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धोखेबाज बारातियों को बंधक बनाया, थाने में पंचायत
Updated Thu, 08 Jun 2017 01:59 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सिकरीगंज।
भरपुरवा गांव में मंगलवार रात शादी के दौरान जमकर बवाल हुआ। धोखे से शादी तय करने वाले परिवार की हकीकत सामने आने पर घरातियों ने दूल्हा और बारातियों को बंधक बना लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले आई। थाने में दिन भर पंचायत चली, मगर कोई हल नहीं निकल सका। लड़की वाले अब शादी से इन्कार कर खर्च हुए रुपये की मांग कर रहे हैं।
सहजनवां थाना क्षेत्र के जैतपुर निवासी रामरतन शर्मा के बेटे पुरुषोत्तम की शादी महराजगंज के घुघली गांव में तय थी। किन्हीं कारणों से शादी टूट गई। इसके बाद रामरतन ने भरपुरवा गांव में शादी तय की। वहां लड़की वालों को उन्होंने बेटे को एक प्राइवेट कंपनी का अफसर बताया। इसके बाद छह जून को शादी तय हुई। आरोप है कि शादी के छह दिन पहले राम रतन कुछ महिलाओं के साथ सिकरीगंज स्थित महालक्ष्मी वस्त्रालय गए। एक सीओ के फोन पर मालिक रणविजय सिंह ने दुकान खोलने को कहा। रामरतन ने वहां से 75 हजार की साड़ी और दूसरे कपड़े पैक कराए। इसके बाद महिलाओं ने दो साड़ी निकाल ली और पास में ही जाने की बात बोलकर निकल गईं। कुछ देर बाद वापस न आने पर रामरतन ने बिल की फोटोकॉपी करा ली और महिलाओं को बुलाकर लाने की बात कहकर निकल गए।
छह जून को वह कई गाड़ियों में बारात लेकर भरपुरवा गांव पहुंचे। वहां गाड़ी वाले रुपये मांगने लगे तो लड़की पक्ष को शक हो गया। इसके बाद शादी के दौरान जब लड़के वालों ने दो साड़ी चढ़ाई तो लड़की वाले हंगामा करने लगे। उनका कहना था कि बिल 75 हजार का दिखाया था और कपड़ों में केवल दो ही साड़ी चढ़ाई। इसी पर बात बिगड़ गई तो रामरतन का भाई चंद्रशेखर फायरिंग कर फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले आई, जहां देर रात तक चली पंचायत में कोई हल नही निकल सका था।
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सिकरीगंज।
भरपुरवा गांव में मंगलवार रात शादी के दौरान जमकर बवाल हुआ। धोखे से शादी तय करने वाले परिवार की हकीकत सामने आने पर घरातियों ने दूल्हा और बारातियों को बंधक बना लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले आई। थाने में दिन भर पंचायत चली, मगर कोई हल नहीं निकल सका। लड़की वाले अब शादी से इन्कार कर खर्च हुए रुपये की मांग कर रहे हैं।
सहजनवां थाना क्षेत्र के जैतपुर निवासी रामरतन शर्मा के बेटे पुरुषोत्तम की शादी महराजगंज के घुघली गांव में तय थी। किन्हीं कारणों से शादी टूट गई। इसके बाद रामरतन ने भरपुरवा गांव में शादी तय की। वहां लड़की वालों को उन्होंने बेटे को एक प्राइवेट कंपनी का अफसर बताया। इसके बाद छह जून को शादी तय हुई। आरोप है कि शादी के छह दिन पहले राम रतन कुछ महिलाओं के साथ सिकरीगंज स्थित महालक्ष्मी वस्त्रालय गए। एक सीओ के फोन पर मालिक रणविजय सिंह ने दुकान खोलने को कहा। रामरतन ने वहां से 75 हजार की साड़ी और दूसरे कपड़े पैक कराए। इसके बाद महिलाओं ने दो साड़ी निकाल ली और पास में ही जाने की बात बोलकर निकल गईं। कुछ देर बाद वापस न आने पर रामरतन ने बिल की फोटोकॉपी करा ली और महिलाओं को बुलाकर लाने की बात कहकर निकल गए।
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छह जून को वह कई गाड़ियों में बारात लेकर भरपुरवा गांव पहुंचे। वहां गाड़ी वाले रुपये मांगने लगे तो लड़की पक्ष को शक हो गया। इसके बाद शादी के दौरान जब लड़के वालों ने दो साड़ी चढ़ाई तो लड़की वाले हंगामा करने लगे। उनका कहना था कि बिल 75 हजार का दिखाया था और कपड़ों में केवल दो ही साड़ी चढ़ाई। इसी पर बात बिगड़ गई तो रामरतन का भाई चंद्रशेखर फायरिंग कर फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले आई, जहां देर रात तक चली पंचायत में कोई हल नही निकल सका था।
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