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उम्र और शब्द के फेर में फंसी पुलिस

Sat, 23 Sep 2017 01:59 AM IST
Updated Sat, 23 Sep 2017 01:59 AM IST
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उम्र और शब्द के फेर में फंसी पुलिस

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गोरखपुर।
सेंट एंथोनी स्कूल की क्लास टीचर पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाकर आत्महत्या करने वाले पांचवीं कक्षा के छात्र नवनीत प्रकाश की उम्र से बड़ी सोच और उसके पिता रवि प्रकाश के बदलते बयान ने पुलिस की जांच को उलझा दिया है। पुलिस सुसाइड नोट में लिखे चापलूस और अलविदा जैसे शब्दों का इस्तेमाल किसके लिए किया गया, इसका पता अभी नहीं लगा सकी है। बहरहाल, उलझनों के बीच मामले की छानबीन जारी है। पुलिस तह तक पहुंचने का दावा भी कर रही है।
छात्र नवनीत प्रकाश की 19 सितंबर को जहर खाने से मौत हो गई थी। इस मामले में शाहपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी क्लास टीचर भावना राय को जेल भेज दिया है। अब पुलिस मामले की विवेचना में जुटी है। विवेचना से जुड़े पुलिस सूत्रों ने बताया कि नवनीत ने जो सुसाइड नोट लिखा था, उसके शब्द सोच में डालने वाले हैं। अब राइटिंग और फोरेंसिक एक्सपर्ट की मदद से गुत्थी सुलझाने की कोशिश की जा रही है। पता लगाया जा रहा है कि सुसाइड नोट नवनीत ने ही लिखा था? पुलिस का कहना है कि छोटी उम्र में भारी भरकम अर्थ वाले शब्द का लिखना भी खटक रहा है। पुलिस क्लास टीचर की बात, व्यवहार की भी जानकारी जुटा रही है। नवनीत के अस्पताल जाने के बाद क्लास टीचर ने उसका हाल-चाल जाना था, इसके पीछे की मंशा भी पुलिस जानना चाह रही है।
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पहले ब्लू व्हेल गेम, फिर दोस्तों को बेटे की मौत की वजह बताने वाले पिता रवि प्रकाश के बदलते बयान से भी पुलिस कंफ्यूज है। उसका कहना है कि मौत से पहले तक स्कूल प्रबंधन या फिर क्लास टीचर को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया था। नवनीत की मौत के बाद क्लास टीचर पर गंभीर आरोप मढ़ दिए गए। प्रताड़ना का आरोप लगाकर केस भी दर्ज करा दिया गया। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान नवनीत के पिता ने लिखकर दिया था कि वह किसी तरह की पुलिस कार्रवाई नहीं चाहते हैं। विवादों से भी उन्होंने इन्कार किया था।
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