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सपा नेता संजय हत्याकांड में भाई को जेल भेजा
Updated Wed, 11 Oct 2017 07:47 PM IST
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गोरखपुर। सपा नेता व प्रॉपर्टी डीलर संजय यादव हत्याकांड में पुलिस ने बुधवार को मृतक के भाई व वादी दीपक यादव को ही जेल भेज दिया। दीपक ने माफिया विनोद से सांठगांठ कर उसके विरोधियों को फंसाने के लिए विवेचना प्रभावित करने कोशिश की थी। हत्याकांड में भी उसकी संलिप्तता पाई गई थी। पुलिस ने साक्ष्य जुटाकर दीपक को गिरफ्तार कर लिया। कुछ ही दिन पहले विवेचना में छेड़छाड़ करने वाले दरोगा विमलेंद्र पर भी एसएसपी ने कार्रवाई की थी।
बुधवार को सीओ कैंट अभिषेक सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस कर अभियुक्त के पकड़े जाने की जानकारी दी। सीओ ने बताया कि दीपक पर लाल बहादुर हत्याकांड में ब्रह्मदेव यादव व विजय बहादुर यादव को फंसाकर मुकदमे को न्यायालय में प्रभावित करने के लिए विवेचक से फोन पर बात कर कूटरचित दस्तावेज तैयार करने का भी आरोप था। इस पूरे प्रकरण की एसटीएफ ने जांच की थी। जांच रिपोर्ट के बाद ही कैंट थाने में केस दर्ज किया गया था। इस चर्चित हत्याकांड में पुलिस कई महीने तक कुछ नहीं कर सकी थी। सपा सरकार बदलने के बाद ही पुलिस ने इसमें सक्रियता दिखाई और फिर शव बरामद कर घटना का खुलासा किया। दीपक को गिरफ्तार करने वाली टीम में एसएसआई कैंट ब्रजेश सिंह, दिनेश मिश्रा, कैसर खां, गुणाकर शुक्ला शामिल थे।
बुधवार को सीओ कैंट अभिषेक सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस कर अभियुक्त के पकड़े जाने की जानकारी दी। सीओ ने बताया कि दीपक पर लाल बहादुर हत्याकांड में ब्रह्मदेव यादव व विजय बहादुर यादव को फंसाकर मुकदमे को न्यायालय में प्रभावित करने के लिए विवेचक से फोन पर बात कर कूटरचित दस्तावेज तैयार करने का भी आरोप था। इस पूरे प्रकरण की एसटीएफ ने जांच की थी। जांच रिपोर्ट के बाद ही कैंट थाने में केस दर्ज किया गया था। इस चर्चित हत्याकांड में पुलिस कई महीने तक कुछ नहीं कर सकी थी। सपा सरकार बदलने के बाद ही पुलिस ने इसमें सक्रियता दिखाई और फिर शव बरामद कर घटना का खुलासा किया। दीपक को गिरफ्तार करने वाली टीम में एसएसआई कैंट ब्रजेश सिंह, दिनेश मिश्रा, कैसर खां, गुणाकर शुक्ला शामिल थे।
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