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लापरवाही में चौरीचौरा थानेदार सस्पेंड
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Tue, 21 Nov 2017 10:07 PM IST
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औचक निरीक्षण का हवाला देकर फर्जी सीआईडी इंस्पेक्टर दुकानदारों से दो हजार रुपये तक ऐंठ रहा था।
- फोटो : Demo Pic
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गैर कानूनी तरीके से शराब बेच रहे शख्स पर कार्रवाई में देरी करने पर चौरीचौरा के थानेदार रामअशीष यादव सस्पेंड कर दिए गए हैं। सीओ ने गोपनीय सूचना के आधार पर छापेमारी कर शराब विक्रेता को पकड़ा था और कार्रवाई के लिए थाने को सुपुर्द कर दिया था। थानेदार ने मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की और केस दर्ज नहीं किया। इसकी जानकारी होने पर एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने थानेदार को सस्पेंड कर चुनाव आयोग को रिपोर्ट भेज दी है। उनकी जगह कैंट एसएसआई रहे ब्रजेश सिंह को थाने का प्रभार दिया गया है।
सीओ चौरीचौरा प्रवीण सिंह को इलाके में गैर कानूनी तरीके से एक गांव में शराब बेचे जाने की सूचना मिली थी। स्थानीय पुलिस की मिलीभगत होने की भी आशंका सूचना देने वाले ने जताई थी। इसके बाद ही सीओ खुद मौके पर पहुंचकर शराब बेचते हुए एक शख्स को पकड़ लिया। सीओ ने थाने को शराब पकड़े जाने की सूचना दी थी। इसके बाद पहुंचे चौरीचौरा थानेदार राम आशीष यादव ने आरोपी शराब विक्रेता को हिरासत में ले लिया लेकिन थाने ले जाने के बाद केस दर्ज नहीं किया। इधर, सीओ ने एसएसपी को घटना की जानकारी दे दी थी। एसएसपी ने कार्रवाई के बारे में पूछा तो केस दर्ज न होने की जानकारी मिली। इससे नाराज एसएसपी ने सोमवार देर रात थानेदार को सस्पेंड कर दिया। एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने बताया कि सीओ के शराब पकड़ने पर भी कार्रवाई में देरी करने पर राम आशीष यादव को सस्पेंड कर दिया गया है।
पहले भी दी थी चेतावनी
चौरीचौरा इलाके के एक गांव में विवाद के एक ही मामले में तीन केस दर्ज हुए थे। इस मामले में भी थानेदार की लापरवाही सामने आई थी। पीड़ित पक्ष पर दबाव बनाने के लिए दर्ज किए गए केस की जानकारी होने के बाद एसएसपी ने थानेदार को चेतावनी दी थी। उस समय सीओ ने भी जांच कर थानेदार के खिलाफ रिपोर्ट दी थी। दो बार लापरवाही सामने आने पर एसएसपी ने उन्हें सस्पेंड कर दिया।
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निर्दल प्रत्याशी की मदद करने का भी आरोप
राम आशीष यादव पर मुंडेरा बाजार नगर पंचायत से अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ रहे एक निर्दल प्रत्याशी की मदद करने का भी आरोप लगा था। विधायक संगीता यादव ने राज्य निर्वाचन आयोग, मुख्यमंत्री और एसएसपी को पत्र भेजकर इसकी शिकायत की थी, जिसके बाद राम आशीष का तबादला लखनऊ रेंज में हो गया था, लेकिन अधिसूचना लग जाने से उन्हें कार्यमुक्त नहीं किया गया। इसी बीच गैर कानूनी तरीके से शराब कारोबारी के खिलाफ कार्रवाई न करने का मामला सामने आ गया।
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सीओ चौरीचौरा प्रवीण सिंह को इलाके में गैर कानूनी तरीके से एक गांव में शराब बेचे जाने की सूचना मिली थी। स्थानीय पुलिस की मिलीभगत होने की भी आशंका सूचना देने वाले ने जताई थी। इसके बाद ही सीओ खुद मौके पर पहुंचकर शराब बेचते हुए एक शख्स को पकड़ लिया। सीओ ने थाने को शराब पकड़े जाने की सूचना दी थी। इसके बाद पहुंचे चौरीचौरा थानेदार राम आशीष यादव ने आरोपी शराब विक्रेता को हिरासत में ले लिया लेकिन थाने ले जाने के बाद केस दर्ज नहीं किया। इधर, सीओ ने एसएसपी को घटना की जानकारी दे दी थी। एसएसपी ने कार्रवाई के बारे में पूछा तो केस दर्ज न होने की जानकारी मिली। इससे नाराज एसएसपी ने सोमवार देर रात थानेदार को सस्पेंड कर दिया। एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने बताया कि सीओ के शराब पकड़ने पर भी कार्रवाई में देरी करने पर राम आशीष यादव को सस्पेंड कर दिया गया है।
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पहले भी दी थी चेतावनी
चौरीचौरा इलाके के एक गांव में विवाद के एक ही मामले में तीन केस दर्ज हुए थे। इस मामले में भी थानेदार की लापरवाही सामने आई थी। पीड़ित पक्ष पर दबाव बनाने के लिए दर्ज किए गए केस की जानकारी होने के बाद एसएसपी ने थानेदार को चेतावनी दी थी। उस समय सीओ ने भी जांच कर थानेदार के खिलाफ रिपोर्ट दी थी। दो बार लापरवाही सामने आने पर एसएसपी ने उन्हें सस्पेंड कर दिया।
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निर्दल प्रत्याशी की मदद करने का भी आरोप
राम आशीष यादव पर मुंडेरा बाजार नगर पंचायत से अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ रहे एक निर्दल प्रत्याशी की मदद करने का भी आरोप लगा था। विधायक संगीता यादव ने राज्य निर्वाचन आयोग, मुख्यमंत्री और एसएसपी को पत्र भेजकर इसकी शिकायत की थी, जिसके बाद राम आशीष का तबादला लखनऊ रेंज में हो गया था, लेकिन अधिसूचना लग जाने से उन्हें कार्यमुक्त नहीं किया गया। इसी बीच गैर कानूनी तरीके से शराब कारोबारी के खिलाफ कार्रवाई न करने का मामला सामने आ गया।