{"_id":"58974c984f1c1b9073e80379","slug":"a-journalist-was-arrested-to-beat-driver-of-prachar-van","type":"story","status":"publish","title_hn":"अफसर बन रोका प्रचार रथ, चालक को पीटा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अफसर बन रोका प्रचार रथ, चालक को पीटा
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Mon, 06 Feb 2017 01:27 AM IST
विज्ञापन
खजनी थाने में कथित पत्रकार से पूछताछ करती पुलिस।
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खजनी के मझगावां के पास रविवार को अफसर बनकर सड़क पर रौब गांठने और मारपीट करने वाले कथित पत्रकार को पुलिस ने गिरफ्तार किया। पकड़े गए युवक ने भाजपा के प्रचार रथ को रोक कर चेकिंग के नाम पर पेपर मांगे, फिर उसे फर्जी बताते हुए चालक को पीटने लगा। स्थानीय लोगों ने बीचबचाव के बीच ही पुलिस को सूचना दे दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की तो उसने पहले खुद को बीएसपी का नेता बताया फिर एक समाचार पत्र का ब्यूरो चीफ बताने लगा। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर अवैध असलहा रखने, बिना अनुमति के प्रचार सामग्री रखने, हूटर के इस्तेमाल करने, शांतिभंग की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
खजनी प्रतिनिधि के मुताबिक सहजनवां क्षेत्र के बरहुआं गांव के श्रवण यादव भाजपा का रथ लेकर प्रचार कर रहे थे। इसी बीच एक चार पहिया वाहन पीछे से हूटर बचाते हुए आई। रथ को ओवरटेक कर रुकी गाड़ी से उतरे शख्स ने अनुमति के कागज मांगे। श्रवण ने जैसे ही अनुमति कागज पकड़ाया उसने फर्जी बताते हुए चालक को बाहर खींच लिया और सड़क पर ही पीटने लगा। गांव के लोग भी उसके अंदाज से उसे अफसर समझ बैठे। काफी मिन्नत कर छुड़ाया। तभी किसी ने मारपीट की सूचना पुलिस को दे दी।
सूचना पाते ही इंस्पेक्टर खजनी गोपाल त्रिपाठी, नायब तहसीलदार पहुंच गए। पकड़े जाने के बाद वह खुद को पत्रकार बताने लगा। पुलिस ने गाड़ी की तलाशी ली तो एक राइफल मिली जो सहजनवां के खानीपुर निवासी विद्यासागर के नाम पर है। गाड़ी में बीएसपी की प्रचार सामग्री भी मिली है। पुलिस ने उसे हिरासत में लिया तो वह बदसलूकी भी करने लगा। पकड़े गए युवक की पहचान वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र के पहड़िया, बिहार कॉलोनी फेज 2 निवासी अखिलेश कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया।
विज्ञापन
थाने में भी दिखाई हेकड़ी
पुलिस हिरासत में थाने पर आने के बाद भी अखिलेश ने हेकड़ी दिखाई। खुद की गलती मानने की जगह वह पुलिस पर पत्रकार बनकर रौब जताने लगा। उसने एक समाचार पत्र का आईकार्ड भी दिया। जो उसके नाम से ही जारी है और वाराणसी ब्यूरो चीफ का पद भी लिखा है। पुलिस गिरफ्त में आए कथित पत्रकार की एक न चली और एसएसपी के आदेश के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
विज्ञापन
खजनी प्रतिनिधि के मुताबिक सहजनवां क्षेत्र के बरहुआं गांव के श्रवण यादव भाजपा का रथ लेकर प्रचार कर रहे थे। इसी बीच एक चार पहिया वाहन पीछे से हूटर बचाते हुए आई। रथ को ओवरटेक कर रुकी गाड़ी से उतरे शख्स ने अनुमति के कागज मांगे। श्रवण ने जैसे ही अनुमति कागज पकड़ाया उसने फर्जी बताते हुए चालक को बाहर खींच लिया और सड़क पर ही पीटने लगा। गांव के लोग भी उसके अंदाज से उसे अफसर समझ बैठे। काफी मिन्नत कर छुड़ाया। तभी किसी ने मारपीट की सूचना पुलिस को दे दी।
विज्ञापन
सूचना पाते ही इंस्पेक्टर खजनी गोपाल त्रिपाठी, नायब तहसीलदार पहुंच गए। पकड़े जाने के बाद वह खुद को पत्रकार बताने लगा। पुलिस ने गाड़ी की तलाशी ली तो एक राइफल मिली जो सहजनवां के खानीपुर निवासी विद्यासागर के नाम पर है। गाड़ी में बीएसपी की प्रचार सामग्री भी मिली है। पुलिस ने उसे हिरासत में लिया तो वह बदसलूकी भी करने लगा। पकड़े गए युवक की पहचान वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र के पहड़िया, बिहार कॉलोनी फेज 2 निवासी अखिलेश कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया।
विज्ञापन
थाने में भी दिखाई हेकड़ी
पुलिस हिरासत में थाने पर आने के बाद भी अखिलेश ने हेकड़ी दिखाई। खुद की गलती मानने की जगह वह पुलिस पर पत्रकार बनकर रौब जताने लगा। उसने एक समाचार पत्र का आईकार्ड भी दिया। जो उसके नाम से ही जारी है और वाराणसी ब्यूरो चीफ का पद भी लिखा है। पुलिस गिरफ्त में आए कथित पत्रकार की एक न चली और एसएसपी के आदेश के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया गया।