{"_id":"5713a8424f1c1b802610fc11","slug":"95-percent-examinees-give-upsee","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपीएसईई में शामिल हुए 95 फीसदी परीक्षार्थी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपीएसईई में शामिल हुए 95 फीसदी परीक्षार्थी
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sun, 17 Apr 2016 08:44 PM IST
विज्ञापन
एमपी इंटर कॉलेज से यूपीएसई परीक्षा देकर निकलते परीक्षार्थी
- फोटो : mahesh kumar
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश के इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेजों में दाखिले के लिए आयोजित यूपी स्टेट एंट्रेंस एग्जाम (यूपीएसईई) रविवार को गोरखपुर जोन में सकुशल सम्पन्न हो गया। परीक्षा में पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 95 फीसदी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी की ओर से आयोजित इस परीक्षा के लिए गोरखपुर जोन (गोरखपुर, बस्ती, देवरिया व कुशीनगर) में कुल 19 केंद्र बनाए गए थे, जिनमें सर्वाधिक 13 केंद्र गोरखपुर में थे।
परीक्षा के नोडल अधिकारी दीपक सिंह दीक्षित ने बताया कि पहली पाली में बीटेक व बीफार्मा की प्रवेश परीक्षा हुई, जबकि दूसरी पाली में बीआर्क के लिए परीक्षा का आयोजन किया गया था। उन्होंने बताया कि गोरखपुर जोन में कुल 14,666 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें सबसे ज्यादा 11,395 अभ्यर्थियों ने गोरखपुर जिले में पंजीकरण कराया था।
विज्ञापन
बस्ती में तीन, देवरिया में दो और कुशीनगर में एक परीक्षा केंद्र बनाया गया था। परीक्षा के दौरान पहली बार विद्यार्थियों की बायोमेट्रिक्स उपस्थिति ली गई।
विज्ञापन
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी की ओर से आयोजित इस परीक्षा के लिए गोरखपुर जोन (गोरखपुर, बस्ती, देवरिया व कुशीनगर) में कुल 19 केंद्र बनाए गए थे, जिनमें सर्वाधिक 13 केंद्र गोरखपुर में थे।
विज्ञापन
परीक्षा के नोडल अधिकारी दीपक सिंह दीक्षित ने बताया कि पहली पाली में बीटेक व बीफार्मा की प्रवेश परीक्षा हुई, जबकि दूसरी पाली में बीआर्क के लिए परीक्षा का आयोजन किया गया था। उन्होंने बताया कि गोरखपुर जोन में कुल 14,666 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें सबसे ज्यादा 11,395 अभ्यर्थियों ने गोरखपुर जिले में पंजीकरण कराया था।
विज्ञापन
बस्ती में तीन, देवरिया में दो और कुशीनगर में एक परीक्षा केंद्र बनाया गया था। परीक्षा के दौरान पहली बार विद्यार्थियों की बायोमेट्रिक्स उपस्थिति ली गई।