स प्रस्तावित है। इस जमीन पर कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले गिरजा रमन दास अपना हक जता रहे हैं। खुटहन गांव में उनका फार्म हाउस है। बृहस्पतिवार की सुबह नौ बजे फार्म हाउस के मैनेजर सत्यनारायण यादव, ड्राइवर छोटेलाल के साथ विवादित जमीन की जोताई करने पहुंच गए। इन लोगों ने करीब तीन एकड़ जमीन की जोताई कर भी दी।
विज्ञापन
उधर, एम्स की जमीन पर कब्जा करने की सूचना मिलने के बाद सैकड़ों की संख्या में खुटहन गांव के लोग मौके पर पहुंच गए। ट्रैक्टर रोकने के साथ ही उन्होंने छोटेलाल और सत्यनारायण को घेर लिया। सूचना मिलने पर पिपराइच की सपा की विधायक राजमति निषाद, अपने बेटे अमरेंद्र के साथ पहुंच गईं। कुछ ही देर में एसओ गुलरिहा सुनील सिंह भी फोर्स के साथ पहुंच गए। पुलिस फार्म हाउस के मैनेजर और ड्राइवर हिरासत में लेकर थाने आ गई। उधर, ग्रामीणों के साथ थाने पहुंचीं विधायक राजमति ने मुख्य वन संरक्षक अधिकारी से बात करके आरोपियों पर कार्रवाई करने को कहा। देर शाम थाने पहुंचे वन रक्षक ओमप्रकाश ने तहरीर दी। एसओ गुलरिहा सुनील सिंह ने बताया कि सत्यनारायण और छोटेलाल पर भारतीय वन अधिनियम के तहत केस दर्ज कर ट्रैक्टर को सीज कर दिया गया है।
विज्ञापन
बगीचे से कटहल, आम और केला तोड़ ले गए लोग
आक्रोशित ग्रामीणों ने घटना के बाद गिरजा रमन दास के फार्म हाउस को घेर लिया। जनता की जमीन पर जबरन कब्जा करने का आरोप लगाते हुए फार्म हाउस के बगीचे से वे केला, कटहल और आम तोड़कर उठा ले गए।
यह है यह है मामला
शहर के रईस स्वर्गीय पुरुषोत्तम दास का परिवार सन 1970 से इस जमीन पर खेती कर रहा है। पुरुषोतम दास का यहां एक फार्म हाउस भी है। उनकी मौत के बाद उनके बेटे वृज रमन दास यहां काबिज थे। उनकी मौत के बाद उनके बेटे गिरजा रमन दास इस जमीन पर खेती करते हैं। पिपराइच क्षेत्र के पूर्व विधायक स्वर्गीय जमुना निषाद ने सन् 1992 में इसे सीलिंग की जमीन बताते हुए जनता के बीच बांटने की मांग उठाई थी। हाईकोर्ट में इसे लेकर मुकदमा भी विचाराधीन है। वन विभाग भी इस जमीन को अपना बताता है।