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कचहरी में आत्मसमर्पण की सूचना पर सक्रिय रही पुलिस
Updated Tue, 05 Sep 2017 01:24 AM IST
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गोरखपुर।
बीआरडी कांड में फरार चले रहे आरोपी डॉ. सतीश और चीफ फार्मासिस्ट गजानन के सोमवार को कोर्ट में आत्मसमर्पण की सूचना से पुलिस वाले सक्रिय हो गए। क्राइम ब्रांच के अलावा अन्य पुलिस कर्मी भी सादे वर्दी में दीवानी कचहरी के आसपास मंडराने लगे, मगर कोर्ट में अधिवक्ता के निधन की वजह से न्यायिक कार्य नहीं हुआ और दोनों में से कोई भी नहीं पहुंचा।
सोमवार को पुलिस को गोपनीय सूचना मिली थी कि डॉ. सतीश और गजानन कोर्ट में आत्मसमर्पण कर सकते हैं। इस सूचना के बाद पुलिस अफसरों के निर्देश पर पुलिस की कई टीमें सक्रिय हो गईं। पुलिस की मंशा थी कि कोर्ट के बाहर ही उनकी गिरफ्तारी कर ली जाए, मगर शोक के चलते कोर्ट में न्यायिक कार्य नहीं हो सका। न कोई आरोपी ही पहुंचा। दोपहर तक पुलिस वाले सादे वर्दी में कचहरी के आसपास टहलते रह गए। एक ओर पुलिस लगातार लोकेशन ट्रेस होने का दावा कर रही है तो दूसरी ओर गिरफ्तारी कर पाने में वह असफल भी दिख रही है। पुलिस की कोशिश यही है कि आरोपी कोर्ट से सीधे जेल न जाने पाएं। उनकी गिरफ्तारी हो। पूछताछ के बाद कोर्ट में पेशी हो, इसके बाद ही उन्हें जेल भेजा जाए।
बीआरडी कांड में फरार चले रहे आरोपी डॉ. सतीश और चीफ फार्मासिस्ट गजानन के सोमवार को कोर्ट में आत्मसमर्पण की सूचना से पुलिस वाले सक्रिय हो गए। क्राइम ब्रांच के अलावा अन्य पुलिस कर्मी भी सादे वर्दी में दीवानी कचहरी के आसपास मंडराने लगे, मगर कोर्ट में अधिवक्ता के निधन की वजह से न्यायिक कार्य नहीं हुआ और दोनों में से कोई भी नहीं पहुंचा।
सोमवार को पुलिस को गोपनीय सूचना मिली थी कि डॉ. सतीश और गजानन कोर्ट में आत्मसमर्पण कर सकते हैं। इस सूचना के बाद पुलिस अफसरों के निर्देश पर पुलिस की कई टीमें सक्रिय हो गईं। पुलिस की मंशा थी कि कोर्ट के बाहर ही उनकी गिरफ्तारी कर ली जाए, मगर शोक के चलते कोर्ट में न्यायिक कार्य नहीं हो सका। न कोई आरोपी ही पहुंचा। दोपहर तक पुलिस वाले सादे वर्दी में कचहरी के आसपास टहलते रह गए। एक ओर पुलिस लगातार लोकेशन ट्रेस होने का दावा कर रही है तो दूसरी ओर गिरफ्तारी कर पाने में वह असफल भी दिख रही है। पुलिस की कोशिश यही है कि आरोपी कोर्ट से सीधे जेल न जाने पाएं। उनकी गिरफ्तारी हो। पूछताछ के बाद कोर्ट में पेशी हो, इसके बाद ही उन्हें जेल भेजा जाए।
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