फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   भाई को फंसाने के लिए रख दी थी कारबाइन

भाई को फंसाने के लिए रख दी थी कारबाइन

Fri, 25 May 2018 01:55 AM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर। Updated Fri, 25 May 2018 01:55 AM IST
विज्ञापन
भाई को फंसाने के लिए रख दी थी कारबाइन
एसपी सिटी विनय सिंह और सीओ प्रवीण सिंह ने घटना का पर्दाफाश किया।
गोरखपुर। कुसम्ही बाजार स्थित एक दुकान से बरामद की गई कारबाइन के मामले की जांच में सूचना देने वाला ही आरोपी निकला। पूछताछ में उसने बताया कि भूमि विवाद में सगे भाई को फंसाने के लिए दुकान की छत पर कारबाइन रखवाई गई थी। सूचना देने वाला युवक ही बिहार से हथियार खरीद कर लाया था। जांच में सच्चाई सामने आने के बाद बेकसूर दुकानदार को छोड़ दिया गया। पुलिस साजिशकर्ता भाई समेत दो की तलाश में लगी है।
विज्ञापन


पुलिस लाइंस में एसपी सिटी विनय कुमार सिंह ने बताया कि मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर स्वाट टीम ने कुसम्ही बाजार में एक श्रृंगार व कास्मेटिक की दुकान की छत से कारबाइन बरामद की। मामले में दुकान के ऊपर ही मकान बनाकर रहने वाले शेषनाथ को हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ में शेषनाथ ने पूरे मामले से अनभिज्ञता जाहिर की और निष्पक्ष जांच की मांग की। एसपी सिटी को मुखबिरी करने वाले पिपराइच क्षेत्र के रक्षवापार गांव निवासी शुभम मिश्रा पर संदेह हुआ। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने बताया कि शेषनाथ के बड़े भाई अमरजीत ने पड़ोसी जितेंद्र की मदद से छत पर कारबाइन और दो मैगजीन एक बैग में छत पर रखवाया था। शेषनाथ का अमरजीत से प्रापर्टी का विवाद है। पुलिस शुभम मिश्रा को गिरफ्तार कर अमरजीत और जितेंद्र के घर पहुंची तो वे फरार मिले। पुलिस दोनों की तलाश में लगी है।
विज्ञापन

75 हजार में खरीदी थी कारबाइन

पूछताछ में शुभम ने बताया कि उसने बिहार से 75 हजार में कारबाइन खरीदी थी। उसके पिता आरपीएफ में सिपाही है। वह पहले से असलहों की खरीद-फरोख्त करता है। लेकिन पुलिस की मुखबिरी करने की वजह से बच जाता था। अब पुलिस उसके सभी कारनामों की जांच कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

घर में कारबाइन मिलने से मचा था हड़कंप

घर में कारबाइन मिलने की सूचना पर पुलिस अफसर भी हैरत में थे। तमाम बड़े लोगों से तार जोड़कर पुलिस तहकीकात कर रही थी। लेकिन साजिश का मामला सामने आने के बाद महकमे ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed