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गर्भवती की मौत पर नर्सिंग होम में हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 08 Jan 2016 10:40 PM IST
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गोरखपुर। शाहपुर इलाके के राणा नर्सिंग होम में गर्भवती की मौत पर जमकर हंगामा हुआ। शुक्रवार की सुबह मौत की सूचना मिलते ही घर वाले और उनके करीबी नर्सिंग होम में हंगामा करने लगे। जानकारी होने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। सपा विधायक राजमति निषाद के बेटे अमरेंद्र निषाद भी संवेदनाएं व्यक्त करने पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पीड़ित पति ने शाहपुर थाने में तहरीर दी है।
गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है।
गुलरिहा थाना क्षेत्र के सराय गुलरिहा निवासी विजय निषाद की 22 वर्षीय पत्नी मोनिका देवी का राणा हास्पिटल की डॉ. सोना घोष के यहां इलाज चल रहा था। पति विजय ने बताया कि समय-समय पर नियमित जांच को भी जाते थे। 7 जनवरी की शाम अधिक रक्तस्राव होने पर परिजन मोनिका को लेकर हास्पिटल पहुंचे। डॉक्टर ने पेट में बच्चा होने के साथ ही ट्यूमर की शिकायत बताई और तत्काल भर्ती करने की सलाह दी।
डॉक्टर की सलाह पर मरीज को बृहस्पतिवार की शाम 4 बजे भर्ती कराया गया। डॉ. सोना ने मोनिका का ऑपरेशन किया लेकिन इसके बाद किसी तरह की कोई जानकारी नहीं दी। देर रात पूछे जाने पर भी कुछ नहीं बताया गया और न ही किसी घर वाले को मिलने दिया गया। शुक्रवार की सुबह सात बजे भी कुछ नहीं बताया और थोड़ी देर बाद उसका शव दे दिया गया। ज्यादा दबाव बढ़ता देख अस्पताल की ओर रिंकी नामक एक मरीज के कागजात दिखाए गए। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है।
गुलरिहा थाना क्षेत्र के सराय गुलरिहा निवासी विजय निषाद की 22 वर्षीय पत्नी मोनिका देवी का राणा हास्पिटल की डॉ. सोना घोष के यहां इलाज चल रहा था। पति विजय ने बताया कि समय-समय पर नियमित जांच को भी जाते थे। 7 जनवरी की शाम अधिक रक्तस्राव होने पर परिजन मोनिका को लेकर हास्पिटल पहुंचे। डॉक्टर ने पेट में बच्चा होने के साथ ही ट्यूमर की शिकायत बताई और तत्काल भर्ती करने की सलाह दी।
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डॉक्टर की सलाह पर मरीज को बृहस्पतिवार की शाम 4 बजे भर्ती कराया गया। डॉ. सोना ने मोनिका का ऑपरेशन किया लेकिन इसके बाद किसी तरह की कोई जानकारी नहीं दी। देर रात पूछे जाने पर भी कुछ नहीं बताया गया और न ही किसी घर वाले को मिलने दिया गया। शुक्रवार की सुबह सात बजे भी कुछ नहीं बताया और थोड़ी देर बाद उसका शव दे दिया गया। ज्यादा दबाव बढ़ता देख अस्पताल की ओर रिंकी नामक एक मरीज के कागजात दिखाए गए। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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