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जिला अस्पताल में घायल महिला की मौत पर हंगामा
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Mon, 19 Mar 2018 07:29 PM IST
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जिला अस्पताल।
- फोटो : Amar Ujala
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जिला अस्पताल की इमरजेंसी में सोमवार की शाम को जमकर हंगामा हुआ। इलाज के दौरान मरीज की मौत के बाद परिवारवाले भड़क गए। वे इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। अस्पताल प्रशासन के लोग मौके पर पहुंचे और तीमारदारों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। हंगामे की जानकारी होने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए कहा, लेकिन परिवारवाले इसके लिए राजी नहीं हुए। पुलिस ने जब पोस्टमार्टम पर जोर दिया तो परिवारवाले शव लेकर चले गए।
खजनी निवासी वृद्धा मालती यादव के सिर पर सुबह आठ बजे गहरी चोट लग गई तो परिवारवाले आनन-फानन में उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां इमरजेंसी में उन्हें करीब नौ बजे भर्ती कराया गया। इलाज के बीच तबीयत बिगड़ने लगी। परिवारवाले डॉक्टर के पास गए और उन्हें इसकी जानकारी दी। डॉक्टर ने जाकर मरीज को देखा और तबीयत में सुधार होने की बात कही। इलाज के दौरान शाम करीब चार बजे मरीज की मौत हो गई। इससे तीमारदार भड़क गए और इमरजेंसी वार्ड में हंगामा शुरू कर दिया।
मालती देवी के पोते सर्वेश यादव ने आरोप लगाया कि कंपाउंडर के इंजेक्शन देने के बाद मरीज की मौत हुई। सूचना पर पहुंचे अस्पताल प्रशासन के लोगों ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन हंगामा शांत नहीं हुआ। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई के लिए पोस्टमार्टम कराने की जरूरत बताई तो परिवार के लोग पीछे हट गए। पोस्टमार्टम कराने से इन्कार करते हुए वे शव के साथ गांव चले गए।
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खजनी निवासी वृद्धा मालती यादव के सिर पर सुबह आठ बजे गहरी चोट लग गई तो परिवारवाले आनन-फानन में उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां इमरजेंसी में उन्हें करीब नौ बजे भर्ती कराया गया। इलाज के बीच तबीयत बिगड़ने लगी। परिवारवाले डॉक्टर के पास गए और उन्हें इसकी जानकारी दी। डॉक्टर ने जाकर मरीज को देखा और तबीयत में सुधार होने की बात कही। इलाज के दौरान शाम करीब चार बजे मरीज की मौत हो गई। इससे तीमारदार भड़क गए और इमरजेंसी वार्ड में हंगामा शुरू कर दिया।
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मालती देवी के पोते सर्वेश यादव ने आरोप लगाया कि कंपाउंडर के इंजेक्शन देने के बाद मरीज की मौत हुई। सूचना पर पहुंचे अस्पताल प्रशासन के लोगों ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन हंगामा शांत नहीं हुआ। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई के लिए पोस्टमार्टम कराने की जरूरत बताई तो परिवार के लोग पीछे हट गए। पोस्टमार्टम कराने से इन्कार करते हुए वे शव के साथ गांव चले गए।
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