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स्मैक तस्करी के विवाद में हुई थी मुकुंद तिवारी की हत्या
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
Updated Sun, 07 Aug 2016 01:16 AM IST
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Murder
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खोराबार में फ ोरलेन पर प्रापर्टी डीलर मुकुंद तिवारी की हत्या स्मैक तस्करी के विवाद में हुआ था। कुशीनगर हाटा के रहने वाले उसके साथी को गिरफ्तार कर पुलिस ने मामले का पर्दाफाश किया है। प्रापर्टी डीलर ने खजनी के रहने वाले अपने साथी की मदद से वारदात को अंजाम दिया था। आरोपियों के कब्जे से इनोवा कार, दो तमंचा मिला है। शनिवार दोपहर बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
खोराबार प्रतिनिधि के अनुसार शनिवार की दोपहर एसओ जैसराज यादव ने घटना का पर्दाफाश किया। उन्होंने बताया कि 16 अप्रैल की रात फोरलेन पर गायघाट के पास पिपराइच के हरखापुर निवासी मुकुंद तिवारी की लाश मिली थी। छानबीन में पता चला कि कुशीनगर, अहिरौली के बरवाबाबू निवासी कमलेश उर्फ गुड्डू के साथ मिलकर मुकुंद स्मैक तस्करी का धंधा करता था। गाजीपुर के रहने वाले मोहम्मद के यहां से दोनों से स्मैक लाकर शहर में बेचते थे। आठ महीने पहले मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया था। उसके जेल जाने के बाद छुपाकर रखे गए करीब 11 लाख रुपये का स्मैक कमलेश और मुुकुंद उठा लाए थे। रुपये बंटवारे को लेकर इनके बीच विवाद हुआ। 16 अप्रैल की शाम कमलेश ने बातचीत के लिए मुकुंद को बुलाया।
अपने इनोवा गाड़ी से उसे लेकर गाड़ी चालक खजनी के भीटी भगवानपुर निवासी सुधीर सिंह के साथ लेकर होटल में पहुंचा। भोजन करने के बाद रात में फोरलेन पर ले गया। जहां चालक की मदद से कमलेश ने मुकुं द के सिर में तमंचे से गोली मार दी। शव सड़क पर फेंकने के बाद दोनों फरार हो गए थे। शनिवार को इन्हें रजही के पास गिरफ्तार कर पुलिस ने इनोवा गाड़ी, दो तमंचा बरामद करने के बाद दोपहर बाद कोर्ट में पेश किया जहां से जेल भेज दिया गया।
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पुलिस की गिरफ्त से छूट गया था सुधीर
वारदात के बाद कमलेश उर्फ गुड्डू गोवा चला गया था। उसकी इनोवा गाड़ी चलाने वाले सुधीर को खोराबार पुलिस ने संदेह के आधार पर पूछताछ के लिए हिरासत में लिया लेकिन जांच में कुछ पता नहीं चलने पर छोड़ दिया गया। पुलिस ने इनोवा को सीज कर दिया था जिसे उसने कोर्ट से छुड़ाया।
गोरखपुर, आजमगढ़ मंडल में बेचते थे स्मैक
एक साल से धंधे में मुकुंद और कमलेश एक साथ मिलकर स्मैक का धंधा करते थे। गोरखपुर के अलावा कुशीनगर, देवरिया, बलिया, मऊ में 50 से अधिक धंधेबाजों के पास स्मैक पहुंचाते थे। एसओ खोराबार जैसराज यादव ने बताया कि तस्करी में वे इनोवा गाड़ी का इस्तेमाल करते थे।
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खोराबार प्रतिनिधि के अनुसार शनिवार की दोपहर एसओ जैसराज यादव ने घटना का पर्दाफाश किया। उन्होंने बताया कि 16 अप्रैल की रात फोरलेन पर गायघाट के पास पिपराइच के हरखापुर निवासी मुकुंद तिवारी की लाश मिली थी। छानबीन में पता चला कि कुशीनगर, अहिरौली के बरवाबाबू निवासी कमलेश उर्फ गुड्डू के साथ मिलकर मुकुंद स्मैक तस्करी का धंधा करता था। गाजीपुर के रहने वाले मोहम्मद के यहां से दोनों से स्मैक लाकर शहर में बेचते थे। आठ महीने पहले मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया था। उसके जेल जाने के बाद छुपाकर रखे गए करीब 11 लाख रुपये का स्मैक कमलेश और मुुकुंद उठा लाए थे। रुपये बंटवारे को लेकर इनके बीच विवाद हुआ। 16 अप्रैल की शाम कमलेश ने बातचीत के लिए मुकुंद को बुलाया।
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अपने इनोवा गाड़ी से उसे लेकर गाड़ी चालक खजनी के भीटी भगवानपुर निवासी सुधीर सिंह के साथ लेकर होटल में पहुंचा। भोजन करने के बाद रात में फोरलेन पर ले गया। जहां चालक की मदद से कमलेश ने मुकुं द के सिर में तमंचे से गोली मार दी। शव सड़क पर फेंकने के बाद दोनों फरार हो गए थे। शनिवार को इन्हें रजही के पास गिरफ्तार कर पुलिस ने इनोवा गाड़ी, दो तमंचा बरामद करने के बाद दोपहर बाद कोर्ट में पेश किया जहां से जेल भेज दिया गया।
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पुलिस की गिरफ्त से छूट गया था सुधीर
वारदात के बाद कमलेश उर्फ गुड्डू गोवा चला गया था। उसकी इनोवा गाड़ी चलाने वाले सुधीर को खोराबार पुलिस ने संदेह के आधार पर पूछताछ के लिए हिरासत में लिया लेकिन जांच में कुछ पता नहीं चलने पर छोड़ दिया गया। पुलिस ने इनोवा को सीज कर दिया था जिसे उसने कोर्ट से छुड़ाया।
गोरखपुर, आजमगढ़ मंडल में बेचते थे स्मैक
एक साल से धंधे में मुकुंद और कमलेश एक साथ मिलकर स्मैक का धंधा करते थे। गोरखपुर के अलावा कुशीनगर, देवरिया, बलिया, मऊ में 50 से अधिक धंधेबाजों के पास स्मैक पहुंचाते थे। एसओ खोराबार जैसराज यादव ने बताया कि तस्करी में वे इनोवा गाड़ी का इस्तेमाल करते थे।