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बंदी ने जेलर को दी जान से मारने की धमकी
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
Updated Thu, 28 Jul 2016 01:25 AM IST
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हत्या, लूट जैसे मामलों में वांछित बंदी अरविंद सिंह ने जेलर को जान से मारने की धमकी दी है। मनचाहा बैरक न मिलने पर वह भड़क गया और सीधे जेलर कार्यालय में पहुंच गया था। जेलर की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक मऊ के पखईपुर सराय लखंसी का रहने वाले अरविंद सिंह पर मऊ, गाजीपुर, जौनपुर और गोरखपुर में हत्या और लूट के करीब 22 मुकदमे दर्ज हैं। वह बिजनौर जेल में बंद था। उस पर आसपास के जिलों में मुकदमा दर्ज होने के कारण सरकारी खर्च बचाने के लिए 25 जुलाई को गोरखपुर मंडलीय कारागार में शिफ्ट किया गया था। जेलर डॉ. राजेश सिंह के मुताबिक अपराधी मंगलवार की शाम को सवा छह बजे नियमों को तोड़ते हुए उनके कार्यालय में पहुंच गया और तत्काल दूसरी बैरक में शिफ्ट करने को कहा। जेलर ने उसे समझाया कि नियमों के मुताबिक उसे मनचाहे बैरक में शिफ्ट नहीं कर सकते।
उन्होंने यह भी बताया कि जिस बैरक में वह जाना चाहता है, उसी में उसके दुश्मन भी बंद हैं। इसलिए उसे शिफ्ट करना उसके लिए भी ठीक नहीं होगा। इस पर वह भड़क गया और गालियां देते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी देने लगा। बंदी रक्षकों की मदद से किसी तरह उसे वापस बैरक में बंद किया गया। शाहपुर थानेदार रामाज्ञा सिंह ने बताया कि जेलर ने घटना की सूचना मंगलवार की रात में ही दे दी थी। बुधवार को तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच कर रही है।
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प्राप्त जानकारी के मुताबिक मऊ के पखईपुर सराय लखंसी का रहने वाले अरविंद सिंह पर मऊ, गाजीपुर, जौनपुर और गोरखपुर में हत्या और लूट के करीब 22 मुकदमे दर्ज हैं। वह बिजनौर जेल में बंद था। उस पर आसपास के जिलों में मुकदमा दर्ज होने के कारण सरकारी खर्च बचाने के लिए 25 जुलाई को गोरखपुर मंडलीय कारागार में शिफ्ट किया गया था। जेलर डॉ. राजेश सिंह के मुताबिक अपराधी मंगलवार की शाम को सवा छह बजे नियमों को तोड़ते हुए उनके कार्यालय में पहुंच गया और तत्काल दूसरी बैरक में शिफ्ट करने को कहा। जेलर ने उसे समझाया कि नियमों के मुताबिक उसे मनचाहे बैरक में शिफ्ट नहीं कर सकते।
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उन्होंने यह भी बताया कि जिस बैरक में वह जाना चाहता है, उसी में उसके दुश्मन भी बंद हैं। इसलिए उसे शिफ्ट करना उसके लिए भी ठीक नहीं होगा। इस पर वह भड़क गया और गालियां देते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी देने लगा। बंदी रक्षकों की मदद से किसी तरह उसे वापस बैरक में बंद किया गया। शाहपुर थानेदार रामाज्ञा सिंह ने बताया कि जेलर ने घटना की सूचना मंगलवार की रात में ही दे दी थी। बुधवार को तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच कर रही है।
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