बांसी(सिद्धार्थनगर)। मुंबई में एक साथ काम करने वाले दोस्त पर भरोसा भारी पड़ा। मुंबई से साथ खेसरहा आया दोस्त पीड़ित के घर एक माह रुका और उसकी बहन के जेवरात ले उड़ा। पीड़ित ने पुलिस को तहरीर दी। खेसरहा पुलिस ने जब गहने बरामद कर आरोपी युवक को पकड़ लिया तो युवक ने मित्रता धर्म को निभाते हुए आरोपी के खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्रवाई से इन्कार किया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक थाना खेसरहा के ग्राम बंजरहा बुजुर्ग निवासी एक शख्स मुंबई में वाहन चलता है। उसके साथ ही गाजीपुर जिले का निवासी एक शख्स भी रहता है। दुर्गापूजा के अवसर पर खेसरहा निवासी शख्स अपने गाजीपुर निवासी मित्र अपने साथ घर ले गया। यहां उसका मित्र करीब एक माह तक रुका। 28 अक्टूबर की सुबह मित्र अपने घर गाजीपुर चला गया चला गया। जाते-जाते वह अपने मित्र की बहने का मंगलसूत्र, कान का झुमका, बाली, मांग टीका, नथिया, नाक की कील, पाजेब, हाथ का गजरा, पायल, बिछिया आदि चुरा ले गया। गाजीपुर जाने पर उसने जेवरात अपनी प्रेमिका को दे दिए। जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम एसपी के निर्देश पर सक्रिय हुई। जांच के बाद पुलिस टीम ने आरोपी दोस्त को हिरासत में लिया। सख्ती से पूछताछ में पता चला कि आरोपी ने गहने अपनी गाजीपुर निवासी प्रेमिका को दे दिए हैं। पुलिस ने गहने तो बरामद कर लिए, लेकिन अब पीड़ित मित्र पर कार्रवाई से इंकार कर रहा है। एसओ खेसरहा रणधीर मिश्रा ने कहा कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए गाजीपुर में छापेमारी की तो आरोपी की प्रेमिका के घर से चोरी गए जेवरात बरामद कर लिए गए। वहीं पीड़ित ने आरोपी युवक के खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्रवाई से से इन्कार कर दिया।