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लेखपालों ने वकील को पीटा, तहसील में जमकर हंगामा

Fri, 22 Dec 2017 09:09 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Fri, 22 Dec 2017 09:09 PM IST
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लेखपालों ने वकील को पीटा, तहसील में जमकर हंगामा
मारपीट की घटना के बाद प्रदर्शन करते वकील। - फोटो : Amar Ujala
वरासत के मामले में मुवक्किल की पैरवी करने आए अधिवक्ता और लेखपालों के बीच सदर तहसील में विवाद हो गया। आरोप है कि लेखपालों ने मिलकर अधिवक्ता को कमरे में बंद कर पिटाई कर दी। इसकी सूचना मिलते ही दीवानी और कलेक्ट्रेट के 100 से अधिक अधिवक्ता एकत्रित हो गए और तहसील में हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने लेखपालों की भी तलाश की, लेकिन वहां कोई मिला नहीं। सभी लेखपाल काम बंद कर तहसील से हट गए थे। आरोपी लेखपालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के साथ ही उन्हें निलंबित करने के आश्वासन पर अधिवक्ता शांत हुए। देर शाम लेखपाल गंगा सिंह और ओम प्रकाश पासवान समेत अन्य लोगों के खिलाफ कैंट थाने में डकैती व भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज हो गया।
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शुक्रवार दोपहर 1.30 बजे के करीब अधिवक्ता मनीष यादव अपने मुवक्किल उमा यादव और रामधनी यादव के साथ वरासत कराने के लिए सदर तहसील गए थे। इसी दौरान मुवक्किल और लेखपालों के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि मनीष ने दखल दी तो लेखपालों ने उनकी पिटाई कर दी और मौके से फरार हो गए। हालांकि लेखपालों का कहना है कि उन्होंने अधिवक्ता की पिटाई नहीं की। वह गाली दे रहे थे, जिसका उन्होंने सिर्फ विरोध किया था। मनीष ने तहरीर में यह भी आरोप लगाया है कि लेखपाल ने उनके मुवक्किल से 10 हजार रुपये की मांग की थी। रकम न देने पर उन्होंने विवाद शुरू कर दिया और उनके मुवक्किल व उनकी पिटाई कर दी। लेखपालों ने विवाद के दौरान उनके दो हजार रुपये भी छीन लिए।
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सूचना मिलते ही दौड़े अफसर
नगर निगम विवाद के बाद अधिवक्ताओं का कार्य बहिष्कार अभी चल ही रहा था कि शुक्रवार को हुई इस घटना ने प्रशासन और पुलिस अफसरों के माथे पर बल ला दिया। घटना की सूचना मिलते ही एडीएम (सिटी) रजनीश चंद्र, एसपी (सिटी) विनय सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट विवेक श्रीवास्तव समेत भारी संख्या में पुलिस सदर तहसील पहुंच गई। अफसरों की एसडीएम सदर के दफ्तर में अधिवक्ताओं के साथ करीब एक घंटे तक वार्ता चली। बाद में लेखपालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने और विभागीय कार्रवाई के आश्वासन पर अधिवक्ता माने।
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बार एसोसिएशन ने गिरफ्तारी की मांग की
तहसील में हुई घटना के बाद बार एसोसिएशन ने बैठक की। सभी अधिवक्ताओं ने घटना की निंदा करते हुए पिटाई करने वाले लेखपालों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करेंगे।


लेखपालों ने दी आंदोलन की चेतावनी
जिला लेखपाल संघ के अध्यक्ष नीलकंठ दूबे का कहना है कि लेखपालों ने अधिवक्ता मनीष की पिटाई नहीं की बल्कि उल्टे मनीष और उनके मुवक्किलों ने लेखपालों को पीटा है। उन्होंने लेखपालों को गालियां दीं और एक साथी को जातिसूचक शब्द कहे। अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि अधिवक्ताओं ने कई सरकारी अभिलेख भी फाड़ दिए। उन्होंने कहा कि हमारे साथी डरे हुए थे और अधिवक्ताओं को उग्र देख तहसील से हट गए। पीड़ित लेखपालों की तरफ से तहरीर दी जा रही है। अगर दोषी अधिवक्ताओं पर मुकदमा नहीं दर्ज हुआ तो वे काम-काज ठप कर आंदोलन शुरू करेंगे।
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