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जीआरपी के थानों में शुरू हुई आन लाइन एफआईआर
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 16 Nov 2015 09:33 PM IST
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सीसीटीएनएस योजना के तहत जीआरपी के सभी 11 थानों में आन लाइन एफआईआर की व्यवस्था शुरू हो गई है। नेटवर्क की गड़बड़ी के कारण एसपी रेलवे आफिस को इस योजना से नहीं जोड़ा जा सका है। डीजी रेलवे ने अक्टूबर के आखिरी तक योजना को शुरू करने का वक्त एसपी को दिया था।
सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्किंग सिस्टम) को जीआरपी में शुरू करने के लिए डीजी रेलवे ने अगस्त की क्राइम मीटिंग में प्रदेश के सभी एसपी को अक्टूबर तक का वक्त दिया था। डीजी की सख्ती के बाद थानों में एक साल से रखे गए कंप्यूटर को ठीक कराकर दस साल के आपराधिक रिकार्ड को फीड कराने में सभी थानेदार लगे थे।
अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में रिकार्ड फीड होने के बाद जीआरपी के गोरखपुर, देवरिया, भटनी, बलिया, आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर, बस्ती, गोंडा, बहराइच, आनंदनगर थाने के साथ ही औड़ीहार और मनकापुर चौकी में आन लाइन एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
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नेटवर्क की गड़बड़ी के कारण एसपी रेलवे आफिस को इस स्कीम से नहीं जोड़ा जा सका है। प्रभारी एसपी रेलवे नम्रिता श्रीवास्तव ने बताया कि बीएसएनएल के अधिकारियों को मामले की जानकारी दे दी गई है। 15 दिन के भीतर पूरे आफिस को भी इससे जोड़ लिया जाएगा।
सीसीटीएनएस से यह होंगे फायदे
प्रदेश के सभी थाने से जीआरपी के थाने इंटर कनेक्ट हो गए है।
अपराधियों के बारे में जानकारी जुटानी की लंबी प्रक्रिया से निजात मिलेगा।
ऑन लाइन एफआईआर की निगरानी सीधे एसपी और सीओ करेंगे।
थानो के अपराधिक रिकार्ड का कम्प्यूटरीकृत डाटा बेस होगा।
थानों के रजिस्टर के पन्ने फटने पर भी रिकार्ड सुरक्षित रहेगा।
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सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्किंग सिस्टम) को जीआरपी में शुरू करने के लिए डीजी रेलवे ने अगस्त की क्राइम मीटिंग में प्रदेश के सभी एसपी को अक्टूबर तक का वक्त दिया था। डीजी की सख्ती के बाद थानों में एक साल से रखे गए कंप्यूटर को ठीक कराकर दस साल के आपराधिक रिकार्ड को फीड कराने में सभी थानेदार लगे थे।
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अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में रिकार्ड फीड होने के बाद जीआरपी के गोरखपुर, देवरिया, भटनी, बलिया, आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर, बस्ती, गोंडा, बहराइच, आनंदनगर थाने के साथ ही औड़ीहार और मनकापुर चौकी में आन लाइन एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
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नेटवर्क की गड़बड़ी के कारण एसपी रेलवे आफिस को इस स्कीम से नहीं जोड़ा जा सका है। प्रभारी एसपी रेलवे नम्रिता श्रीवास्तव ने बताया कि बीएसएनएल के अधिकारियों को मामले की जानकारी दे दी गई है। 15 दिन के भीतर पूरे आफिस को भी इससे जोड़ लिया जाएगा।
सीसीटीएनएस से यह होंगे फायदे
प्रदेश के सभी थाने से जीआरपी के थाने इंटर कनेक्ट हो गए है।
अपराधियों के बारे में जानकारी जुटानी की लंबी प्रक्रिया से निजात मिलेगा।
ऑन लाइन एफआईआर की निगरानी सीधे एसपी और सीओ करेंगे।
थानो के अपराधिक रिकार्ड का कम्प्यूटरीकृत डाटा बेस होगा।
थानों के रजिस्टर के पन्ने फटने पर भी रिकार्ड सुरक्षित रहेगा।