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नवोदय के छात्र शैलेश की गला दबाकर हुई थी हत्या

Tue, 06 Mar 2018 01:25 AM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर। Updated Tue, 06 Mar 2018 01:25 AM IST
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नवोदय के छात्र शैलेश की गला दबाकर हुई थी हत्या
शैलेश की फाइल फोटो। - फोटो : Amar Ujala
पीपीगंज के जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा 11 के छात्र शैलेश यादव की गला दबाकर हत्या की गई थी। स्कूल प्रबंधन ने इस घटना को हादसा बताया था लेकिन सोमवार को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई है। यह रिपोर्ट जल्द ही पुलिस को उपलब्ध करा दी जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुए इस खुलासे से विद्यालय प्रबंधन सवालों के घेरे में है। मौत के कारणों का जो दावा प्रबंधन की तरफ से किया गया था, वह झूठा साबित हुआ।
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गुलरिहा के सोनराइच गांव निवासी राजेंद्र यादव का 16 वर्षीय बेटा शैलेश यादव जवाहर नवोदय विद्यालय पीपीगंज में 11वीं का छात्र था। वह उदयगिरी हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा था। रविवार शाम पांच बजे के करीब शैलेश की मौत हो गई। उसका शव स्कूल परिसर के ही शिवालिक हॉस्टल के पीछे मिला था। तब स्कूल प्रबंधन ने कहा था कि शैलेश छत से गिरा और उसकी मौत हो गई। कुछ देर बाद करंट लगने और झटके से नीचे गिरकर शैलेश के मरने का तर्क दिया गया। मामला छात्र के परिवारीजन और पुलिस तक पहुंचा तो शव को पोस्टमार्टम के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज भेजा गया।
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सोमवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो शैलेश के घर वालों के पैर के नीचे से जमीन खिसक गई। परिवार के लोगों के मुताबिक रिपोर्ट से पता चला कि शैलेश की गला दबाकर हत्या की गई। उसके शरीर पर कई जगह चोट के निशान भी मिले हैं। ऐसा लगता है कि हत्या के बाद शव को फेंका गया था ताकि हादसे का रूप दिया जा सके। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर दिन भर शिक्षक, विद्यार्थी और मृत शैलेश के सगे-संबंधी जमे रहे। रिपोर्ट आने के बाद उन्होंने हंगामा भी किया लेकिन गुलरिया पुलिस ने मामला संभाल लिया। बहरहाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट मंगलवार तक पीपीगंजपुलिस को मिल सकती है।
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नवोदय विद्यालय समिति ने भी शुरू की जांच
जवाहर नवोदय विद्यालय में छात्र शैलेश की मौत की जांच भी शुरू हो गई। नवोदय विद्यालय समिति के उपायुक्त के निर्देश पर सहायक आयुक्त अंबेश कुमार ने सोमवार को स्कूल पहुंचकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी। सूत्रों की माने तो सहायक आयुक्त की जांच में भी मामला संदिग्ध मिला है। जिस हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से शैलेश की मौत की बात कही जा रही थी, वह हॉस्टल की छत से करीब तीन फीट दूर है। इतनी दूर स्थित हाईटेंशन लाइन की चपेट में शैलेश कैसे आ गया, इसका जवाब विद्यालय प्रबंधन के पास नहीं है। बहरहाल, सहायक आयुक्त ने जांच अगले तीन दिनों में पूरी करने की बात कही है। उनका कहना है कि रिपोर्ट नवोदय विद्यालय समिति के उपायुक्त को देंगे। इस पर वह किसी तरह की चर्चा अभी नहीं कर सकते क्योंकि जांच और रिपोर्ट दोनों गोपनीय होती है। सहायक आयुक्त ने कहा कि मामले में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

शिवालिक हॉस्टल कैसे पहुंचा शैलेश
जवाहर नवोदय विद्यालय के उदयगिरी हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करने वाला शैलेश शिवालिक हॉस्टल कैसे पहुंचा, इसका जवाब भी स्कूल प्रबंधन के पास नहीं है। दरअसल, शैलेश का शव शिवालिक हॉस्टल के पीछे मिला था। इसका मतलब है कि वह घटना से पहले इसी हॉस्टल के छत पर था। वह दूसरे हॉस्टल की छत पर क्यों गया, यह सवाल अनसुलझा है।

सहपाठियों, स्कूल प्रबंधन से पूछताछ संभव
पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद पीपीगंज पुलिस मुकदमा दर्ज करके स्कूल प्रबंधन और सहपाठियों से पूछताछ करेगी। सबसे पहले शैलेश के उन दो सहपाठियों से पूछताछ हो सकती है, जिन्होंने शैलेश के छत से गिरने और उसके करंट की चपेट में आने की कहानी सुनाई थी। स्कूल प्रबंधन को बताया था कि शैलेश छत पर बैठक मूंगफली खा रहा था, तभी अचानक हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया।

आज मुकदमा दर्ज कराएंगे परिजन
शैलेश यादव का अंतिम संस्कार सोमवार को गांव के पास ही कर दिया गया। उनके पिता राजेंद्र कृष्ण यादव ने कहा कि बेटे की हत्या की गई है। मंगलवार को पीपीगंज पुलिस को वह तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराएंगे। इस मामले में विद्यालय प्रबंधन की भूमिका संदिग्ध लग रही है। पुलिस को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करके कार्रवाई करनी चाहिए।

मेधावी था शैलेश
मूल रूप से हुमायूंपुर का रहने वाला शैलेश पिता के साथ नेवासा पर गुलरिया में रह रहा था। वह मेधावी था। नाहरपुर गांव स्थित सरस्वती विद्या मंदिर से कक्षा पांच तक की पढ़ाई पूरी करने के बाद शैलेश ने जवाहर नवोदय विद्यालय में दाखिले का टेस्ट दिया। पहले ही प्रयास में उसे सफलता मिल गई। कक्षा छह, सात, आठ की परीक्षा उसने अच्छे मॉर्क्स से पास की। शैलेश दो भाई और तीन बहनों में सबसे बड़ा था। उससे पिता और परिवार को बड़ी उम्मीदें थीं लेकिन उसकी मौत के साथ ही उम्मीदें खत्म हो गईं।


मजदूरी कर परिवार का खर्च चलाते हैं पिता
पीपीगंज। शैलेश यादव के पिता मजदूरी कर परिवार का खर्च चलाते हैं। वर्ष 2012 में जब शैलेश का दाखिला नवोदय विद्यालय में हुआ था, तब पिता की खुशी का ठिकाना नहीं था। वह सोच रहे थे कि कुछ समय बाद मुफलिसी दूर हो जाएगी। बेटा पढ़-लिखकर कुछ बन जाएगा लेकिन सपनों पर कुठराघात हो गया। पिता और मां के साथ ही भाई अखिलेश, बहन साधना, सविता और शालू का रो-रोकर बुरा हाल है। शैलेश की मौत से गुलरिहा स्थित गांव में मातम पसरा हुआ है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का लिफाफा मिला है। इसका अध्ययन मंगलवार को किया जाएगा। रिपोर्ट में जो भी होगा, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- देवेंद्र कुमार सिंह, एसओ, पीपीगंज थाना

पुलिस, नवोदय विद्यालय समिति पूरे मामले की जांच कर रही है। इस पर अभी कुछ कह पाना संभव नहीं है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
- टी. लक्ष्मी राजम थल्ला, प्रधानाचार्य
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