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फर्जी दस्तावेज लगाकर ली बीएड की मान्यता, निरस्त
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Sun, 29 Jul 2018 01:18 AM IST
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गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्धता का फर्जी दस्तावेज लगाने वाले गोरखपुर और कुशीनगर के दो बीएड कॉलेजों की मान्यता राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने खत्म कर दी है। अगले शैक्षिक सत्र से इन कॉलेजों की दो सौ सीटों पर दाखिला नहीं लिया जा सकेगा। एनसीटीई उत्तर क्षेत्र की 287वीं बैठक 20 जुलाई को नई दिल्ली में हुई थी। इसमें गोरखपुर सदर तहसील के वीएनबीपी डिग्री कॉलेज का मामला रखा गया। कहा गया कि इस कॉलेजों को वर्ष 2015 में बीएड की सौ सीटों की मान्यता मिली थी। बाद में पता चला कि कॉलेज प्रबंधन ने फर्जीवाड़ा किया है।
गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्धता और शिक्षकों की नियुक्ति के जो अनुमोदन पत्र लगे हैं, वे फर्जी हैं। इसकी तस्दीक गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन ने की है। इस पर कॉलेज प्रबंधन को नोटिस देकर 15 दिन में जवाब मांगा गया था, जो नहीं मिल सका। छानबीन से चौंकाने वाले तथ्य भी सामने आए। पता चला कि बीएड की मान्यता के लिए विभागाध्यक्ष सहित अन्य शिक्षकों की नियुक्ति फर्जी है। मान्यता निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू हुई तो कॉलेज प्रबंधन ने शिक्षकों की नियुक्ति की दूसरी सूची जमा करा दी लेकिन इसका अनुमोदन भी विश्वविद्यालय प्रशासन नहीं कराया गया। इसका संज्ञान लेते हुए ही एनसीटीई ने 20 जुलाई को वीएनबीपी कॉलेज में बीएड की मान्यता खत्म करने का आदेश जारी कर दिया। इसकी सूचना विश्वविद्यालय प्रशासन को भी दी गई है।
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यह मामला पुराना है। एनसीटीई में सुनवाई चल रही थी। अब मान्यता खत्म की गई है। अगले शैक्षिक सत्र से कॉलेज में बीएड के विद्यार्थी नहीं भेजे जाएंगे। फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ सख्ती की जाएगी।
शत्रोहन वैश्य, रजिस्ट्रार गोरखपुर विश्वविद्यालय
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गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्धता और शिक्षकों की नियुक्ति के जो अनुमोदन पत्र लगे हैं, वे फर्जी हैं। इसकी तस्दीक गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन ने की है। इस पर कॉलेज प्रबंधन को नोटिस देकर 15 दिन में जवाब मांगा गया था, जो नहीं मिल सका। छानबीन से चौंकाने वाले तथ्य भी सामने आए। पता चला कि बीएड की मान्यता के लिए विभागाध्यक्ष सहित अन्य शिक्षकों की नियुक्ति फर्जी है। मान्यता निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू हुई तो कॉलेज प्रबंधन ने शिक्षकों की नियुक्ति की दूसरी सूची जमा करा दी लेकिन इसका अनुमोदन भी विश्वविद्यालय प्रशासन नहीं कराया गया। इसका संज्ञान लेते हुए ही एनसीटीई ने 20 जुलाई को वीएनबीपी कॉलेज में बीएड की मान्यता खत्म करने का आदेश जारी कर दिया। इसकी सूचना विश्वविद्यालय प्रशासन को भी दी गई है।
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रमादेवी कॉलेज में बीएड की मान्यता भी खत्म
एनसीटीई से मान्यता के लिए कुशीनगर के स्वर्गीय श्रीमति रमादेवी महाविद्यालय ने भी फर्जीवाड़ा किया। गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्धता और शिक्षकों की नियुक्ति के फर्जी दस्तावेज लगा दिए। इस कॉलेज को भी वर्ष 2015 में बीएड की सौ सीटों की मान्यता मिली थी। फर्जीवाड़ा खुलने के बाद मान्यता खत्म कर दी गई है। अब कॉलेज प्रबंधन बीएड में दाखिला नहीं ले सकेगा।
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संबद्धता, मान्यता की ये होती है प्रक्रिया
बीएड कॉलेज खोलने से पहले विभागाध्यक्ष और शिक्षकों की नियुक्ति करनी पड़ती है, फिर संबंधित विश्वविद्यालय से संबद्धता का अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना पड़ता है। प्रमाण पत्र मिलने के बाद मामला शासन के पास ज्यादा है। उच्च शिक्षा विभाग संबद्धता देने के साथ ही मान्यता देने की सिफारिश करता है लेकिन गोरखपुर और कुशीनगर के बीएड कॉलेजों के मामले में ऐसा नहीं किया गया।यह मामला पुराना है। एनसीटीई में सुनवाई चल रही थी। अब मान्यता खत्म की गई है। अगले शैक्षिक सत्र से कॉलेज में बीएड के विद्यार्थी नहीं भेजे जाएंगे। फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ सख्ती की जाएगी।
शत्रोहन वैश्य, रजिस्ट्रार गोरखपुर विश्वविद्यालय