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जेल में बवाल: 21 नामजद समेत 271 बंदियों पर केस, डिप्टी जेलर के साथ हुई थी मारपीट
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फाइल फोटो
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मंडलीय कारागार में शुक्रवार को बवाल करने के मामले में शाहपुर पुलिस ने शनिवार को 21 नामजद और 250 अज्ञात बंदियों के खिलाफ बलवा, सरकारी काम में बाधा डालने, लोक संपत्ति नष्ट करने, धमकी, मारपीट की धाराओं में केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
बंदी रक्षक हरीश मिश्रा की तहरीर पर यह मुकदमा दर्ज किया गया है। माना जा रहा है कि सीसीटीवी कैमरे तोड़े जाने की वजह से बवाल में शामिल बंदियों की पहचान मुश्किल होगी। हालांकि जेल प्रशासन का दावा है कि बंदी कुछ ही कैमरों को तोड़ पाए हैं, वारदात में शामिल बंदियों की पहचान कर ली जाएगी।
दर्ज केस के मुताबिक 10 अक्तूबर को सेशन हवालात पर पेशी के दौरान बंदी कोईल यादव उर्फ दयाशंकर और उसके साथी ने बंदी रोहित शाही व उसके साथी नवनीत आदि के साथ मारपीट की थी। मारपीट की शिकायत रोहित शाही ने जेल में आने के बाद की थी। आपसी गुटबाजी व मारपीट रोकने के उद्देश्य से दोनों पक्ष को बुलाकर सख्त हिदायत दी गई थी।
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प्रशासनिक कार्रवाई से बचने के लिए कोईल यादव शुक्रवार की सुबह गिनती के समय अपने बैरक से गणना स्थल पर आया और गाली देने लगा। इसी दौरान प्रधान बंदी रक्षक मुन्ना लाल आदि पर बंदियों ने हमला कर दिया। अन्य बैरकों के बंदी भी हाते व किचन में तोड़फोड़ किए। बंदियों ने बंदी रक्षकों से तीसरे गेट की चाबी छीनकर गेट बंद कर दिया था। इस दौरान बंदियों ने ईंट पत्थर चलाने के साथ ही डिप्टी जेलर प्रभाकांत पांडेय को घेरकर मारपीट की और उनकी वर्दी भी फाड़ दी। जेलर से भी हाथापाई की गई।
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बंदी रक्षक हरीश मिश्रा की तहरीर पर यह मुकदमा दर्ज किया गया है। माना जा रहा है कि सीसीटीवी कैमरे तोड़े जाने की वजह से बवाल में शामिल बंदियों की पहचान मुश्किल होगी। हालांकि जेल प्रशासन का दावा है कि बंदी कुछ ही कैमरों को तोड़ पाए हैं, वारदात में शामिल बंदियों की पहचान कर ली जाएगी।
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दर्ज केस के मुताबिक 10 अक्तूबर को सेशन हवालात पर पेशी के दौरान बंदी कोईल यादव उर्फ दयाशंकर और उसके साथी ने बंदी रोहित शाही व उसके साथी नवनीत आदि के साथ मारपीट की थी। मारपीट की शिकायत रोहित शाही ने जेल में आने के बाद की थी। आपसी गुटबाजी व मारपीट रोकने के उद्देश्य से दोनों पक्ष को बुलाकर सख्त हिदायत दी गई थी।
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प्रशासनिक कार्रवाई से बचने के लिए कोईल यादव शुक्रवार की सुबह गिनती के समय अपने बैरक से गणना स्थल पर आया और गाली देने लगा। इसी दौरान प्रधान बंदी रक्षक मुन्ना लाल आदि पर बंदियों ने हमला कर दिया। अन्य बैरकों के बंदी भी हाते व किचन में तोड़फोड़ किए। बंदियों ने बंदी रक्षकों से तीसरे गेट की चाबी छीनकर गेट बंद कर दिया था। इस दौरान बंदियों ने ईंट पत्थर चलाने के साथ ही डिप्टी जेलर प्रभाकांत पांडेय को घेरकर मारपीट की और उनकी वर्दी भी फाड़ दी। जेलर से भी हाथापाई की गई।
इनके खिलाफ दर्ज हुआ केस
इनके खिलाफ दर्ज हुआ केसकोईल यादव, दानिश अली, रोजन अली, जितेंद्र पासवान उर्फ लादेन, संजीत कुमार, छोटू अंसारी उर्फ जावेद, सैय्यद यासिर अली, गोविंद यादव, राहुल कुमार यादव, रामा यादव, राजकुमार उर्फ राजू यादव, जितेंद्र यादव, जिसान, संतोष यादव, चंदन राय, मोनू, फैजल, आतम साहनी, रविशंकर, दुर्गेश, हृदय राय और बैरक नंबर 1, 2, 8,9, 10, 13 व 14 के लगभग 250 बंदी।
तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर मामले की छानबीन की जा रही है। कैमरों की मदद से अज्ञात की शिनाख्त कर उनके नाम भी विवेचना के दौरान बढ़ाए जाएंगे। डॉ. कौस्तुभ, एसपी (सिटी )
तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर मामले की छानबीन की जा रही है। कैमरों की मदद से अज्ञात की शिनाख्त कर उनके नाम भी विवेचना के दौरान बढ़ाए जाएंगे। डॉ. कौस्तुभ, एसपी (सिटी )