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टिकट होने के बाद भी देना पड़ा 1200 जुर्माना
Updated Wed, 03 Feb 2016 12:44 AM IST
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झुंगिया बाजार के रहने वाले दीपक कुमार ने आरपीएफ के एक सिपाही पर टिकट होने के बाद भी प्रताड़ित करने और झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने का आरोप लगाया है। ट्विटर के जरिए उसने इस मामले की शिकायत रेल मंत्री, पूर्वोत्तर रेलवे के जीएम और लखनऊ मंडल के डीआरएम से की है। सीपीआरओ संजय यादव का कहना है कि इस मामले की जांच कराई जाएगी।
पुणे में मजदूरी करने वाले दीपक का आरोप है कि 29 जनवरी को वह सुपरफास्ट दर्जे का टिकट लेकर पुणे से गोरखपुर के लिए चला। 31 की रात तीन बजे के करीब वह गोरखपुर स्टेशन पहुंचा। प्लेटफार्म से बाहर निकलते वक्त नशे में धुत आरपीएफ के एक सिपाही ने उसे रोक लिया और बैग चेक कराने को कहा। बैग में कुछ नहीं मिला तो भी वह 400 रुपये मांगने लगा। सिपाही का कहना था बिना रुपये दिए उसे बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। रुपये न देने पर वह दीपक को पोस्ट ले गया और 12 बजे तक उसे वहीं बैठाया रखा।
दीपक ने घर वालों को सूचना देने की कोशिश की तो उसकी पिटाई की गई। दोपहर बाद प्लेटफार्म पर बिना टिकट घूमते पकड़े जाने की रिपोर्ट बनाकर उसका चालान कर दिया गया। मजिस्ट्रेट के सामने पेशी के दौरान उसने किसी की मदद से अपने घरवालों को जानकारी दी। इसपर उसके पिता छोटू ने वहां जाकर 1200 रुपये जुर्माना अदा किया, तब जाकर वह छूटा।
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पुणे में मजदूरी करने वाले दीपक का आरोप है कि 29 जनवरी को वह सुपरफास्ट दर्जे का टिकट लेकर पुणे से गोरखपुर के लिए चला। 31 की रात तीन बजे के करीब वह गोरखपुर स्टेशन पहुंचा। प्लेटफार्म से बाहर निकलते वक्त नशे में धुत आरपीएफ के एक सिपाही ने उसे रोक लिया और बैग चेक कराने को कहा। बैग में कुछ नहीं मिला तो भी वह 400 रुपये मांगने लगा। सिपाही का कहना था बिना रुपये दिए उसे बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। रुपये न देने पर वह दीपक को पोस्ट ले गया और 12 बजे तक उसे वहीं बैठाया रखा।
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दीपक ने घर वालों को सूचना देने की कोशिश की तो उसकी पिटाई की गई। दोपहर बाद प्लेटफार्म पर बिना टिकट घूमते पकड़े जाने की रिपोर्ट बनाकर उसका चालान कर दिया गया। मजिस्ट्रेट के सामने पेशी के दौरान उसने किसी की मदद से अपने घरवालों को जानकारी दी। इसपर उसके पिता छोटू ने वहां जाकर 1200 रुपये जुर्माना अदा किया, तब जाकर वह छूटा।
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