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स्वास्थ्य मंत्री को बना दिया खजनी का मतदाता
Gorakhpur
Updated Fri, 25 Jan 2013 05:30 AM IST
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गोरखपुर। अंबेडकरनगर, जलालपुर के अहमद हसन प्रदेश सरकार में स्वास्थ्य मंत्री हैं। पर आपको ये जानकर आश्चर्य होगा कि वे जिले के खजनी विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 58 पर भी मतदाता हैं। उनका मतदाता पहचान पत्र भी बना है। स्वास्थ्य मंत्री ही नहीं बसपा के जोनल कोआर्डिनेटर उदयभान और सपा के जिला कार्यकारिणी सदस्य धर्मराज यादव भी इसी विधानसभा क्षेत्र के मतदाता बना दिए गए हैं। ये दोनों लोग बूथ नंबर 233 पर मतदाता हैं। उदयभान बस्ती जिले के कुदरहां, जबकि धर्मराज गोरखपुर के कैम्पियरगंज तहसील के मूल निवासी हैं।
मतदाता पहचान पत्र बनाने का काम कितनी सजगता और जिम्मेदारी से किया जा रहा है,इन मामलों से आप इसका अंदाज लगा सकते हैं। कई चरणों में बने चेक प्वाइंट पर कितनी ईमानदारी से काम हो रहा है, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। इन तीन गण्मान्य में से कम से कम अहमद हसन तो ऐसे हैं जिनके चेहरे और नाम से अधिकांश सरकारी कर्मचारी वाकिफ होेंगे। इसके बावजूद इनका आई कार्ड बनना और वोटर लिस्ट में नाम चढ़ना हैरतअंगेज है। अगर संबंधित इलाके के बीएलओ ने आवेदन की भौतिक जांच की होती तो शायद ही खजनी के बघैला गांव के मकान नंबर 25 में स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन उन्हें मिले होते। इसी तहसील के बुधनापार गांव में बसपा कोआर्डिनेटर उदयभान और सपा जिला कार्यकारिणी सदस्य धर्मराज यादव से भी मुलाकात मुमकिन नहीं थी। बीएलओ की चूक को इलाके के कानूनगो और तहसीलदार ने भी अनदेखा किया, जिसका परिणाम था कि इन तीनों लोगों का नाम न केवल वोटर लिस्ट में पड़ा बल्कि उनका मतदाता पहचान पत्र भी बन गया।
मतदाता पहचान पत्र बनाने का काम कितनी सजगता और जिम्मेदारी से किया जा रहा है,इन मामलों से आप इसका अंदाज लगा सकते हैं। कई चरणों में बने चेक प्वाइंट पर कितनी ईमानदारी से काम हो रहा है, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। इन तीन गण्मान्य में से कम से कम अहमद हसन तो ऐसे हैं जिनके चेहरे और नाम से अधिकांश सरकारी कर्मचारी वाकिफ होेंगे। इसके बावजूद इनका आई कार्ड बनना और वोटर लिस्ट में नाम चढ़ना हैरतअंगेज है। अगर संबंधित इलाके के बीएलओ ने आवेदन की भौतिक जांच की होती तो शायद ही खजनी के बघैला गांव के मकान नंबर 25 में स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन उन्हें मिले होते। इसी तहसील के बुधनापार गांव में बसपा कोआर्डिनेटर उदयभान और सपा जिला कार्यकारिणी सदस्य धर्मराज यादव से भी मुलाकात मुमकिन नहीं थी। बीएलओ की चूक को इलाके के कानूनगो और तहसीलदार ने भी अनदेखा किया, जिसका परिणाम था कि इन तीनों लोगों का नाम न केवल वोटर लिस्ट में पड़ा बल्कि उनका मतदाता पहचान पत्र भी बन गया।
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