{"_id":"593b07184f1c1b22338b45b3","slug":"61497040664-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तत्काल टिकट के साथ पकड़े गए जालसाज","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
तत्काल टिकट के साथ पकड़े गए जालसाज
Updated Sat, 10 Jun 2017 02:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर।
रेलवे विजिलेंस टीम ने तत्काल टिकट के साथ शुक्रवार को जालसाज को दबोच लिया। भटहट में हुई छापेमारी के बाद वहां हड़कंप मच गया और दुकानें बंद होने लगीं। विजिलेंस टीम ने पकड़े गए जालसाज के पास से 17 ई-टिकट बरामद किए हैं, जिसमें से कई तत्काल टिकटें हैं। साल भर में वह 2 लाख 65 हजार 105 रुपये के टिकट बना चुका था। पूछताछ के बाद विजिलेंस ने कार्रवाई के लिए जालसाज को आरपीएफ के सुपुर्द कर दिया।
भटहट स्थित लॉरी प्लाजा में ई-टिकट की जालसाजी की जानकारी मिली थी। रेलवे के विजिलेंस अधिकारी मुकेश कुमार सिंह, गिरिजेश प्रजापति, कांस्टेबल अजय कुमार, धनंजय, अभिषेक मिश्रा की टीम ने छापेमारी की तो मौके से दो कंप्यूटर के साथ मोहम्मद आरिफ, मोहम्मद तारिक का पकड़ लिया। उनके पास से तमाम आईडी और टिकट भी बरामद हुए। ये दोनों विदेश में रुपये भेजने का भी कारोबार करते हैं। टीम की अचानक हुई कार्रवाई से कस्बे में हड़कंप मच गया। तमाम दुकानदार दुकानें बंद कर फरार हो गए। मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपी भाई हैं। पूछताछ के बाद एक को छोड़ दिया गया और दूसरे को आरपीएफ के सुपुर्द कर दिया गया है।
गोरखपुर।
रेलवे विजिलेंस टीम ने तत्काल टिकट के साथ शुक्रवार को जालसाज को दबोच लिया। भटहट में हुई छापेमारी के बाद वहां हड़कंप मच गया और दुकानें बंद होने लगीं। विजिलेंस टीम ने पकड़े गए जालसाज के पास से 17 ई-टिकट बरामद किए हैं, जिसमें से कई तत्काल टिकटें हैं। साल भर में वह 2 लाख 65 हजार 105 रुपये के टिकट बना चुका था। पूछताछ के बाद विजिलेंस ने कार्रवाई के लिए जालसाज को आरपीएफ के सुपुर्द कर दिया।
भटहट स्थित लॉरी प्लाजा में ई-टिकट की जालसाजी की जानकारी मिली थी। रेलवे के विजिलेंस अधिकारी मुकेश कुमार सिंह, गिरिजेश प्रजापति, कांस्टेबल अजय कुमार, धनंजय, अभिषेक मिश्रा की टीम ने छापेमारी की तो मौके से दो कंप्यूटर के साथ मोहम्मद आरिफ, मोहम्मद तारिक का पकड़ लिया। उनके पास से तमाम आईडी और टिकट भी बरामद हुए। ये दोनों विदेश में रुपये भेजने का भी कारोबार करते हैं। टीम की अचानक हुई कार्रवाई से कस्बे में हड़कंप मच गया। तमाम दुकानदार दुकानें बंद कर फरार हो गए। मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपी भाई हैं। पूछताछ के बाद एक को छोड़ दिया गया और दूसरे को आरपीएफ के सुपुर्द कर दिया गया है।
विज्ञापन