फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Adoption of the same syllabus in universities

विश्वविद्यालयों में समान पाठ्यक्रम लागू करने पर लगी मुहर

Mon, 18 Nov 2019 10:06 PM IST
Avdhesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: Avdhesh Kumar Updated Mon, 18 Nov 2019 10:06 PM IST
विज्ञापन
Adoption of the same syllabus in universities
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों का स्नातक स्तर का पाठ्यक्रम समान होगा। इसपर शासन स्तर से गठित कमेटी ने सोमवार को अपनी मुहर लगा दी। अब इसे शासन को भेजा जाएगा। सत्र 2020-2021 से यह पाठ्यक्रम लागू करने की तैयारी है। समान पाठ्यक्रम को रोजगारपरक बनाया गया है। सभी विश्वविद्यालयों को 70 फीसदी समान पाठ्यक्रम अनिवार्य रूप से लागू करना है। 30 फीसदी पाठ्यक्रम स्थानीय स्तर पर लागू किए जा सकते हैं। 
विज्ञापन


गोरखपुर विश्वविद्यालय में सोमवार को बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी के तत्कालीन कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय टीम ने सभी विश्वविद्यालयों से आए विभिन्न विषयों के पाठ्यक्रम का गहनता से अध्ययन किया। इसके बाद इसे लागू करने पर अपनी सहमति दे दी। 
विज्ञापन


समिति के अध्यक्ष प्रो सुरेंद्र दुबे ने पत्रकारों से बातचीत कहा कि कौशल विकास को देखते हुए परंपरागत पाठ्यक्रमों को अपडेट करके रोजगार के लायक बनाया गया है। इसमें मौजूदा के समय के रिसर्च को शामिल किया गया है। प्रो सुरेंद्र दुबे ने बताया कि प्रत्येक पाठ्यक्रम को चार यूनिट में बनाया गया है। ताकि शार्टकट की गुंजाइश न रहे। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं में विद्यार्थियों को लाभ होगा क्योंकि सभी विश्वविद्यालयों में एक ही पाठ्यक्रम पढ़ाया जा सके। 
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रो दुबे ने बताया कि समान पाठ्यक्रम प्रस्ताव को संस्तुति के साथ शासन को इस अपेक्षा से भेजा जाएगा कि वह विश्वविद्यालय को निर्देशित करे कि वे अपने यहां स्थानीय निकाय से पारित कराकर भेजें। उन्होंने बताया कि जिन विश्वविद्यालयों में पाठ्यक्रम तैयार नहीं हुए हैं, वे शत प्रतिशत इसे लागू कर सकते हैं। 

इस दौरान समिति के सदस्य गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो वीके सिंह, लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति प्रो यूएन द्विवेदी, आगरा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अरविंद दीक्षित, बरेली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अनिल शुक्ल, उ.प्र. उच्च शिक्षा परिषद के अपर सचिव डॉ आरके चतुर्वेदी मौजूद रहे। 

अंतरविश्वविद्यालीय ट्रांसफर होगा आसान

समान पाठ्यक्रम लागू होने से एक विश्वविद्यालय से दूसरे विश्वविद्यालय में विद्यार्थी प्रवेश ले सकेंगे। अभी नियम है कि आवेदन आने पर उसे विश्वविद्यालय की कमेटी के पास भेजा जाता है। दोनों विश्वविद्यालय में 70 फीसदी पाठ्यक्रम कॉमन होना चाहिए। अगर ऐसा नहीं है तो कमेटी प्रवेश की अनुमति नहीं देती है। 

22 महीने, 7 बैठकों में फाइनल हुआ पाठ्यक्रम

प्रदेश के सभी 15 विश्वविद्यालयों में एक समान पाठ्यक्रम लागू करने की तैयारी 22 महीने पहले जनवरी 2018 में शुरू की गई। कुल सात बैठकें हुईं। अंतिम बैठक गोरखपुर विश्वविद्यालय में हुई है जिसमें सहमति बन गई। 

गोरखपुर में कला व लखनऊ में बना विज्ञान संकाय का पाठ्यक्रम

समान पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए अलग-अलग विश्वविद्यालयों को जिम्मेदारियां दी गई थी। गोरखपुर विश्वविद्यालय में कला संकाय और विधि संकाय का पाठ्यक्रम तैयार किया गया तो लखनऊ विश्वविद्यालय में विज्ञान संकाय के पाठ्यक्रम बने। 

इसी तरह भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा में कृषि व गृह विज्ञान, ज्योतिबाबाई फूले विश्वविद्यालय में शिक्षाशास्त्र, प्राचीन इतिहास और राजनीति शास्त्र का पाठ्यक्रम मेरठ विश्वविद्यालय, भौतिक विज्ञान का पूर्वांचल विश्वविद्यालय, प्रतिरक्षा अध्ययन का राजेंद्र सिंह उर्फ रज्जू भैया विवि इलाहाबाद ने तैयार किया है।

ये फायदे होंगे

- पाठ्यक्रम स्टूडेंट फ्रेंडली होगा। 
- संबद्धता वाले यूनिवर्सिटी में भी पाठ्यक्रम अपडेट होगा।
- प्रतियोगी परीक्षाओं में एक जैसा पाठ्यक्रम मिलेगा।
- इंटर यूनिवर्सिटी स्टूडेंट ट्रांसफर आसान होगा।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed