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जमीन के विवाद में चाची को गोली मारी
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sat, 23 Dec 2017 01:45 AM IST
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गोली लगने से जख्मी शांति देवी।
- फोटो : Amar Ujala
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रायगंज बंजरिया टोला में शुक्रवार की देर रात महिला शांति देवी (50) को जमीन के विवाद में गोली मार दी गई। गोली उनके बाएं पैर और कमर के पास लगी है। उन्हें गंभीर हाल में जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वहां से डॉक्टरों ने उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। गोली मारने का आरोप जेठ बाबूलाल के बेटे राहुल पर लगा है। आरोपी आईटीआई से पढ़ाई कर रहा है। खोराबार पुलिस को आरोपी और उसकी मां नेबुली के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज करने की तहरीर दी गई है। पुलिस जांच में जुटी है।
शांति देवी शुक्रवार की देर रात बहन के बेटे रवि के साथ बंजरिया टोला की शशिकला के घर गईं थीं। आरोप है कि वहां से लौटते वक्त एक युवक के साथ रास्ते में मिले राहुल ने उनपर फायर झोंक दिया। दो गोली लगने पर शांति अचेत होकर गिर पड़ीं। गोली 12 बोर के कट्टे से मारी गई। आवाज सुनकर आसपास के लोग जुट गए। मौके पर अफरातफरा मच गई। आनन-फानन में महिला को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भेजा गया। वहां से जिला अस्पताल, फिर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। इंस्पेक्टर खोराबार भी मौके पर पहुंचे और पूछताछ की। सीओ कैंट अभिषेक सिंह ने जिला अस्पताल जाकर घायल महिला से बात की। घायल शांति देवी ने सीओ को बताया कि जेठानी नेबुली, जेठ बाबू लाल और उसका बेटा राहुल अक्सर गालीगलौज करते हैं। शुक्रवार की रात नेबुली ने ललकारा और राहुल ने उन्हें गोली मार दी।
शांति के मुताबिक उनकी शादी नेबूलाल से हुई थी लेकिन चार साल बाद ही उनकी मौत हो गई। उन्हें बच्चे नहीं हैं। वह करीब तीन बीघा जमीन पर खेती करती हैं। इसी जमीन पर जेठ, जेठानी और उनके बेटे की निगाह है। इसे ही लेकर विवाद चल रहा है। जमीन हथियाने के लिए उनकी हत्या की योजना बनाई गई थी। इसी नियत से गोली भी मारी गई। वारदात के बाद पुलिस ने दबिश दी लेकिन आरोपी घर पर नहीं मिले। खोराबार थाना प्रभारी सुधीर सिंह का कहना है कि घायल महिला ने भतीजे राहुल और जेठानी पर शक जताया है। इसी आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है। तहरीर भी मिली है। मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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19 साल से चल रहा है विवाद
जमीन का विवाद 19 साल से चल रहा है। पिछले दिनों फसल की बुआई को लेकर भी विवाद हुआ था। उस दौरान भी शांति को मारा-पीटा गया था। इसके बाद मामला खोराबार थाने पहुंचा। वहां हुई पंचायत में राहुल को दोबारा विवाद न करने की हिदायत देकर छोड़ा गया था। राहुल के पिता बाबूलाल बाहर रहते हैं। राहुल के साथ चार बहनें भी रहती हैं।
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शांति देवी शुक्रवार की देर रात बहन के बेटे रवि के साथ बंजरिया टोला की शशिकला के घर गईं थीं। आरोप है कि वहां से लौटते वक्त एक युवक के साथ रास्ते में मिले राहुल ने उनपर फायर झोंक दिया। दो गोली लगने पर शांति अचेत होकर गिर पड़ीं। गोली 12 बोर के कट्टे से मारी गई। आवाज सुनकर आसपास के लोग जुट गए। मौके पर अफरातफरा मच गई। आनन-फानन में महिला को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भेजा गया। वहां से जिला अस्पताल, फिर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। इंस्पेक्टर खोराबार भी मौके पर पहुंचे और पूछताछ की। सीओ कैंट अभिषेक सिंह ने जिला अस्पताल जाकर घायल महिला से बात की। घायल शांति देवी ने सीओ को बताया कि जेठानी नेबुली, जेठ बाबू लाल और उसका बेटा राहुल अक्सर गालीगलौज करते हैं। शुक्रवार की रात नेबुली ने ललकारा और राहुल ने उन्हें गोली मार दी।
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शांति के मुताबिक उनकी शादी नेबूलाल से हुई थी लेकिन चार साल बाद ही उनकी मौत हो गई। उन्हें बच्चे नहीं हैं। वह करीब तीन बीघा जमीन पर खेती करती हैं। इसी जमीन पर जेठ, जेठानी और उनके बेटे की निगाह है। इसे ही लेकर विवाद चल रहा है। जमीन हथियाने के लिए उनकी हत्या की योजना बनाई गई थी। इसी नियत से गोली भी मारी गई। वारदात के बाद पुलिस ने दबिश दी लेकिन आरोपी घर पर नहीं मिले। खोराबार थाना प्रभारी सुधीर सिंह का कहना है कि घायल महिला ने भतीजे राहुल और जेठानी पर शक जताया है। इसी आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है। तहरीर भी मिली है। मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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19 साल से चल रहा है विवाद
जमीन का विवाद 19 साल से चल रहा है। पिछले दिनों फसल की बुआई को लेकर भी विवाद हुआ था। उस दौरान भी शांति को मारा-पीटा गया था। इसके बाद मामला खोराबार थाने पहुंचा। वहां हुई पंचायत में राहुल को दोबारा विवाद न करने की हिदायत देकर छोड़ा गया था। राहुल के पिता बाबूलाल बाहर रहते हैं। राहुल के साथ चार बहनें भी रहती हैं।