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मेडिकल कॉलेज में मरीज की मौत के बाद फिर हुई मारपीट
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मरीज की मौत के बाद तीमारदारों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा
मेडिकल कॉलेेज में जूनियर डॉक्टरों और गार्डों ने फिर की मारपीट
पिटाई से गंभीर रूप से घायल तीमारदार को चौकी इंचार्ज ने बचाया
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन इमरजेंसी वार्ड में मरीज की मौत के बाद जूनियर डॉक्टरों और गार्डों ने तीमारदारों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। मरीज की मौत की जानकारी मिलने के बाद तीमारदारों ने दोबारा चेक करने का दबाव बनाया तो जूनियर डॉक्टरों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया था। पिटाई से मृतक के बड़े भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर पहुंचे मेडिकल कॉलेज चौकी इंचार्ज ने किसी तरह से उनको बचाया। चौकी इंचार्ज के प्रयास से तीमारदारों को शव मिल सका।
तिवारीपुर क्षेत्र के घासीकटरा निवासी आनंद कुमार चौरसिया का चार मई से मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा था। वह मेडिसिन इमरजेंसी के वार्ड संख्या चौदह में भर्ती थे। शनिवार को दोपहर तीन बजे के आसपास उनकी सांस थम गई। डॉक्टर ने उनकी मौत की पुष्टि कर दी। परिजनों को आनंद की मौत पर यकीन नहीं हो रहा था। परिवार के कुछ लोग डॉक्टरों पर एक बार फिर से चेक करने का दबाव बना रहे थे। उसी बात पर जूनियर डॉक्टरों और तीमारदारों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। आरोप है कि उसके बाद वार्ड में तैनात गार्डों के साथ मिलकर जूनियर डॉक्टरों ने उन तीमारदारों की पिटाई शुरू कर दी। गार्ड और जूनियर डॉक्टरों ने तीमारदारों को वार्ड के गलियारे में दौड़-दौड़ाकर पीटा। इसमें आनंद के बड़े भाई शैलेंद्र बुरी तरह से घायल हो गए। गुलरिहा थानेदार मनोज कुमार राय ने बताया कि तहरीर मिली है। आरोपों की छानबीन कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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मरीज की मौत के बाद तीमारदारों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा
मेडिकल कॉलेेज में जूनियर डॉक्टरों और गार्डों ने फिर की मारपीट
पिटाई से गंभीर रूप से घायल तीमारदार को चौकी इंचार्ज ने बचाया
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन इमरजेंसी वार्ड में मरीज की मौत के बाद जूनियर डॉक्टरों और गार्डों ने तीमारदारों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। मरीज की मौत की जानकारी मिलने के बाद तीमारदारों ने दोबारा चेक करने का दबाव बनाया तो जूनियर डॉक्टरों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया था। पिटाई से मृतक के बड़े भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर पहुंचे मेडिकल कॉलेज चौकी इंचार्ज ने किसी तरह से उनको बचाया। चौकी इंचार्ज के प्रयास से तीमारदारों को शव मिल सका।
तिवारीपुर क्षेत्र के घासीकटरा निवासी आनंद कुमार चौरसिया का चार मई से मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा था। वह मेडिसिन इमरजेंसी के वार्ड संख्या चौदह में भर्ती थे। शनिवार को दोपहर तीन बजे के आसपास उनकी सांस थम गई। डॉक्टर ने उनकी मौत की पुष्टि कर दी। परिजनों को आनंद की मौत पर यकीन नहीं हो रहा था। परिवार के कुछ लोग डॉक्टरों पर एक बार फिर से चेक करने का दबाव बना रहे थे। उसी बात पर जूनियर डॉक्टरों और तीमारदारों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। आरोप है कि उसके बाद वार्ड में तैनात गार्डों के साथ मिलकर जूनियर डॉक्टरों ने उन तीमारदारों की पिटाई शुरू कर दी। गार्ड और जूनियर डॉक्टरों ने तीमारदारों को वार्ड के गलियारे में दौड़-दौड़ाकर पीटा। इसमें आनंद के बड़े भाई शैलेंद्र बुरी तरह से घायल हो गए। गुलरिहा थानेदार मनोज कुमार राय ने बताया कि तहरीर मिली है। आरोपों की छानबीन कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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