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डॉक्टर पर किडनी निकालने का आरोप, दर्ज होगा केस
Thu, 11 Apr 2019 12:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 11 Apr 2019 12:46 AM IST
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गोरखपुर। ऑपरेशन के दौरान किडनी निकाले जाने का मामला सामने आया है। कोर्ट पहुंची महिला ने डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाते हुए केस दर्ज करने की मांग की थी। मामले में एसीजेएम दीपक कुमार जायसवाल ने शाहपुर एसओ को डॉ. जेपी गुप्ता के खिलाफ केस दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया।
महादेव झारखंडी टुकड़ा नंबर तीन गायत्रीपुरम कॉलोनी निवासी रीमा भारती ने कोर्ट को बताया कि उनके पेट में दर्द था। डॉ. मीना अग्रवाल के सलाह पर तीन अगस्त 2016 को उन्होंने अल्ट्रासाउंड कराया। तो दाहिने किडनी में पथरी मिली। 21 अक्टूबर 16 को एक अन्य डायग्नोस्टिक सेंटर पर भी अल्ट्रासाउंड कराया दोनों ही रिपोर्ट में दोनों किडनी मौजूद थी। इसके बाद वह इलाज के लिए फातिमा हास्पिटल में डॉ. जेपी गुप्ता के पास गई, उन्होंने ऑपरेशन की सलाह दी। 15 नवंबर 2016 को ऑपरेशन हुआ और 21 नवंबर को डिस्चार्ज कर दिया गया। 13 नवंबर 2017 को पेट में दोबारा दर्द हुआ तो अल्ट्रासाउंड कराया गया, पता चला कि एक किडनी नहीं है। जबकि 2016 की रिपोर्ट में दोनों किडनी मौजूद पाई गईं थीं। किडनी न होने की पुष्टि एक और महिला डॉक्टर की जांच में भी हुई। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।
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महादेव झारखंडी टुकड़ा नंबर तीन गायत्रीपुरम कॉलोनी निवासी रीमा भारती ने कोर्ट को बताया कि उनके पेट में दर्द था। डॉ. मीना अग्रवाल के सलाह पर तीन अगस्त 2016 को उन्होंने अल्ट्रासाउंड कराया। तो दाहिने किडनी में पथरी मिली। 21 अक्टूबर 16 को एक अन्य डायग्नोस्टिक सेंटर पर भी अल्ट्रासाउंड कराया दोनों ही रिपोर्ट में दोनों किडनी मौजूद थी। इसके बाद वह इलाज के लिए फातिमा हास्पिटल में डॉ. जेपी गुप्ता के पास गई, उन्होंने ऑपरेशन की सलाह दी। 15 नवंबर 2016 को ऑपरेशन हुआ और 21 नवंबर को डिस्चार्ज कर दिया गया। 13 नवंबर 2017 को पेट में दोबारा दर्द हुआ तो अल्ट्रासाउंड कराया गया, पता चला कि एक किडनी नहीं है। जबकि 2016 की रिपोर्ट में दोनों किडनी मौजूद पाई गईं थीं। किडनी न होने की पुष्टि एक और महिला डॉक्टर की जांच में भी हुई। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।
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