{"_id":"59b975814f1c1b7d688b4606","slug":"61505326465-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विधायक समर्थकों ने एसई को पीटा-BAS","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
विधायक समर्थकों ने एसई को पीटा-BAS
Updated Wed, 13 Sep 2017 11:49 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विधायक समर्थकों ने एसई को पीटा
बस्ती। सूबे के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह की मीटिंग में शामिल होने आए अधीक्षण अभियंता (एसई) मुरली प्रसाद से भाजपा विधायक रवि सोनकर के समर्थकों ने मारपीट कर दी। एसई की तहरीर पर महादेवा सीट के विधायक सोनकर के समर्थक अश्विनी उपाध्याय के खिलाफ लोकसेवक पर हमला, सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
बुधवार को सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने बाढ़, बचाव-राहत कार्य सहित सिंचाई के कुछ बिंदुओं पर समीक्षा के लिए बैठक बुलाई थी। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी की बैठक के दौरान विधायक सोनकर सहित कई जनप्रतिनिधियों ने एसई मुरली प्रसाद के खिलाफ शिकायतें रखीं, जिस पर मंत्री ने एसई को हिदायत दी।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मंत्री के जाते ही एसई जैसे ही विधायक रवि सोनकर के सामने पड़े तो विधायक ने खरी-खोटी सुनानी शुरू कर दी। विधायक के साथ मौजूद समर्थक भी बरसने लगे। बचाव में एसई ने कुछ जवाब दिया तो आपा खोए समर्थकों ने धक्का-मुक्की शुरू कर दी। इसी बीच कुछ समर्थक उन्हें पीटने लगे। हंगामा बढ़ता देख वहां मौजूद कुछ लोगों ने बीच बचाव कराया।
विज्ञापन
एसपी संकल्प शर्मा ने बताया कि एसई की तहरीर के मुताबिक लोकसेवक पर हमला, सरकारी कार्य में बाधा डालने का केस दर्ज किया गया है। दूसरी ओर विधायक रवि सोनकर ने डाक बंगले में मारपीट की घटना से इन्कार किया है। उनका कहना है कि अधिकारी वर्ग दबाव में लेने के लिए नेताओं व कार्यकर्ताओं पर झूठे आरोप मढ़ रहे हैं।
------------
चर्चा में भाजपाइयों के तेवर
बस्ती। बुधवार को डाक बंगले में सिंचाई मंत्री के जाते ही विधायक समर्थकों का सिंचाई विभाग के एसई मुरली प्रसाद के प्रति रवैये राजनीतिक हलकों में चर्चा में रहा। गैर भाजपाई दलों ने कटाक्ष किए कि मर्यादित दल का दावा करने वाली भाजपा के नेता-कार्यकर्ता रोज नए कारनामें कर रहे हैं। कुछ जिन पहले कोतवाली में बवाल जैसा माहौल पैदा करने की घटना की चर्चा भी लोगों की जुबान पर रही।
इस बीच एसई ने आज के घटनाक्रम के बाबत पूछने पर बताया कि सिंचाई विभाग के एक निलंबित कर्मचारी के मामले में मनमाफिक आदेश न करा पाने से विधायक उन्हें निशाने पर ले रहे हैं।
---------
विज्ञापन
बस्ती। सूबे के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह की मीटिंग में शामिल होने आए अधीक्षण अभियंता (एसई) मुरली प्रसाद से भाजपा विधायक रवि सोनकर के समर्थकों ने मारपीट कर दी। एसई की तहरीर पर महादेवा सीट के विधायक सोनकर के समर्थक अश्विनी उपाध्याय के खिलाफ लोकसेवक पर हमला, सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
बुधवार को सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने बाढ़, बचाव-राहत कार्य सहित सिंचाई के कुछ बिंदुओं पर समीक्षा के लिए बैठक बुलाई थी। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी की बैठक के दौरान विधायक सोनकर सहित कई जनप्रतिनिधियों ने एसई मुरली प्रसाद के खिलाफ शिकायतें रखीं, जिस पर मंत्री ने एसई को हिदायत दी।
विज्ञापन
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मंत्री के जाते ही एसई जैसे ही विधायक रवि सोनकर के सामने पड़े तो विधायक ने खरी-खोटी सुनानी शुरू कर दी। विधायक के साथ मौजूद समर्थक भी बरसने लगे। बचाव में एसई ने कुछ जवाब दिया तो आपा खोए समर्थकों ने धक्का-मुक्की शुरू कर दी। इसी बीच कुछ समर्थक उन्हें पीटने लगे। हंगामा बढ़ता देख वहां मौजूद कुछ लोगों ने बीच बचाव कराया।
विज्ञापन
एसपी संकल्प शर्मा ने बताया कि एसई की तहरीर के मुताबिक लोकसेवक पर हमला, सरकारी कार्य में बाधा डालने का केस दर्ज किया गया है। दूसरी ओर विधायक रवि सोनकर ने डाक बंगले में मारपीट की घटना से इन्कार किया है। उनका कहना है कि अधिकारी वर्ग दबाव में लेने के लिए नेताओं व कार्यकर्ताओं पर झूठे आरोप मढ़ रहे हैं।
------------
चर्चा में भाजपाइयों के तेवर
बस्ती। बुधवार को डाक बंगले में सिंचाई मंत्री के जाते ही विधायक समर्थकों का सिंचाई विभाग के एसई मुरली प्रसाद के प्रति रवैये राजनीतिक हलकों में चर्चा में रहा। गैर भाजपाई दलों ने कटाक्ष किए कि मर्यादित दल का दावा करने वाली भाजपा के नेता-कार्यकर्ता रोज नए कारनामें कर रहे हैं। कुछ जिन पहले कोतवाली में बवाल जैसा माहौल पैदा करने की घटना की चर्चा भी लोगों की जुबान पर रही।
इस बीच एसई ने आज के घटनाक्रम के बाबत पूछने पर बताया कि सिंचाई विभाग के एक निलंबित कर्मचारी के मामले में मनमाफिक आदेश न करा पाने से विधायक उन्हें निशाने पर ले रहे हैं।
---------