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दरोगा भर्ती परीक्षा में सॉल्वर गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Thu, 21 Dec 2017 09:56 PM IST
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पकड़ा गया सॉल्वर।
- फोटो : Amar Ujala
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बेलीपार पुलिस ने दरोगा भर्ती परीक्षा में बैठे सॉल्वर को गिरफ्तार कर लिया। नौसड़ स्थित स्वास्तिक ऑनलाइन सेंटर पर बुधवार की शाम संदेह होने पर युवक को पुलिस ने पकड़ा। मामले में सॉल्वर (बिहार के जहानाबाद जिले का अभिषेक), इलाहाबाद के मास्टर माइंड समेत तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस ने बृहस्पतिवार को अभिषेक को जेल भेज दिया।
नौसड़ के ऑनलाइन सेंटर पर शाम 4.15 से 6.15 बजे की पाली में होने वाली परीक्षा में देवरिया के जैसोली निवासी रमेश प्रसाद पुत्र नेबूलाल को शामिल होना था। इसकी जगह पर बिहार के जहानाबाद, काको थाना क्षेत्र का देवछड़ा निवासी अभिषेक रंजन पुत्र दिनेश फर्जी दस्तावेज तैयार कर परीक्षा में शामिल होने पहुंच गया। चेकिंग के दौरान ही पुलिस को संदेह हो गया था, लेकिन वह परीक्षा में बैठ गया। परीक्षा शुरू होने से पहले फिर युवक की चेकिंग की गई और दस्तावेज फर्जी पाए जाने पर उसे हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ में उसने रुपये की खातिर दूसरे की जगह परीक्षा में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली। बताया कि इलाहाबाद के डॉ. अवधेश के कहने पर वह परीक्षा में शामिल हुआ था। पुलिस ने सॉल्वर अभिषेक, मास्टर माइंड डॉ. अवधेश, अभ्यर्थी रमेश के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी, सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज कर लिया।
एक लाख रुपये में तय हुआ था सौदा
रमेश प्रसाद ने सॉल्वर को परीक्षा देने के लिए एक लाख रुपये देने का वायदा किया था। पूछताछ में आरोपी अभिषेक रंजन ने पुलिस को बताया कि इलाहाबाद निवासी डॉ. अवधेश के कहने पर ही वह परीक्षा देने के लिए तैयार हुआ था। रिजल्ट आने के बाद ही उसे रमेश से रकम मिलनी थी।
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पेपर लीक होने पर रद्द हुई थी परीक्षा
दरोगा परीक्षा एक साल पहले पेपर लीक होने की वजह से रद्द हो गई थी। दोबारा परीक्षा में काफी सख्ती बरती जा रही है। पुलिस की सतर्कता से परीक्षा में शामिल होने से पहले ही सॉल्वर को पकड़ लिया गया।
इलाहाबाद में तैयारी करता था अभिषेक
नौसड़ में पकड़ा गया सॉल्वर अभिषेक रंजन इलाहाबाद में तैयारी करता था। वहीं पर डॉ. अवधेश से उसकी मुलाकात हुई थी। हालांकि डॉ. अवधेश इलाहाबाद में कहां के रहने वाले हैं, इसकी जानकारी अभिषेक नहीं दे पाया।
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नौसड़ के ऑनलाइन सेंटर पर शाम 4.15 से 6.15 बजे की पाली में होने वाली परीक्षा में देवरिया के जैसोली निवासी रमेश प्रसाद पुत्र नेबूलाल को शामिल होना था। इसकी जगह पर बिहार के जहानाबाद, काको थाना क्षेत्र का देवछड़ा निवासी अभिषेक रंजन पुत्र दिनेश फर्जी दस्तावेज तैयार कर परीक्षा में शामिल होने पहुंच गया। चेकिंग के दौरान ही पुलिस को संदेह हो गया था, लेकिन वह परीक्षा में बैठ गया। परीक्षा शुरू होने से पहले फिर युवक की चेकिंग की गई और दस्तावेज फर्जी पाए जाने पर उसे हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ में उसने रुपये की खातिर दूसरे की जगह परीक्षा में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली। बताया कि इलाहाबाद के डॉ. अवधेश के कहने पर वह परीक्षा में शामिल हुआ था। पुलिस ने सॉल्वर अभिषेक, मास्टर माइंड डॉ. अवधेश, अभ्यर्थी रमेश के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी, सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज कर लिया।
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एक लाख रुपये में तय हुआ था सौदा
रमेश प्रसाद ने सॉल्वर को परीक्षा देने के लिए एक लाख रुपये देने का वायदा किया था। पूछताछ में आरोपी अभिषेक रंजन ने पुलिस को बताया कि इलाहाबाद निवासी डॉ. अवधेश के कहने पर ही वह परीक्षा देने के लिए तैयार हुआ था। रिजल्ट आने के बाद ही उसे रमेश से रकम मिलनी थी।
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पेपर लीक होने पर रद्द हुई थी परीक्षा
दरोगा परीक्षा एक साल पहले पेपर लीक होने की वजह से रद्द हो गई थी। दोबारा परीक्षा में काफी सख्ती बरती जा रही है। पुलिस की सतर्कता से परीक्षा में शामिल होने से पहले ही सॉल्वर को पकड़ लिया गया।
इलाहाबाद में तैयारी करता था अभिषेक
नौसड़ में पकड़ा गया सॉल्वर अभिषेक रंजन इलाहाबाद में तैयारी करता था। वहीं पर डॉ. अवधेश से उसकी मुलाकात हुई थी। हालांकि डॉ. अवधेश इलाहाबाद में कहां के रहने वाले हैं, इसकी जानकारी अभिषेक नहीं दे पाया।